ePaper

शाहीनबाग की तर्ज पर धरना आज से, उमर खालिद ने कहा, सीएए काला कानून, किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे

Updated at : 20 Jan 2020 8:32 AM (IST)
विज्ञापन
शाहीनबाग की तर्ज पर धरना आज से, उमर खालिद ने कहा, सीएए काला कानून, किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे

सीएए और एनआरसी के विरोध में महासम्मेलन का आयोजन रांची : जो आज नागरिकता का सबूत मांग रहे हैं वो अपनी डिग्री तक नहीं दिखाते हैं. इस देश में भगवाधारी का राज नहीं संविधान का राज चलेगा. मैं यहां के इतिहास को जानता हूं. उक्त बातें जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने कही. […]

विज्ञापन
सीएए और एनआरसी के विरोध में महासम्मेलन का आयोजन
रांची : जो आज नागरिकता का सबूत मांग रहे हैं वो अपनी डिग्री तक नहीं दिखाते हैं. इस देश में भगवाधारी का राज नहीं संविधान का राज चलेगा.
मैं यहां के इतिहास को जानता हूं. उक्त बातें जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने कही. वे रविवार को डोरंडा उर्स मैदान में संविधान बचाओ देश बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में सीएए और एनआरसी के विरोध में आयोजित महासम्मेलन में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि शाहीनबाग एक जज्बे का नाम है. किसी भी कीमत पर यह काला कानून लागू नहीं होने देंगे.
अध्यक्षता और संचालन करते हुए एदारा ए शरिया झारखंड के महासचिव मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि एदारा ए शरिया झारखंड भी सुप्रीम कोर्ट में एक पक्ष है. इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरोसा दिलाया है कि हम भी विधानसभा में इस काले कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे. बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल संविधान विरोधी है.
यह लड़ाई इस देश में मनुवादियों और मूलनिवासियों के बीच की है. संविधान बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक एवं प्रवक्ता प्रो रिजवान अली ने कहा कि संविधान संशोधन बिल 2019 भारतीय संविधान के अनुच्छेद पांच से ग्यारह की अवहेलना है.
सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला ने कहा कि इस काले कानून को देश स्वीकार नहीं करेगा. इंदरजीत सिंह कालरा ने कहा कि एक अोर जहां दिल्ली पुलिस नजीब को नहीं खोज पायी है, वहीं दूसरी ओर हमसे 1970 के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. प्रो ज्या द्रेज ने कहा कि जो सरकार भुखमरी की समस्या से नहीं निबट पा रही है वो शरणार्थियों को रोटी कहां से देश पायेगी. पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस आनेवाला है लेकिन सरकार को लोगों से कोई लेना देना नहीं है. महासम्मेलन में छह प्रस्ताव पारित किये गये. प्रस्ताव में छात्रों पर हुए जानलेवा हमले की निंदा की गयी.
उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी रउफ गद्दी, पार्षद नसीम उर्फ पप्पू गद्दी, परविंदर सिंह नामधारी, पूर्व पार्षद असलम, एदारा ए शरिया झारखंड के काजी हजरत मौलाना मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही, सुरेन राम, सुमित राय, डॉ मजीद आलम, मसीहउद्दीन, डॉ शगुफ्ता यास्मीन, मौलाना मुफ्ती अनवर कासमी, भुनेश्वर प्रसाद मेहता सहित अन्य ने अपनी बातों को रखा अौर सभी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब तक काला कानून वापस नहीं ले लिया जाता है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.
शाहीनबाग की तर्ज पर धरना आज से
हज हाउस के पास सोमवार से हम भारत के लोग संस्था के बैनर तले महिलाएं अनश्चितिकालीन धरना पर बैठेंगी. इस जगह पर शाहीनबाग की तरह विभिन्न धर्मों की महिलाएं शामिल हो रही हैं. धरना दिन के दो बजे से शुरू होगा.
सेमिनार आज
झारखंड नागरिक प्रयास द्वारा 20 जनवरी को संविधान और नागरिक अधिकारों पर सेमिनार का आयोजन किया गया है़ इसमें देश की चर्चित सिविल राइट्स एक्टिविस्ट तीस्ता शीतलवाड़, पूर्व आइएएस कनन गोपीनाथ, कर्नाटक के पूर्व आइएएस एस शशिकांत सेंथिल व अर्थशास्त्री प्रो ज्यां द्रेज अपने विचार रखेंगे़ यह कार्यक्रम एसडीसी सभागार, पुरुलिया रोड में दिन के 11 बजे शुरू होगा़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola