झारखंड पहुंचे अमित शाह, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमित शाह.
Amit Shah in Ranchi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह झारखंड पहुंच गये हैं. गुरुवार 10 जुलाई को राजधानी रांची के एक होटल में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे. बैठक में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के करीब 70 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इसमें राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. झारखंड सरकार इस बैठक के दौरान 1.36 लाख करोड़ रुपए का मुद्दा उठा सकती है.
Amit Shah in Ranchi: पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार 9 जुलाई की रात 10:20 बजे रांची पहुंच गये. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. शाह 10 जुलाई को होटल रेडिसन ब्लू में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए झारखंड आये हैं. बैठक की अध्यक्षता वही करेंगे. बैठक में 4 पूर्वी राज्यों (झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) से करीब 70 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है. बैठक के मद्देनजर रांची में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है.
5 क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष हैं केंद्रीय गृह मंत्री
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के अंतर्गत देश में 5 क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गयी थी. केंद्रीय गृह मंत्री इन 5 क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष हैं तथा सदस्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री/उपराज्यपाल/प्रशासक इसके सदस्य हैं.
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे शाह
झारखंड सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को राजधानी रांची में होने वाली पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के मद्देनजर राज्य की राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं.
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राष्ट्रीय महत्व के इन विषयों पर होती है क्षेत्रीय परिषद में चर्चा
- महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के मामलों की त्वरित जांच
- यौन अपराध के त्वरित निपटान के लिए त्वरित विशेष अदालतों (एफटीएससी) का कार्यान्वयन
- प्रत्येक गांव के निर्दिष्ट क्षेत्र में भौतिक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना
- आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली का कार्यान्वयन
- पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी नियोजन एवं सहकारी प्रणाली को मजबूत करना
सीएम हेमंत सोरेन समेत शामिल हो सकते हैं ये अधिकारी
झारखंड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव अलका तिवारी, प्रमुख सचिव (गृह) वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता के बैठक में शामिल होने की संभावना है.
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बिहार से आ सकते हैं विजय चौधरी या सम्राट चौधरी
एक अधिकारी ने बताया कि बिहार का प्रतिनिधित्व मंत्री विजय चौधरी और सम्राट चौधरी कर सकते हैं. ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री पार्वती पारिदा शामिल हो सकती हैं, जबकि पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी का प्रतिनिधित्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य कर सकती हैं.
झारखंड उठा सकता है 1.36 लाख करोड़ के बकाया का मुद्दा
झारखंड अन्य मुद्दों के अलावा खनन के मद्देनजर कोल इंडिया जैसी सार्वजनिक उपक्रमों से 1.36 लाख करोड़ रुपए के बकाया का मुद्दा उठा सकता है. रांची पुलिस ने 10 जुलाई को बिरसा चौक और सुजाता चौक के बीच ऑटो-रिक्शा के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी यातायात परामर्श पहले ही जारी कर दिया है.
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भारत-पाक तनाव की वजह से स्थगित हुई थी बैठक
इसके अलावा, रांची की सीमा में मालवाहक वाहनों का प्रवेश उस दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा. बैठक पहले 10 मई को होनी थी, लेकिन उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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