रांची : एचइसी के प्रभारी सीएमडी को मिला तीन माह का सेवा विस्तार

Updated at : 03 Jan 2020 8:35 AM (IST)
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रांची : एचइसी के प्रभारी सीएमडी को मिला तीन माह का सेवा विस्तार

स्थायी सीएमडी नहीं होने से कंपनी की स्थिति लगातार खराब हो रही है एचइसी के प्रभारी सीएमडी डॉ नलिन सिंघल वर्तमान में भेल के भी सीएमडी हैं रांची : एचइसी के प्रभारी सीएमडी डॉ नलिन सिंघल (वर्तमान में भेल के भी सीएमडी) को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है. इस बाबत भारी उद्योग […]

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स्थायी सीएमडी नहीं होने से कंपनी की स्थिति लगातार खराब हो रही है
एचइसी के प्रभारी सीएमडी डॉ नलिन सिंघल वर्तमान में भेल के भी सीएमडी हैं
रांची : एचइसी के प्रभारी सीएमडी डॉ नलिन सिंघल (वर्तमान में भेल के भी सीएमडी) को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है. इस बाबत भारी उद्योग मंत्रालय ने सर्कुलर जारी किया है. ज्ञात हो कि श्री सिंघल को अक्तूबर माह में एचइसी का प्रभारी सीएमडी नियुक्त किया गया था.
मालूम हो कि एचइसी में स्थायी सीएमडी नहीं होने से दिन-प्रतिदिन कंपनी की स्थिति बिगड़ रही है. एक जनवरी 2019 से एचइसी में स्थायी सीएमडी का पद खाली है, लेकिन अभी तक इसके के लिए विज्ञापन नहीं निकाला गया है. पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए थे.
श्री घोष के सेवानिवृत्त होने के बाद भारी उद्योग मंत्रालय ने एचइसी के कार्मिक निदेशक को कार्यवाहक सीएमडी बनाया था, लेकिन मंत्रालय ने सीएमडी के लिए विज्ञापन नहीं निकाला. यही कारण है कि कार्मिक निदेशक एक जनवरी 2019 से कार्यवाहक सीएमडी के रूप में नौ माह तक रहे. भारी उद्योग मंत्रालय ने एक अक्तूबर 2019 से सीएमडी का प्रभार भेल के सीएमडी डॉ नलिन सिंघल को दे दिया.
एक वर्ष बाद भी स्थायी सीएमडी के लिए नहीं निकाला गया विज्ञापन
कामगारों ने कहा : एचइसी के प्रति गंभीर नहीं है मंत्रालय
कामगारों का कहना है कि श्री सिंघल को सीएमडी का प्रभार मिलने के बाद कंपनी की स्थिति और बिगड़नी शुरू हो गयी है. इससे तो अच्छा कार्मिक निदेशक थे. उनके कार्यकाल में कर्मियों को समय पर वेतन मिल रहा था और छोटी-बड़ी मांगें भी पूरी की जा रही थीं. सीएमडी श्री सिंघल के पास समय नहीं है कि वे एचइसी में आकर समय दें और कंपनी को आगे बढ़ाने के बारे में सोचें. मंत्रालय भी एचइसी के प्रति गंभीर नहीं है.
मंत्रालय के अधिकारियों को भी मालूम है कि दिल्ली में बैठक कर एचइसी जैसी कंपनी को नहीं चलाया जा सकता. इससे तो अच्छा है कि जब तक स्थायी सीएमडी की नियुक्ति नहीं हो जाती है, तब तक एचइसी में कार्यरत निदेशकों में से ही किसी को सीएमडी का प्रभार दिया जाये. ऐसा होने से ही कंपनी की स्थिति सुधर सकती है.
अधिकारी बोले : एचइसी के निदेशकों में से किसी को मिले प्रभार
एचइसी के अधिकारियों का भी कहना है कि जब तक एचइसी के निदेशकों में से किसी एक को सीएमडी का प्रभार नहीं दिया जायेगा, तब तक कंपनी की स्थिति में सुधार नहीं हो सकता है.
अधिकारियों का यह भी मानना है कि किसी भी मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए संबंधित विभाग के निदेशक सीधे सीएमडी को संचिका नहीं भेज सकते हैं. इसके लिए सीएमडी श्री सिंघल ने कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स बनाया है. इस कमेटी में सभी की सहमति रहने के बाद ही सीएमडी के पास प्रस्ताव भेजा जाता है. इससे कार्य प्रभावित हो रहा है और समय भी अधिक लग रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि निदेशकों में अगर किसी मुद्दे पर अलग राय होती है, तो भी कार्य विलंब हो जाता है. वहीं 88 तकनीकी कामगारों का एक वर्ष पूरा हुए काफी समय बीत गया है, लेकिन विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं मिला है. इस कारण वेतन बढ़ोतरी नहीं हो रही है. साथ ही हर वर्ष एचइसी में 31 दिसंबर को प्रोमोशन सूची जारी होती है, लेकिन इस वर्ष अभी तक सूची जारी नहीं हुई है.
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