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बिरसा मुंडा पार्क के निर्माण में बर्बाद कर डाले सात करोड़

Updated at : 15 Jan 2020 1:51 AM (IST)
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बिरसा मुंडा पार्क के निर्माण में बर्बाद कर डाले सात करोड़

ऐसे बर्बाद की सरकारी राशि. पहले बनाया, फिर तोड़ा रांची : पुराने जेल में प्रस्तावित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति पार्क के निर्माण में अब तक सात करोड़ रुपये बर्बाद किये जा चुके हैं. वहां करोड़ों रुपये खर्च कर बनाये गये निर्माण को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है. अब पार्क की चहारदीवारी गिरा कर […]

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ऐसे बर्बाद की सरकारी राशि. पहले बनाया, फिर तोड़ा
रांची : पुराने जेल में प्रस्तावित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति पार्क के निर्माण में अब तक सात करोड़ रुपये बर्बाद किये जा चुके हैं. वहां करोड़ों रुपये खर्च कर बनाये गये निर्माण को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है. अब पार्क की चहारदीवारी गिरा कर पूर्व में किये गये सभी तरह के निर्माण समाप्त कर दिये गये हैं.
इस पार्क का शिलान्यास 15 नवंबर 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया था. पार्क के अंदर तिकोनी घड़ी लगायी गयी थी, ताकि सूरज की रोशनी से लोग समय मालूम कर सकें. चिल्ड्रेन पार्क, बागवानी, चहारदीवारी, डांस फ्लोर, पुल, बच्चों के खेलने के लिए झूले, आकर्षक मूर्तियां व रेन डांस की सुविधा के साथ आकर्षक ओपेन स्पेस, लाइटों व ओपेन थियेटर की व्यवस्था की गयी थी.
जुडको करा रहा काम : बिरसा मुंडा स्मृति पार्क व म्यूजियम का काम जुडको के जिम्मे है. शुरू में वन विभाग पार्क का निर्माण करा रहा था, लेकिन पार्क के लिए विभाग ने सक्षम न होने की बात कहते हुए हाथ पीछे खींच लिया. फिर सरकार ने नगर विकास विभाग को काम सौंप दिया. जुडको ने पार्क का डीपीआर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (कर्नाटक) लिमिटेड से तैयार कराया है.
चहारदीवारी की गयी ध्वस्त, करोड़ों खर्च कर हुआ था निर्माण
बिरसा मुंडा स्मृति पार्क का संरक्षण कार्य पूरा हो चुका है. स्थानीय युवक रवि मुंडा के नेतृत्व में लोगों ने बिरसा मुंडा जेल मैदान निर्माण समिति का गठन किया है. समिति जेल परिसर के अंदर भगवान बिरसा के कक्ष की देखरेख करती है. वहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की गयी है.
प्रतिमा की पूजा भी की जाती है. पार्क में लैंडस्केपिंग का काम बिल्कुल बंद है. बिरसा मुंडा स्मृति पार्क राज्य के शहीदों को समर्पित किया जाना है. मूर्तियां स्थापित करने के लिए प्लेटफार्म का निर्माण शुरू नहीं किया गया है. जेल परिसर में एक म्यूजियम भी प्रस्तावित है. म्यूजियम में लोग बिरसा मुंडा की जीवनी के बारे में जान सकेंगे. जेल पार्क परिसर कुल 40 एकड़ में है. यहां चारों कोनों पर वाॅच टावर बनाया जाना है. यह काम अभी शुरू भी नहीं हुआ.
पुराना जेल की चहारदीवारी तोड़ने से सरकारी राशि की बर्बादी तो हुई है, लेकिन इससे लोग राहत भी महसूस कर रहे हैं. चहारदीवारी को तोड़ कर सरकुलर रोड को चौड़ा करने की योजना है. पुराने जेल परिसर की चहारदीवारी तोड़ने से सरकुलर रोड को करीब 10 फीट तक चौड़ी जगह मिलेगी. उसे सड़क और फुटपाथ में तब्दील कर देने से सरकुलर रोड को हेवी ट्रैफिक और जेल चौक को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.
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