रांची : नाले में गिरे बच्चे का हाथ दिखा, तो मां ने कूद कर निकाला, रांची चिल्ड्रेन अस्पताल में चल रहा इलाज
Updated at : 06 Dec 2019 9:35 AM (IST)
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लोअर वर्द्धमान कंपाउंड के पाहन टोली में खेलने के दौरान नाले में गिर गया था बच्चा रांची : लोअर वर्द्धमान कंपाउंड के पाहन टोली (फ्रेंड्स कॉलोनी) में गुरुवार को करमटोली की ओर से बह कर आ रहे नाले में सवा साल का बच्चा अखिल उरांव गिर गया था. उसका केवल हाथ दिख रहा था. बच्चे […]
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लोअर वर्द्धमान कंपाउंड के पाहन टोली में खेलने के दौरान नाले में गिर गया था बच्चा
रांची : लोअर वर्द्धमान कंपाउंड के पाहन टोली (फ्रेंड्स कॉलोनी) में गुरुवार को करमटोली की ओर से बह कर आ रहे नाले में सवा साल का बच्चा अखिल उरांव गिर गया था. उसका केवल हाथ दिख रहा था. बच्चे की मां सोनी उरांव बगल में कुएं पर कपड़ा धो रही थी. जब इसकी जानकारी उसे मिली, तो उसने नाले में कूद कर बच्चे को निकाला. नाले से निकालने के बाद बच्चे की सांस नहीं चल रही थी. इस दौरान वहां हो-हल्ला मच गया. शोर सुन कर पदयात्रा कर रहे झामुमो प्रत्याशी व कार्यकर्ता वहां पहुंचे
झामुमो कार्यकर्ता परविंदर सिंह नामधारी ने बच्चे को गोद में लिया और बाइक से उसे केसी मेमोरियल अस्पताल ले गये, लेकिन डॉक्टरों ने अस्पताल में बच्चे के इलाज की सुविधा नहीं होने की बात कही. इस दौरान झामुमो कार्यकर्ता से उनकी हल्की बहस भी हुई़ इसके बाद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के तहत बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया. इस दौरान परविंदर सिंह नामधारी बच्चे की पीठ पर थपथपाते रहे. इससे बच्चे की हल्की सांस चलने लगी़ फिर उसे ऑक्सीजन लगाया गया. इसके बाद सांस पूरी तरह चलने लगी़ इसके बाद बच्चे को रानी चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया़
नगर निगम से बात करेगा सीडब्ल्यूसी : सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने कहा कि शहर में अधिकतर नाले खुले है़ं इस कारण आये दिन इस तरह की घटना हो रही है. लोगों की सुरक्षा के लिए नगर निगम क्या कर रहा है़ गत 24 जुलाई को भी हिंदपीढ़ी में नाले का स्लैब खुला होने कारण एक बच्ची गिर कर बह गयी थी़ उस घटना के बाद भी नगर निगम की आंखें नहीं खुलीं.
मंत्री, मेयर सभी भाजपा के, फिर भी नालों को नहीं ढंका जा रहा : झामुमो अल्पसंख्यक विंग के केंद्रीय अध्यक्ष परविंदर सिंह नामधारी ने कहा कि रांची के विधायक, नगर विकास मंत्री, मेयर व डिप्टी मेयर सभी भाजपा के है़ं सरकार भी उनकी है़ उसके बाद भी राजधानी में अधिकतर नाले खुले हुए है़ं 24 जुलाई की घटना से भी भाजपा सरकार ने सीख नहीं ली. घटना शहर के बीचोंबीच हो रही है़ यदि कोई कस्बा होता, तो समझ में आता. पूरी सरकार राजधानी में है, उसके बाद भी शहर की यह हालत है.
सीडब्ल्यूसी व डीसीपीयू ने लिया खर्च का जिम्मा
चिकित्सकों ने इलाज में काफी खर्च होने बात कही. बच्चे का परिवार गरीब है.
इसके बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने बाल वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष रूपा कुमारी से बात की़ रूपा ने अपनी टीम रानी चिल्ड्रेन अस्पताल भेजी. सीडब्ल्यूसी व जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) ने सारा खर्च उठाने का जिम्मा लिया.
नगर आयुक्त ने अगस्त में सरकार को लिखा था पत्र
हिंदपीढ़ी की घटना के बाद नगर आयुक्त ने नगर विकास सचिव को पत्र लिख कर शहर में खुले नालों की विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी. नगर आयुक्त ने मांग की थी कि खुले नालों को ढंकने के लिए सरकार से मदद की जरूरत है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर इन नालों को ढंका जा सके.
शहर में 8.50 लाख मीटर नाले खुले हैं
रांची नगर निगम क्षेत्र में बने नालों की कुल लंबाई 14 लाख मीटर है. इसमें से 8.50 लाख मीटर बड़े नाले ऐसे हैं, जो अब तक खुले हैं. इन नालों को अगर नहीं ढंका गया, तो भविष्य में इस प्रकार के हादसे होते रहेंगे. गुरुवार को भी पाहन टोली के जिस नाले में बच्चा गिरा था, वह नाला पूरी तरह से खुला है.
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