तीन दल, तीनों का अपना एजेंडा, लागू कराना होगी चुनौती
Updated at : 29 Dec 2019 7:33 AM (IST)
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हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बन रही नयी सरकार के साथ दो सहयोगी दल भी है़ं चुनाव पूर्व गठबंधन में कांग्रेस और राजद हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सामने आये. तीनों दलों के अपने-अपने एजेंडे है़ं तीनों दलों के घोषणा पत्र है़ं तीनों दल सरकार में शामिल होने के बाद अपनी-अपनी घोषणा लागू कराने की […]
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हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बन रही नयी सरकार के साथ दो सहयोगी दल भी है़ं चुनाव पूर्व गठबंधन में कांग्रेस और राजद हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सामने आये. तीनों दलों के अपने-अपने एजेंडे है़ं तीनों दलों के घोषणा पत्र है़ं तीनों दल सरकार में शामिल होने के बाद अपनी-अपनी घोषणा लागू कराने की कोशिश करेंगे़ सरकार के सामने इनको लागू करने की चुनौती होगी़ जनता से किये गये वादों पर नयी सरकार को खरा उतरना होगा़ सभी घटक दलों का दबाव होगा कि उनकी घोषणाओं को प्राथमिकता दी जाये़
स्थानीय नीति बदलने की बात है झामुमो का प्रमुख एजेंडा
झामुमो ने अपने निश्चय पत्र (घोषणा पत्र) में स्थानीय नीति बदलने की बात कही है. राज्य की नौकरियों में स्थानीय को 75 फीसदी आरक्षण और महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया गया है. इसमें किसानों की कर्ज माफी से लेकर लड़कियों व गरीब सवर्ण छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने की बात कही गयी है. झामुमो ने हर गरीब परिवार को 72 हजार रुपये सालाना देने का वादा किया है. साथ ही 100 यूनिट तक बिजली खपत मुफ्त में देने की बात कही है.
मुद्दे : इन पर करना होगा काम
स्थानीय नीति और नियोजन नीति बदलेंगे
स्थानीय को झारखंड में 75 प्रतिशत आरक्षण देंगे
25 करोड़ तक की निविदा स्थानीय को
किसानों का कर्ज होगा माफ, खेतिहर मजदूरों को स्वरोजगार के लिए 15000 का अनुदान
सरकार बनने के बाद पांच लाख झारखंडी युवाओं को मिलेगी नौकरी
सरकारी नौकरी में 27 प्रतिशत पिछड़ों को आरक्षण, आदिवासी को 28 प्रतिशत और दलित को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा
प्राथमिक से पीएचडी तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा, महिलाओं को सरकारी नौकरी में 50% आरक्षण
100 यूनिट तक बिजली खपत मुफ्त 10 रुपये में धोती, साड़ी व लुंगी
शहीदों के जन्मस्थल होंगे विकसित, झारखंड आंदोलनकारियों के लिए लागू होगी पेंशन योजना
हर गरीब परिवार को 72 हजार तक हर साल सुनिश्चित राशि
गरीब सवर्ण छात्रों को मुफ्त शिक्षा
जन वितरण दुकान में चाय पत्ती, सरसों तेल, साबुन, सब्जी मिलेंगे
सरकार गठन के दो साल के अंदर राज्य के विभिन्न खाली पड़े सरकारी पदों पर नियुक्ति
नौकरी नहीं मिलने तक सभी स्नातक बेरोजगारों को पांच और स्नात्तकोत्तर को सात हजार रुपये
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए 100 रुपये शुल्क
सभी जाति, धर्म के गरीब छात्रों को राज्य सरकार की नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षा में शुल्क नहीं देना होगा
ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियों को नौकरी के लिए प्रतियोगिता परीक्षा में 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंक
भूमि अधिकार कानून बना कर सभी स्थानीय भूमिहीनों को भूखंड
शहीद परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरियों में प्रतियोगिता परीक्षा में सीधी नियुक्ति
झारखंड के शहीदों के परिवार और आंदोलनकारियों को पेंशन दिया जायेगा
हो भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल किया जायेगा
पंचायत सेवक, एएनएम, शिक्षक और होम गार्ड जैसे पदों में महिलाओं को आरक्षण
आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, रसोइया के लिए उचित सेवा शर्त का निर्धारण
प्राथमिक से लेकर पीएचडी तक सभी प्रकार की शिक्षा, सभी जाति-धर्म की लड़कियों को नि:शुल्क
गरीब परिवार की महिलाओं को चूल्हा खर्च के लिए हर माह दो हजार
तीन लाख की आबादी पर एक महिला थाना की स्थापना की जायेगी
वृद्धा, दिव्यांगजन व विधवा महिलाओं को पेंशन के रूप में 2500 रुपये प्रति माह
किसान बैंक की स्थापना की जायेगी
अनाज के साथ सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जायेगा
प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज
पेसा कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा
सीएनटी-एसपीटी को सख्ती से लागू किया जायेगा
सभी बंद सरकारी स्कूलों को खोला जायेगा
पारा शिक्षकों के लिए सम्मानजनक सेवा शर्त के साथ वेतनमान का भी निर्धारण
स्थानीय भाषा की स्कूल स्तर पर पढ़ाई
12वीं पास सभी स्थानीय युवा को स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड
गंभीर बीमारियों से ग्रस्त गरीबों को नि:शुल्क इलाज
सभी प्राथमिकी व उप स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों, नर्सों की व दवाइयां की उपलब्धता सुनिश्चित कराना़
अनुबंध पर नियुक्त की व्यवस्था को समाप्त कर स्थायी नियुक्ति करना
कांग्रेस : कृषकों का कर्ज माफ हर परिवार से एक को नौकरी
कांग्रेस भी चुनाव में कई एजेंडे लेकर आयी थी़ इसमें किसानों के लिए दो लाख रुपये तक की कर्ज माफी भी शामिल है़ इसके साथ ही हर परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की बात कही गयी है़ रोजगार देना नयी सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी़ सभी दलों ने इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है़
मुद्दे : इन पर करना होगा काम
सरकार बनाने के छह महीने के भीतर रिक्तियां भरी जायेंगी
सीएनटी-एसपीटी को लागू करेंगे
भूमि अधिग्रहण के मामले में जहां भी कानून का उल्लंघन हुआ है, उसे खारिज किया जायेगा
प्रत्येक परिवार जिसकी मासिक आय दस हजार रुपये है, की बच्चियों को नि:शुल्क साइकिल
सात दिन 24 घंटे हेल्पलाइन, कॉल सेंटर और महिलाओं को कानूनी सहायता दी जायेगी
सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना
धान के लिए 25 सौ प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जायेगा
हर पंचायत और ग्राम सभा को गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट व्यवस्था
हर जिला में पुस्तकालय और ई लाइब्रेरी का निर्माण
मनरेगा मजदूरी में विलंब दूर की जायेगी
आवास अधिकार कानून पास करेंगे
मध्य आय वर्ग से संबंधित स्कूली छात्रों को निजी स्कूल में 50 प्रतिशत शुल्क माफी
10 हजार रुपये प्रतिमाह से कम कमाने वाले लोगों को मध्य आय वर्ग माना जायेगा
खाद्य सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा
सरना धर्म कोड लागू करेंगे
पीडीएस से किसी भी व्यक्ति को बाहर नहीं किया जायेगा
राजद : सर्वमान्य स्थानीय नीति महिलाओं को 50% आरक्षण
राजद ने घोषणा पत्र मेें नयी स्थानीय नीति बनाने की बात कही है़ इस नीति पर सरकार को काम करने की चुनौती होगी़ राजद का कहना है कि स्थानीय नीति में किसी का नुकसान नहीं होना चाहिए़ इसके साथ ही हर स्तर पर महिलाओं को 50% आरक्षण का प्रावधान करना भी राजद के एजेंडे में है़ ऐसे में यह सब कुछ चुनौतीपूर्ण होगा़ इसके साथ ही राजद ने पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को स्थायी करने की बात कही है़
मुद्दे : इन पर करना होगा काम
पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना
सरकारी सेवा में 2004 के बाद नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को पेंशन देना
उर्दू भाषा को प्रोत्साहित करना, रोजगार उपलब्ध कराना
काम के बदले अनाज इस कार्यक्रम को साल भर चलाना
ग्रामीण रोजगार योजना को असरदार बनाना
विस्थापन की समस्या को दूर करना
पारा शिक्षकों को स्थायी करना
प्रतिवर्ष 50 हजार नये रोजगार का सृजन
तीन महीने के अंदर नये राशन कार्ड
ग्रामीण स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करना
आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को स्थायी करना
मॉब लिचिंग रोकने के लिए कड़े कानून बनाना
कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देना
झारखंड के विकास में शेयरहोल्डर बनें आदिवासी
आदिवासी इलाकों के विकास के लिए पब्लिक आदिवासी पार्टनरशिप पर विचार हो, जिसमें जमीन आदिवासियों की ही रहेगी और उसमें आदिवासियों का शेयर रहेगा़ विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर पर आदिवासी को भी शेयर मिले, लेकिन जमीन का मालिकाना उसी के नाम रहे़ आदिवासियों के स्वशासन व्यवस्था को पुनर्जीवित करते हुए, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में छठी अनुसूची की तर्ज पर स्वायतशासी जिला परिषदों का गठन किया जाये़ सीएनटी एक्ट में जनमत संग्रह करा कर थाना क्षेत्र की बंदिश व कुछ अन्य नुकसानदेह धाराओं को समाप्त किया जा सकता है़
समता जजमेंट उसकी सही भावना के साथ लागू की जाये़ आदिवासियों के इतिहास को पुनर्लेखन कर उन्हें इतिहास में सही जगह दे़ं रघुवर सरकार द्वारा बंद किये गये स्कूलों को तुरंत खोला जाये़ शिक्षा का स्तर ऐसा हो, जो निजी स्कूलों को टक्कर दे़ सरकार नि:शुल्क व उच्चस्तरीय शिक्षा की गारंटी ले़ स्वास्थ्य सेवा को अनिवार्य सेवा के रूप स्थापित किया जाये़ विस्थापन जनित परियोजना जैसे ईचा डैम आदि को शृंखलाबद्ध चेक डैमों से बदलना चाहिए़
– मुकेश बिरुवा, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय आदिवासी महासभा
झारखंडी अस्मिता को बनाये रखना प्राथमिक सूची में हो
झारखंड विधानसभा में आदिवासियों के लिए आरक्षित 28 में से 25 सीटों पर महागठबंधन को जीत दिलाकर आदिवासियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनके संवैधानिक, कानूनी व पारंपरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए़ आदिवासियों की जमीन, पांचवीं अनुसूची इलाकाें और वहां मौजूद जंगल, पहाड़ व खनिज संपदा पर उन्हें मालिकाना हक देना चाहिए़
इसके अलावा आदिवासी पहचान, भाषा, संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आजादी सुनिश्चित करना होगा़ सरकार सबसे पहले पिछली सरकार द्वारा राज्य में लागू किये गये स्थानीय नीति 2016, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना संशोधन कानून 2018, गो हत्या निरोधक कानून 2016, औद्योगिक एवं पूंजी निवेश बढ़ावा नीति 2016 और कॉरपोरेट घरानों के साथ किये गये सभी एमओयू को रद्द करना चाहिए़ इसके अतिरिक्त सीएनटी एक्ट 1908, एसपीटी एक्ट 1949 व पेसा कानून 1996 को सख्ती से लागू करना, झारखंडी युवाओं को रोजगार देना, सरना कोड लागू करना और झारखंडी अस्मिता को बनाये रखना सरकार की प्राथमिक सूची में होना चाहिए़
– ग्लैडसन डुंगडुंग, आदिवासी एक्टिविस्ट व लेखक
गांवों की स्थिति को नयी सरकार को ठीक करना होगा
बहुत ही अच्छा संयोग है नया साल और नयी सरकार का. जब नया साल आता है, तो सभी के अंदर उत्साह होता है. वैसे ही नयी सरकार से जनता उत्साहित होती है. जनता सोचती है, कुछ नया दिखेगा. नयी सरकार से हमारी उम्मीदें भी नयी हैं, लेकिन चीजें पुरानी ही हैं. राज्य गठन के समय जो मुद्दे थे, वह आज गौण हाे गये हैं. उम्मीद है कि नयी सरकार नयी ताकत के साथ आयेगी. ऐसी सरकार जिसका राज्य गठन में त्याग, तपस्या और बलिदान का इतिहास रहा है.
राज्य गठन में हमने और मेरे साथियों ने भी साहित्य और सांस्कृतिक योगदान दिया है. राज्य हित में हमारे वीर पुरखों की जो परिकल्पना थी, उनमें से आज भी कई अधूरे हैं. यह एक दो दिन में नहीं होगा, हमें इंतजार करना होगा. हमें उम्मीद करनी चाहिए की नयी सरकार में नये संकल्प के साथ सभी विकास के पथ अग्रसर होंगे़ खास कर गांवों की, कलाकारों की, भाषा की स्थिति दयनीय है, जिसे धैर्य के साथ सरकार को ठीक करना होगा. नयी सरकार को मेरी शुभकामनाएं .
-पद्मश्री मुकुंद नायक
गवर्नेंस को ठीक करना होगा
हेमंत सरकार के समक्ष कई चुनौतियां हैं. सबसे पहले खजाने को भरने के लिए रेवेन्यू जेनरेट करने के लिए विशेष उपाय करने होंगे. प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा ध्वस्त हो चुकी है. इसे दुरुस्त करने के लिए योजना तैयार करनी होगी. कई पद खाली हैं. नयी नियुक्ति नहीं हो रही है. इसे पटरी पर लाना होगा. जेपीएससी को सशक्त करने की आवश्यकता है. नयी सरकार ने कर्ज माफी करने की बात कही है, तो सरकार इसके लिए पैसे कहां से लायेगी. इस पर ध्यान देना होगा. इन सबसे भी बड़ी चुनौती है गवर्नेंस में पिछड़े झारखंड को आगे लाना है.
-डॉ आरपीपी सिंह, अर्थशास्त्री सह पूर्व कुलपति
जनता को अभिव्यक्ति की आजादी मिले
मैं झारखंड की जनता को बधाई देती हूं. मैं किसी पार्टी विशेष काे नहीं, विपक्ष को बधाई देती हूं. 2014 के बाद झारखंड में जो हालात बने हैं, उससे सभी अवगत हैं. आतंक का माहौल था. अभिव्यक्ति के अधिकार छीन लिये गये थे.
जनता को अभिव्यक्ति की आजादी मिलनी ही चाहिए. खास कर 2014 के बाद झारखंड में कई नियम कानून बदल दिये गये. ऐसे में नयी सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं. लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके यह हेमंत सरकार की प्राथमिकता में हो. जल, जंगल व जमीन को लेकर आदिवासियों के बीच जो भय का माहौल बन चुका है उसे दूर करना होगा.
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