रांची और लातेहार में आतंकी ट्रेनिंग कैंप बना रहा था अलकायदा

Jharkhand ATS
Al Qaeda Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची और लातेहार में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप बना रहे थे. ट्रेनिंग के लिए हथियार भी जुटाए जा रहे थे. इसी बीच एक ऐसा व्यक्ति गिरफ्तार हुआ, जिसने अलकायदा के झारखंड मॉड्यूल और अलकायदा सरगना कटकी के सारे राज फास कर दिए.
Al Qaeda Jharkhand: दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में एक अलकायदा ने झारखंड की राजधानी रांची और लातेहार जिले में आतंकी ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी कर ली थी. कई लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद अलकायदा के लिए भारत में काम करने वाले संगठन अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) झारखंड में अपना मॉड्यूल तैयार करने में जुटा है. युवाओं को अपने संगठन से जोड़ने की कोशिशों में है. इन युवाओं को झारखंड के ही जंगलों में ट्रेनिंग देने की भी तैयारी कर रखी है. हालांकि, झारखंड के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकी संगठन और उसके लिए काम करने वालों की योजना को पूरी तरह से फेल कर दिया है.
लोहरदगा से शाहबाज की गिरफ्तारी ने खोले एक्यूआईएस के राज
झारखंड एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मिलकर अलकायदा के नेटवर्क से संबद्ध शाहबाज अंसारी को शुक्रवार (10 जनवरी 2025) को लोहरदगा में उसके एक रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार किया गया. उसकी गिरफ्तारी के बाद एक्यूआईएस की जो प्लानिंग सामने आ गई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी सन्न कर दिया. उसने बताया कि रांची के चान्हो और लातेहार के चंदवा बॉर्डर पर नकटा पहाड़ को आतंकी ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए चिह्नित किया था.
नकटा पहाड़ के जंगलों में जांच के लिए जाएगी एटीएस की टीम
एक्यूआईएस ने चान्हो और नकटा पहाड़ के घने जंगलों में आतंकियों को ट्रेनिंग देने की तैयारी शुरू कर दी थी. बाकायदा हथियार भी मंगाए जा रहे थे. शाहबाज से मिले इनपुट के आधार पर एटीएस ने अपनी जांच तेज कर दी है. एटीएस की एक टीम नकटा पहाड़ के घने जंगलों में जांच के लिए जाएगी. वहां आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए कैंप खोलने में कौन लोग उनकी मदद कर रहे थे, उनका भी पता लगाया जाएगा.
झारखंड के 15 लोगों से पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासा
रांची समेत झारखंड के 15 लोगों को एटीएस ने नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था. इन लोगों से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज एटीएस के सामने आए. शहबाज की गिरफ्तारी के बाद एक्यूआईएस की योजनाओं के बारे में एटीएस को पता चला. मालूम हुआ कि रांची, जमशेदपुर, गुमला और लोहरदगा के कुछ युवाओं को अलकायदा सरगना कटकी आतंकवाद का प्रशिक्षण दे चुका है. अब्दुल रहमान कटकी पर रांची के चान्हो, लोहरदगा और गुमला में सभा कर युवाओं को देशद्रोह के लिए भड़काने का भी आरोप है.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अगस्त में एटीएस ने लोहरदगा में की थी छापेमारी
बता दें कि अगस्त 2024 में लोहरदगा के कुड़ू और हेंजला कौवाखाप गांव में अल्ताफ उर्फ इल्ताफ की तलाश में एटीएस की टीम ने छापेमारी की थी. उस वक्त इल्ताफ तो नहीं मिला, लेकिन उसके घर से एटीएस को 2 हथियार और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले. शाहबाज के घर पर भी छापेमारी की गई, लेकिन वह भी एटीएस के हत्थे नहीं चढ़ा. हालांकि, बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
झारखंड मॉड्यूल तैयार करने वाले इतने लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
अलकायदा का झारखंड मॉड्यूल तैयार करने के मामले में रांची के डॉ इश्तियाक अहमद, हजारीबाग के फैजान अहमद, लोहरदगा के इल्ताफ अंसारी के अलावा राजधानी रांची के चान्हो के रहने वाले मो मोदब्बिर, मो रिजवान, मुफ्ती रहमतुल्लाह मजहिरी, मतिउर रहमान, एनामुल अंसारी और शाहबाज को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से कई लोगों की अलकायदा के मास्टरमाइंड कटकी से मुलाकात हो चुकी है. अब्दुल रहमान कटकी वर्ष 2015 में किया गया था गिरफ्तार.
रांची की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
रांची, लोहरदगा, हजारीबाग के 9 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
- डॉ इश्तियाक अहमद (रांची)
- फैजान अहमद (हजारीबाग)
- इल्ताफ अंसारी (लोहरदगा)
- मो मोदब्बिर (चान्हो, रांची)
- मो रिजवान (चान्हो, रांची)
- मुफ्ती रहमतुल्लाह मजहिरी (चान्हो, रांची)
- मतिउर रहमान (चान्हो, रांची)
- एनामुल अंसारी (चान्हो, रांची)
- शाहबाज (चान्हो, रांची)
इसे भी पढ़ें
अंजनी अंजन, ऋषभ झा समेत झारखंड के 10 आईपीएस अफसरों को प्रमोशन, देखें पूरी लिस्ट
झारखंड के 5 लाख स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, हेमंत सोरेन सरकार देगी साइकिल
झारखंड में यहां मिल रही 60 फीसदी तक सस्ती दवाएं, मरीजों को हुई 8 करोड़ की बचत
13 जनवरी 2025 को कहां मिल रहा सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें रेट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




