लोबिन हेंब्रम ने हेमंत सरकार को दिया अल्टीमेटम, बोले- 1932 का खतियान लागू नहीं हुआ तो होगा चरणबद्ध आंदोलन

कल लोबिन हेंब्रम की रैली हुई जिसमें उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने जो वायदा किया उसे पूरा करना ही होगा. स्थानीयता नीति को लेकर वो 5 अप्रैल को घर से निकलेंगे
रांची: झारखंड में 1932 खतियान लागू करने को लेकर शिबू सोरेन जनजातीय इंटर कॉलेज स्टेडियम में बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम के नेतृत्व में जनाक्रोश महासभा का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी महिला व पुरुष परंपरागत हथियार के साथ पहुंचे थे.
सिदो कान्हू की प्रतिमा की पूजा कर लोबिन ने महासभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए चुनाव के दौरान किये गये वायदे को याद दिलाते हुए कहा कि राज्य की जनता के साथ जो वादा किया है. उसे पूरा करना होगा.
अन्यथा 1932 के खतियान लागू करने को लेकर चरणबद्ध आंदोलन होगा. हमारी लड़ाई पार्टी की लड़ाई नहीं है. हम राज्य के मूलवासी की जल, जंगल व जमीन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. झारखंड निर्माण में हमारे कई वीर जवानों ने अपना बलिदान दिया. हमें जल, जंगल व जमीन के अस्तित्व को बचाने के लिए आज भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है.
सिदो-कान्हू, चांद- भैरव, फूलो-झानो जैसे कई वीर ने अंग्रेजों से बगावत कर देश को आजाद किया था. राज्य सरकार ने मेरे ऊपर तरह-तरह के आरोप लगाये इससे हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है. अब आर-पार की लड़ाई होगी. मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों से भी टकराना होगा तो पीछे नहीं हटेंगे. झारखंडी अस्मिता को गिरवी रख कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकी है.
विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि सरकार बनने से पहले राज्य में 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने की बात कही गयी थी. जनता से किया गया यह वादा पूरा करना होगा. अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन होगा. हमें पार्टी से निकाल सकते हैं, लेकिन माटी से नहीं. हम माटी की लड़ाई लड़ रहे हैं. 1932 के खतियान आधारित स्थानीयता नीति लागू करने को लेकर पांच अप्रैल को घर से विदा लूंगा. जब तक इसकी मंजूरी नहीं मिलती है, घर नहीं लौटूंगा. श्री हेंब्रम रविवार को बोरियो स्थित शिबू सोरेन जनजातीय इंटर कॉलेज स्टेडियम में जनाक्रोश महासभा को संबोधित कर रहे थे
राज्य में युवा बेरोजगार हैं. बाहरी रोजगार कर रहे हैं. चुनाव के दौरान सरकार ने बड़े-बड़े वादे किये. अपनी सरकार में हम आवाज नहीं उठायेंगे तो वहां कौन बोलेगा. उन्होंने खुले मंच से कहा कि कार्यक्रम को फ्लॉप करने के लिए सरकार के निर्देश पर अधिकारियों ने तरह-तरह के हथकंडे को अपनाया. पर हमारी लड़ाई जमीन की थी, तो लोग निडर होकर शामिल हुए हैं.
विधायक की महारैली पर प्रशासनिक रोक लगने के बाद भी विधायक के समर्थकों ने प्रशासन को चुनौती देकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल पहुंच एकजुटता का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में तकरीबन चार हजार की भीड़ थी, जबकि भीड़ को रोकने के आलाधिकारी के निर्देश पर बोरियो थाना क्षेत्र के सभी सीमा क्षेत्र में पुलिस बैरियर लगा कर वाहन जांच अभियान चलाया. बावजूद आदिवासी अन्य मार्गों से पैदल चल कर कार्यक्रम स्थल पहुंच गये.
सभा स्थल में कार्यक्रम शुभारंभ के पूर्व से ही पुलिस जवान तैनात हो गये थे. वहीं बोरियो प्रभाग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार, थाना प्रभारी जगन्नाथ पान, बीडीओ टुडू दिलीप समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे.
Posted By: Sameer Oraon
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