CBI के शिकंजे में रांची रेलवे के 'बड़े साहब': 8.50 लाख के बिल भुगतान के बदले मांगी थी घूस, DCM से भी पूछताछ

Updated at : 25 Mar 2026 8:58 PM (IST)
विज्ञापन
CBI Raid in Ranchi

रांची में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर घूस लेते गिरफ्तार, Symbolic Pic Credit- AI

CBI Raid in Ranchi: रांची में 50 हजार की रिश्वत लेते चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर दबोचे गये हैं. ठेकेदार अजय त्यागी की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने सीनियर डीसीएम ऑफिस तक हड़कंप मचा दिया है. पढ़ें सीबीआई रेड की पूरी इनसाइड स्टोरी.

विज्ञापन

CBI Raid in Ranchi, रांची : राजधानी रांची के हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) दफ्तर में बुधवार को अचानक हड़कंप मच गयी. दरअसल खबर ये है कि सीबीआई की एक टीम ने रेलवे चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी का नाम हिमांशु शेखर है. साथ ही सीनियर डीसीएम सूची सिंह से भी पूछताछ हो रही है. इससे पहले बिना किसी पूर्व सूचना के सीबीआई की टीम सुबह वहां पहुंच गयी. इसके बाद टीम के सभी सदस्य सबसे पहले सीधे वाणिज्य शाखा में गयी और वहां से संबंधित दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की पड़ताल में जुट गये.

चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर ने मांगी 50 हजार की घूस

जानकारी के मुताबिक सीबीआई को ठेकेदार अजय त्यागी ने लिखित शिकायत की थी कि उसका 8.50 लाख रुपये का बिल बकाया है. इस बिल के भुगतान के लिए चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर 50 हजार रुपये घूस मांग रहा है. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि आरोपी अफसर इस रकम में सीनियर डीसीएम की हिस्सेदारी होने की भी बात कर रहा है. सीबीआई ने इस शिकायत का सत्यापन किया और फिर मामला सही पाये जाने पर संबंधित अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

इमरजेंसी कोटा आवंटन पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह भी शिकायत मिल रही थी कि हटिया रेल मंडल में इमरजेंसी कोटा के वितरण में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है. आरोप है कि जिन परिस्थितियों के लिए यह कोटा निर्धारित है, वहां इसका उपयोग नहीं हो रहा, बल्कि प्रभावशाली लोगों और बिचौलियों के जरिये इसका नजायज तरीके से फायदा उठाया जा रहा है.

Also Read: असम के रण में उतरेंगे CM हेमंत के सिपाही, JMM ने जारी की 20 ‘स्टार प्रचारकों’ की लिस्ट, यहां देखें पूरी सूची

रिकॉर्ड और डेटा की गहन जांच

जांच टीम पिछले कुछ महीनों में किये गये आवंटनों से जुड़े दस्तावेजों और कंप्यूटर में उपलब्ध डाटा की बारीकी से जांच कर रही है. इस दौरान संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से प्रक्रिया को लेकर जानकारी भी ली जा रही है. यह जानने की कोशिश हो रही है कि कोटा देने के मानदंडों का पालन हुआ या नहीं.

संभावित मिलीभगत पर फोकस

पूरी जांच का केंद्र इस बात पर है कि कहीं रेलवे कर्मियों और बाहरी लोगों के बीच कोई समन्वय तो नहीं, जिसके जरिये पैसे लेकर टिकट उपलब्ध कराये जाते हों. अगर ऐसा पाया जाता है, तो यह गंभीर अनियमितता मानी जायेगी.

दफ्तर में बढ़ी सतर्कता, जांच जारी

जैसे ही सीबीआई की टीम पहुंची, कार्यालय परिसर में आवाजाही पर नियंत्रण कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. फिलहाल जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ अन्य अहम तथ्य सामने आ सकते हैं.

Also Read: झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola