रांची : शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षक अधिक, अब भेजे जायेंगे गांव
Updated at : 13 Feb 2020 9:26 AM (IST)
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रांची : राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों का पदस्थापन विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में नहीं है. शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में जहां विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों की संख्या अधिक है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां शिक्षकों की संख्या कम है. ऐसे विद्यालयों को […]
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रांची : राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों का पदस्थापन विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में नहीं है. शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में जहां विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों की संख्या अधिक है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां शिक्षकों की संख्या कम है. ऐसे विद्यालयों को चिह्नित किया जायेगा. शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को जरूरत के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भेजा जायेगा.
राज्य के कुल 40 फीसदी विद्यालयों में छात्र व शिक्षक का अनुपात मापदंड के अनुरूप है. 60 फीसदी विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षक के पदस्थापन की स्थिति मापदंड के अनुरूप नहीं है. प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है.
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2019 के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा है. राज्य के अधिक से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों का पदस्थापन छात्र संख्या के अनुपात में तय मापदंड के अनुरूप हो, इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है.
20 फरवरी तक नियमावली का ड्राफ्ट बनाने का निर्देश : राज्य के प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके लिए नियुक्ति नियमावली बनायी जायेगी. नियमावली बनाने की प्रक्रिया एक माह में पूरी की जायेगी. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को इस संबंध में 20 फरवरी तक नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है.
पांच साल से शहर में जमे शिक्षक जायेंगे गांव : शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2019 के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए जिला को अलग-अलग पांच जोन में बांटा गया है. इसके तहत एक जोन में शिक्षक अधिकतम पांच वर्ष अपनी सेवा दे सकते हैं. ऐसे में शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में पांच साल से जमे शिक्षकों को गांव भेजाजायेगा.
स्कूल विलय की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री राज्य में स्कूलों के हुए विलय की समीक्षा करेंगे. इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. विद्यालय विलय के बाद बंद हुए विद्यालयों के भवन की स्थिति की भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. इनमें से कितने विद्यालय भवन का वर्तमान में उपयोग हो रहा है, इसकी जानकारी देने को कहा गया है.
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