जैक इंटर आर्ट्स में थर्ड पोजिशन लाने वाली मजदूर की बेटी अंशु को मिला सम्मान

पंचायत की पूर्व मुखिया रुमिला देवी और समाजसेवी जीतनाथ बेदिया से सम्मान लेती अंशु कुमारी. फोटो: प्रभात खबर
Ranchi News: रांची के चेटर गांव की अंशु कुमारी ने जैक इंटर कला परीक्षा 2026 में 94.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे झारखंड में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. दिहाड़ी मजदूर की बेटी की इस सफलता से गांव में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने सरकार से उच्च शिक्षा में सहयोग की मांग की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पिठोरिया से सुजीत कुमार केशरी की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की ओर से 6 मई 2026 को जारी इंटर परीक्षा के रिजल्ट में रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र की कोकदोरो पंचायत के चेटर गांव की छात्रा अंशु कुमारी ने आर्ट्स में थर्ड स्टेट टॉपर बनी है. पूरे राज्य में तीसरा स्थान हासिल करने की खुशी में शुक्रवार को अंशु कुमारी को सम्मानित किया गया. अंशु कुमारी ने प्रोजेक्ट प्लस 2 उच्च विद्यालय सदमा से 12वीं की परीक्षा दी थी. उन्होंने 94.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया. अंशु चेटर गांव निवासी श्रवण लोहरा की पुत्री हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल किया.
सीमित संसाधनों में मेहनत से हासिल की सफलता
अंशु कुमारी की सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत से भरी हुई है. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार सीमित संसाधनों में जीवन यापन करता है. इसके बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी. स्थानीय लोगों के अनुसार अंशु की पढ़ाई में उनके माता-पिता के साथ-साथ मामा और नानी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. परिवार के सभी सदस्यों ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी. यही कारण है कि आज अंशु ने पूरे झारखंड में अपनी अलग पहचान बनाई है. ग्रामीणों का कहना है कि अंशु बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने का सपना देखती थीं. उनकी सफलता अब गांव के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन गई है.
गांव में खुशी का माहौल, लोगों ने किया सम्मानित
अंशु कुमारी की उपलब्धि की खबर मिलते ही पूरे चेटर गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. पंचायत की पूर्व मुखिया रुमिला देवी, समाजसेवी सह भाजपा नेता जीतनाथ बेदिया, सुरेश राम, ग्राम प्रधान सोमा उरांव, तीर्थनाथ मुण्डा और नरेश बेदिया समेत कई लोग उनके घर पहुंचे. सभी ने अंशु को बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस दौरान गांव के लोगों ने अंशु और उनके परिवार का उत्साह बढ़ाया. पूर्व मुखिया रुमिला देवी ने कहा कि गांव की बेटी ने मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर यह सफलता हासिल की है. इससे पूरे पंचायत का गौरव बढ़ा है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी अवसर मिलने पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.
आगे की पढ़ाई में सहयोग का भरोसा
समाजसेवी और भाजपा नेता जीतनाथ बेदिया तथा सुरेश राम ने अंशु की आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए. उन्होंने बताया कि अंशु जैसी प्रतिभाशाली छात्राओं को उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो वे राज्य और देश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकती हैं. गांव के कई लोगों ने भी अंशु की उच्च शिक्षा के लिए मदद करने की इच्छा जताई है.
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सरकार से की गई विशेष मांग
अंशु की सफलता के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनकी उच्च शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की इस मेधावी छात्रा को सरकारी सहायता और छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए. ग्रामीणों के अनुसार यदि अंशु को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिले तो वह आगे चलकर राज्य और देश का नाम और ऊंचा कर सकती हैं. फिलहाल अंशु की सफलता पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई उनकी मेहनत और संघर्ष की सराहना कर रहा है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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