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रांची : 30 करोड़ की साड़ी के लिए चाहिए 1000 करोड़ की कंपनी

Updated at : 03 Sep 2019 9:29 AM (IST)
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रांची : 30 करोड़ की साड़ी के लिए चाहिए 1000 करोड़ की कंपनी

हर निबंधित महिला मजदूर को 600 रुपये की एक साड़ी देगी सरकार आपूर्ति में कंपनी के पिछले दो साल के प्रदर्शन का ध्यान रखा जाना चाहिए : सीवीसी रांची : श्रम विभाग राज्य की निबंधित महिला मजदूरों के बीच साड़ी का वितरण करेगा. जानकारी के मुताबिक राज्य में करीब पांच लाख महिलाएं मजदूर के रूप […]

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हर निबंधित महिला मजदूर को 600 रुपये की एक साड़ी देगी सरकार
आपूर्ति में कंपनी के पिछले दो साल के प्रदर्शन का ध्यान रखा जाना चाहिए : सीवीसी
रांची : श्रम विभाग राज्य की निबंधित महिला मजदूरों के बीच साड़ी का वितरण करेगा. जानकारी के मुताबिक राज्य में करीब पांच लाख महिलाएं मजदूर के रूप में निबंधित हैं. इनको सरकार ने 600-600 रुपये की एक-एक साड़ी देने का निर्णय लिया है. खास बात यह है कि साड़ी खरीदने के लिए निकाली गयी निविदा आजकल चर्चा में है. श्रम विभाग ने साड़ी खरीदने के लिए जो निविदा निकाली है, उसमें 1000 करोड़ रुपये से ऊपर का उत्पादन प्रतिवर्ष करनेवाली कंपनी ही हिस्सा ले सकती है. इसके अतिरिक्त वैसी कंपनी भी टेंडर में हिस्सा ले सकती है, जो पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से सालाना बिक्री कर रही है.
सीवीसी ने कई बार दिया है दिशा-निर्देश
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की गाइड लाइन में कई उदाहरण देकर टेंडर निष्पादन के बारे में स्थिति स्पष्ट किया गया है. टेंडर के प्री क्वालिफिकेशन के बारे में जानकारी दी गयी है. 17 दिसंबर 2002 को जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में भारत सरकार का सीवीसी ने कई अनियमितता के उदाहरण बताये हैं. इस तरह की आपूर्ति में कंपनी के पिछले दो साल के प्रदर्शन का ध्यान रखा जाना चाहिए. उसकी उत्पादन और कार्यक्षमता और मैनपावर ध्यान में रखा जाना चाहिए.
क्या उदाहरण दिया था सीवीसी ने
इसमें कहा गया है कि एक सरकारी संस्था को 10 करोड़ या इससे कम के कंप्यूटर हार्डवेयर खरीदने थे. लेकिन इसके टेंडर में 100 करोड़ के टर्न ओवर को जरूरी योग्यता मांगी गयी. केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इसे गलत माना और कहा कि ऐसा करने से किसी पार्टी विशेष को लाभ पहुंचाने की मंशा है.
सीवीसी ने उदाहरण में बताया कि अगर किसी कंपनी को 15 करोड़ का काम दो साल में पूरा करना है, इसके लिए 15 करोड़ का टर्न ओवर पांच साल का मांगा जाये, तो यह भी गलत है. यह किसी विशेष को फायदा देने के लिए है.
अच्छी गुणवत्ता की साड़ी लेनी है, तो बड़ी कंपनी से ही खरीदना होगा. यहां इस स्तर के आपूर्तिकर्ता भी नहीं हैं. सरकार ने साड़ी की गुणवत्ता का ख्याल रखा है. सरकार चाहती है कि मजदूरों को अच्छी चीज मिले.
डॉ राजीव अरुण एक्का, सचिव, श्रम विभाग
किस जिले में कितनी बांटनी हैं साड़ियां
जिला लक्ष्य
रांची 18474
खूंटी 6568
लोहरदगा 6227
गुमला 7722
सिमडेगा 4058
पलामू 18183
गढ़वा 7836
लातेहार 12340
पूर्वी सिंहभूम 49019
पश्चिमी सिंहभूम 12072
सरायकेला-खरसांवा 38455
दुमका 20129
देवघर 22120
जामताड़ा 2191
गोड्डा 34946
साहेबगंज 10024
पाकुड़ 15848
हजारीबाग 41808
गिरिडीह 19013
चतरा 33309
कोडरमा 24839
रामगढ़ 15166
बोकारो 12901
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