झारखंड में ‘आपके द्वार आयुष्मान’, जानें हेमंत सरकार सोरेन सरकार के इस अभियान के बारे में

रांची में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगाया जा रहा है. यह कैंप 15 फरवरी तक लगाया जायेगा. कैंप में योग्य व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए टीम उपस्थित रहेगी. सहिया, पीडीएस डीलर, एसएचजी की महिलाएं, सेविकाओं से कहा गया है कि वे योग्य परिवारों को कैंप तक लाने में मदद करें.
झारखंड में ‘सरकार आपके द्वार’ के बाद अब ‘आपके द्वार आयुष्मान’ अभियान की शुरुआत की गयी है. हेमंत सोरेन सरकार ने हर गरीब परिवार को चिकित्सा सेवा से जोड़ने के लिए इस अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत सहिया घर-घर जा रहीं हैं और गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले बीपीएल परिवारों को आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद कर रही हैं.
रांची जिला में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगाया जा रहा है. यह कैंप 15 फरवरी 2023 तक लगाया जायेगा. कैंप में योग्य व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए टीम उपस्थित रहेगी. सहिया, पीडीएस डीलर, एसएचजी की महिलाएं, सेविकाओं से कहा गया है कि वे योग्य परिवारों को कैंप तक लाने में मदद करें.
इन कैंपों में आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभुक को गुलाबी/पीला/ हरा राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाईल नंबर के साथ आना होगा. अगर ये कागजात लेकर आते हैं, तो उनका आयुष्मान कार्ड तुरंत बन जायेगा.
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अगर आप सहिया दीदी के अपने घर आने का इंतजार नहीं करना चाहते, तो सीएचओ, आयुष्मान मित्र, प्रज्ञा केंद्रों एवं अन्य एजेंसियों की मदद से भी अपने परिवार को आयुष्मान कार्ड का सुरक्षा कवच दे सकते हैं. इस कार्ड को बनवाने के लिए आपको किसी भी शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता है.
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस अभियान की शुरुआत की है. बताया गया है कि आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘आपके द्वार आयुष्मान’ अभियान शुरू किया गया है. राज्य के सभी गुलाबी, पीला और हरा राशन कार्डधारी का घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जा रहा है.
झारखंड के वे सभी लोग, जिनके पास गुलाबी, पीला और हरा राशन कार्ड है, वे आयुष्मान कार्ड बनवाने के अधिकारी हैं. यानी वे इसके लाभुक बन सकते हैं.
सभी योग्य लाभुकों का मुफ्त में आयुष्मान कार्ड बन रहा है. इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है.
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आयुष्मान कार्ड बनवा लेने के बाद लाभुक किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है. 5 लाख रुपये तक कैशलेश इलाज की सुविधा मिल जाती है.
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योजना के तहत राज्य एवं देश के सभी सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त किया जा सकता है.
योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1455/18003456540/140 पर संपर्क कर सकता है. यहां आपको हर सवाल का जवाब मिल जायेगा.
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हेमंत सोरेन सरकार ने आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एजेंसी का भी चयन किया है. इन एजेंसियों के नाम और उनके पदाधिकारियों के नाम भी सार्वजनिक कर दिये हैं. खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में मेडसेव (Medsave) का चयन किया गया है, जिसके नोडल ऑफिसर रवींद्र के अत्तर हैं. उनका फोन नंबर 9312880002 है.
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बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम जेफिर लिमिटेड (Zephyr Ltd.) को दिया गया है. इसके नोडल ऑफिसर प्रभात त्रिपाठी हैं. उनका फोन नंबर 9650127107 है.
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संताल परगना के साहिबगंज, दुमका, गोड्डा, देवघर, जामताड़ा और पाकुड़ जिला में कलरप्लास्ट (Colourplast) को आयुष्मान कार्ड का काम मिला है. इसके नोडल ऑफिसर अवनीश हैं. उनका फोन नंबर 7783866319 है.
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आयुष्मान कार्ड बनाने का काम स्मार्ट आईटी (Smart IT) को भी मिला है. यह कंपनी चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, गढ़वा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में आयुष्मान कार्ड बना रही है. इसके नोडल अधिकारी संजय धानुका हैं, जिनका फोन नंबर 9339070709 है.
अगर आप प्रज्ञा केंद्र में आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो अपने जिले में भी बनवा सकते हैं. राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्रों का नोडल पदाधिकारी प्रशांत को बनाया गया है. उनका फोन नंबर 8895089577 है.
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By Mithilesh Jha
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