बीएयू में बाहरी वीसी पूरा नहीं कर पा रहे कार्यकाल, नये कुलपति की नियुक्ति के लिए आये सौ से अधिक आवेदन

Updated at : 04 Feb 2020 6:39 AM (IST)
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बीएयू में बाहरी वीसी पूरा नहीं कर पा रहे कार्यकाल, नये कुलपति की नियुक्ति के लिए आये सौ से अधिक आवेदन

संजीव सिंह रांची : बिरसा कृषि विवि में नये कुलपति की तलाश शुरू हो गयी है. राजभवन द्वारा गठित सर्च कमेटी ने योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किया है. देश भर से लगभग सौ से अधिक उम्मीदवारों ने इस पद के लिए आवेदन किया है. 25 जून 1981 में बिरसा कृषि विवि के पहले कुलपति […]

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संजीव सिंह
रांची : बिरसा कृषि विवि में नये कुलपति की तलाश शुरू हो गयी है. राजभवन द्वारा गठित सर्च कमेटी ने योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किया है. देश भर से लगभग सौ से अधिक उम्मीदवारों ने इस पद के लिए आवेदन किया है. 25 जून 1981 में बिरसा कृषि विवि के पहले कुलपति डॉ आइसी महापात्रा बने, लेकिन तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा किये बिना ही तीन नवंबर 1983 को विवि छोड़ दिया. इसके बाद डॉ एचआर मिश्रा प्रभारी कुलपति बने.
पुन: 23 नवंबर 1985 में आइएएस डॉ जेसी कुंद्रा कुलपति बने, लेकिन इन्होंने भी कार्यकाल पूरा नहीं किया अौर 31 मार्च 1988 को विवि छोड़ दिया. इसके बाद डॉ एचआर मिश्रा फिर प्रभारी कुलपति बने. फिर 10 सितंबर 1988 को डॉ मिश्रा ही स्थायी कुलपति बने, जो एक जून 1992 तक रहे. इसके बाद डॉ आर केरकेट्टा प्रभारी कुलपति बने. पुन: 17 दिसंबर 1992 को डॉ केरकेट्टा स्थायी कुलपति बने और 16 दिसंबर 1995 तक रहे.
इसके बाद आइएएस एमके मंडल को प्रभारी कुलपति बनाया गया. लगभग चार माह रहने के बाद डॉ एमए मोहसिन को 26 मार्च 1996 को स्थायी कुलपति बनाया गया. इसके बाद डॉ आरपी राय शर्मा, डॉ एसएन पांडेय स्थायी कुलपति रहे. नौ अप्रैल 2005 में डॉ जीएस दुबे प्रभारी कुलपति बनाये गये. दो माह रहने के बाद डॉ एनएन सिंह को कुलपति बनाया गया.
डॉ सिंह ने दो बार कार्यकाल पूरा किया. पुन: डॉ एके सरकार को प्रभारी कुलपति 17 अगस्त 2011 को बनाया गया. एक माह तक रहने के बाद दो सितंबर 2011 को डॉ एमपी पांडेय को कुलपति बनाया गया, लेकिन इन्होंने कार्यकाल पूरा नहीं किया. 19 जून 2014 को आइएएस केके खंडेलवाल को प्रभारी कुलपति बनाया गया. तीन माह के बाद डॉ जॉर्ज जॉन को 24 सितंबर 2014 को स्थायी कुलपति बनाया गया, लेकिन इन्होंने भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया. ये 11 सितंबर 2016 को विवि छोड़ कर चले गये. पुन: आइएएस डॉ नितिन कुलकर्णी को कुलपति का प्रभार दिया गया.
लगभग पांच माह के बाद डॉ पी कौशल को 17 फरवरी 2017 में स्थायी कुलपति बनाया गया, लेकिन इन्होंने भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया अौर आठ जुलाई 2019 को विवि छोड़ कर चले गये. इसके बाद विवि में पहली बार अनुबंध पर नियुक्त किसी व्यक्ति को कुलपति का प्रभार दिया गया. इनमें डॉ आरएस कुरील शामिल हैं. राजभवन द्वारा इन्हें नौ जुलाई 2019 को कुलपति का प्रभार दिया गया. छह माह की अवधि पूरा होने पर आठ जनवरी 2020 को इन्होंने पद छोड़ दिया. फलस्वरूप नौ जनवरी 2020 से आइएएस पूजा सिंघल को कुलपति का प्रभार दिया गया है.
आंकड़ों से स्पष्ट है कि बीएयू में स्थानीय व्यक्ति ही कुलपति के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर सके हैं, जबकि बाहर से आये व्यक्ति में डॉ आरपी राय शर्मा व डॉ एनएन सिंह ने ही अपना कार्यकाल पूरा किया. विवि की दशा सुधारने के लिए कुल 22 कुलपतियों में पांच आइएएस भी कुलपति बने. जबकि वर्ष 2005 से चार बाहरी कुलपति रहे, लेकिन व्यवस्था नहीं सुधर पायी.
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