नामकुम : औद्योगिकीकरण के साथ समस्याएं भी बढ़ी
Updated at : 17 Oct 2019 1:15 AM (IST)
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नामकुम : भारतीय प्राकृतिक राल एवं गोंद संस्थान नामकुम में बुधवार को जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता विषय पर एकदिवसीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि झारखंड प्रौद्योगिकी विवि के कुलपति डॉ गोपाल पाठक ने कहा कि औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण से सुविधाएं बढ़ी हैं, परंतु इसके साथ कई […]
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नामकुम : भारतीय प्राकृतिक राल एवं गोंद संस्थान नामकुम में बुधवार को जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता विषय पर एकदिवसीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया.
संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि झारखंड प्रौद्योगिकी विवि के कुलपति डॉ गोपाल पाठक ने कहा कि औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण से सुविधाएं बढ़ी हैं, परंतु इसके साथ कई समस्याएं उत्पन्न हुई. उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर 1974 में पहली बार सभी देशों के शासनाध्यक्षों ने मिल कर जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की एवं कुछ संकल्प सुझाये. पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े कानून की जरूरत बतायी.
अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो आनेवाला हर दिन भारी पड़ेगा. संस्थान के निदेशक डॉ केवल कृष्ण शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों व उपलब्धियों की जानकारी दी. निदेशक ने कहा कि हमारी समस्या यह है कि हम अपने को प्रकृति के अनुरूप ढालने के बजाय प्रकृति को ही अपने अनुकूल करने लगते हैं.
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