झारखंड के सहायता प्राप्त स्कूलों में अवैध रूप से हो रही है शिक्षकों की नियुक्ति
Updated at : 05 Dec 2019 6:22 AM (IST)
विज्ञापन

डीएसइ कार्यालय व विद्यालय प्रबंधन समिति की है संलिप्तता रांची : राज्य के विभिन्न गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) विद्यालयों में शिक्षक व कर्मियों की नियुक्ति में सरकारी प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है. विद्यालयों में अनियमित, अवैध रूप से नियुक्त, गैर अर्हताधारी, बिना वेतन निर्धारण अनुमोदन व गैर प्रशिक्षित शिक्षकों से कार्य […]
विज्ञापन
डीएसइ कार्यालय व विद्यालय प्रबंधन समिति की है संलिप्तता
रांची : राज्य के विभिन्न गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) विद्यालयों में शिक्षक व कर्मियों की नियुक्ति में सरकारी प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है.
विद्यालयों में अनियमित, अवैध रूप से नियुक्त, गैर अर्हताधारी, बिना वेतन निर्धारण अनुमोदन व गैर प्रशिक्षित शिक्षकों से कार्य लिया जा रहा है. इसमें डीएसइ कार्यालय व विद्यालय प्रबंधन समिति की भी संलिप्तता है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक आदित्य रंजन ने इस संबंध में सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखा है.
पत्र में कहा गया है कि विभिन्न न्यायिक वादों में यह पाया गया है कि विंद्यालय प्रबंध समिति एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा राज्य सरकार के नियमों के विरुद्ध कार्य करते हुए न्यायालय में प्रति शपथ पत्र दायर किया जाता है, जबकि विद्यालय प्रबंधन समिति व जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को सरकार के नियमों का अक्षरश: अनुपालन करना है.
शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर पूर्व में भी विभाग द्वारा निर्देश जारी किया था, इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा अवैध तरीके से ऐसे व्यक्तियों से काम लिया जाता है एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा वेतन का भुगतान किया जा रहा है.
विद्यालय प्रबंधन समिति नहीं ले ऐसे शिक्षकों से कार्य : बइस संबंध में निदेशालय द्वारा महाधिवक्ता से परामर्श लिया गया था. परामर्श के अनुरूप जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय प्रबंधन समिति अवैध/अनियमित रूप से नियुक्त शिक्षकों से कार्य नहीं ले.
ऐसे शिक्षकों से कार्य लेनेवाले विद्यालय प्रबंधन समिति के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. सभी जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया गया है वे ऐसे विद्यालयों की जानकारी निदेशालय को दें.
डीएसइ से होगी वेतन की राशि की वसूली : सरकार के निर्देश का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में ऐसे शिक्षक व कर्मियों को किये गये वेतन भुगतान की राशि की वसूली जिला शिक्षा अधीक्षक व दोषी कर्मी से की जायेगी. निदेशालय द्वारा जारी निर्देश का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
राज्य के 16,264 शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति के लिए नहीं कराया पंजीयन
रांची : झारखंड शिक्षा परियोजना के निर्देश के बाद भी राज्य के 16264 शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति बनाने के लिए अब तक अपना पंजीयन नहीं कराया है. इनमें 9271 पारा शिक्षक व 6993 सरकारी शिक्षक हैं. जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में लगभग 20 हजार पारा शिक्षकों का मानदेय बायोमेट्रिक्स उपस्थिति नहीं बनाने के कारण रोका गया है.
राज्य में वर्तमान में लगभग 61 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं. जिन शिक्षकों ने पंजीयन कराया है, उनमें से भी कई पारा शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बना रहे हैं. वहीं बायोमेट्रिक्स उपस्थिति नहीं बनाने वाले पारा शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति की रिपोर्ट तीन दिसंबर तक जिलों से मांगी गयी थी. अधिकतर जिलों ने रिपोर्ट भेज दी है.
ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बनाने वाले वैसे पारा शिक्षकों के बकाया मानदेय का भुगतान जल्द कर दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि चुनाव आचार संहिता के कारण फिलहाल विद्यालयों में टैब का प्रयोग नहीं हो रहा है. इस कारण शिक्षकों को अपने मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति बनाने को कहा गया है, पर शिक्षक मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति बनाने का विरोध कर रहे हैं.
रांची में 1070 शिक्षकों ने नहीं कराया पंजीयन : रांची में 1070 शिक्षकों ने अब तक ऑनलाइन उपस्थिति के लिए पंजीयन नहीं कराया है. इसमें सरकारी व पारा शिक्षक दोनों शामिल हैं. जिला स्तर से पंजीयन नहीं कराने वाले शिक्षकों का नाम राज्य परियोजना कार्यालय को भेज दिया गया है.
हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालय की स्थिति खराब : राज्य के लगभग सभी प्लस टू व हाइस्कूल में बायोमेट्रिक्स उपस्थिति बनाने की सुविधा दी गयी है. इसके बाद भी शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बना रहे हैं.
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा की गयी समीक्षा में यह बात सामने आयी है कि सुविधा होने के बाद भी हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालय के शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बना रहे हैं. शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति बनायें, इसके लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है. ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बनानेवाले शिक्षकों का वेतन भुगतान करने पर डीडीओ पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




