माइंडफूलनेस से बढ़ती है बौद्धिक क्षमता

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Aug 2014 3:59 PM

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मनोज सिंहरांची : माइंडफूलनेस (योग की बुद्ध तकनीकी) से छात्रों में बौद्धिक क्षमता बढ़ती है. तनाव भी घटता है. इसके कई फायदे होते हैं. रिनपास के छात्र आनंद कुमार के अध्ययन में यह परिणाम आया है. रिनपास के मनोविज्ञान के विद्यार्थी आनंद ने विभागाध्यक्ष डॉ अमूल रंजन सिंह और योग शिक्षक पीके सिंह के निर्देशन […]

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मनोज सिंहरांची : माइंडफूलनेस (योग की बुद्ध तकनीकी) से छात्रों में बौद्धिक क्षमता बढ़ती है. तनाव भी घटता है. इसके कई फायदे होते हैं. रिनपास के छात्र आनंद कुमार के अध्ययन में यह परिणाम आया है. रिनपास के मनोविज्ञान के विद्यार्थी आनंद ने विभागाध्यक्ष डॉ अमूल रंजन सिंह और योग शिक्षक पीके सिंह के निर्देशन में अध्ययन किया. अध्ययन कांके स्थित संत जोसेफ स्कूल के विद्यार्थियों पर किया गया. कुछ 100 विद्यार्थियों में से 32 विद्यार्थियों को सैंपल के तौर पर रखा गया था. सभी विद्यार्थी वर्ग आठ और नौ के थे. 16 (कंट्रोल ग्रुप)-16 (एक्सपेरिमेंटल ग्रुप) विद्यार्थियों का दो ग्रुप बनाकर अध्ययन किया गया. सभी विद्यार्थी 13 से 15 साल के ग्रुप के हैं. दो माह तक विद्यार्थियों पर अध्ययन किया गया. क्या होता है माइंडफूलनेस डॉ पीके सिंह बताते हैं कि यह एक प्रकार का योग है. यह भारत में बहुत पहले प्रचलित था. आम तौर पर इसे योग का बुद्ध तकनीकी कहा जाता था. यह ऐसी तकनीक है, जिसे मन के अंदर एकाग्रता विकसित किया जाता है. इसमें यह बताया जाता है कि जो काम करो, एकाग्र होकर करो. जब खाना खा रहे हंै, तो केवल खाना पर केंद्रित होकर करें. इससे खाने का गुण पता चलेगा. जो आपके आसपास की चीज हो, उसे व्यवस्थित करने और रखने की कोशिश करें. इससे एक प्रकार का गुण आपमें विकसित होगा. इसका मदद आपको पढ़ाई के दौरान भी मिलेगा.कैसे विकसित होगा यह गुणइस गुण को विकसित करने के लिए पहले अपने शरीर पर ध्यान देना होगा. शरीर को सुबह-सुबह एकाग्र होकर योग निंद्रा की तरह इसका नियमित प्रयोग करें. अध्ययन में पाया गया कि 30 दिनों के अंदर ही इसका असर दिखने लगता है. योग निंद्रा में सोने की स्थिति में शरीर के एक-एक अंग पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है. अध्ययन के दौरान बच्चों को नियमित रूप से ड्रेस आयरन कर आने को कहा गया. खाने से पहले फलों को नियमित रूप से धोने को कहा गया था. क्या पाया गया फायदा अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों ने माइंडफूलनेस तकनीकी का नियमित प्रयोग किया था, उसमें तनाव कम दिखा. उनकी शैक्षणिक गतिविधियों पर सकारात्मक असर पड़ा. ऐसा अध्ययन करनेवाले विद्यार्थी को शिक्षकों पर विद्यार्थियों के अभिभावकों ने कहा.

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