23 एकलव्य मॉडल स्कूल के लिए झारखंड सरकार ने केंद्र से मांगी राशि

Updated at : 27 Aug 2019 6:06 AM (IST)
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23 एकलव्य मॉडल स्कूल के लिए झारखंड सरकार ने केंद्र से मांगी राशि

केंद्रीय गृह मंत्री ने की उग्रवाद प्रभावित राज्यों के सीएम व अधिकारियों के साथ बैठक रांची : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को नयी दिल्ली में उग्रवाद प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री व अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में झारखंड की ओर से उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सरकार की ओर से किये जा रहे […]

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केंद्रीय गृह मंत्री ने की उग्रवाद प्रभावित राज्यों के सीएम व अधिकारियों के साथ बैठक
रांची : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को नयी दिल्ली में उग्रवाद प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री व अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में झारखंड की ओर से उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सरकार की ओर से किये जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी गयी. साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत 23 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए राशि मांगी गयी.
बताया गया कि 23 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में से 22 उग्रवाद प्रभावित जिलों में है. सभी इकाई के लिए 15-15 एकड़ भूमि प्राप्त है. राशि मिलते ही काम शुरू हो जायेगा. यह भी बताया कि वर्ष 2018-19 तक कुल स्वीकृत 23 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के विरुद्ध सात विद्यालय क्रियाशील हो गये हैं. इसमें 2963 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. इन स्कूलों में प्रति छात्र प्रति वर्ष एक लाख नौ हजार रुपये खर्च किये जा रहे हैं.
61,970 को दिया गया वनाधिकार पट्टा : बैठक में सरकार की ओर से बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत 61,970 दावे स्वीकृत किये गये हैं. इसमें 59,866 को व्यक्तिगत व 2104 को सामुदायिक पट्टा दिया गया है. कुल निरस्त 28,107 दालों की पुनर्समीक्षा के लिए उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है. पुनर्समीक्षा का कार्य जुलाई 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा.
पांच आइटीआइ में शुरू होगी एनसीपीआइ की पढ़ाई : सरकार ने उग्रवाद प्रभावित 10 जिलों में युवाओं के कौशल विकास के लिए पांच आइटीआइ का निर्माण कराया है. शेष का निर्माण जुलाई 2020 तक पूर्ण कर लिया जायेगा. स्वीकृत 20 स्किल डेवलपमेंट सेंटर के विरुद्ध 14 का निर्माण कर लिया गया है. शेष छह का निर्माण सितंबर 2019 तक पूरा कर लिया जायेगा.
निर्मित पांच आइटीआइ में चालू सत्र से ही एनसीपीआइ पाठ्यक्रम की पढ़ाई चालू कर दी जायेगी. वहीं स्किल डेवलपमेंट सेंटर में प्रशिक्षण का काम नवंबर 2019 से शुरू किया जायेगा. झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा उग्रवाद प्रभावित जिलों में 82,177 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित कर 46,947 को रोजगार से जोड़ा जा चुका है.
उग्रवाद प्रभावित जिलों की सभी पंचायतों में बैंकिंग कवरेज : राज्य के उग्रवाद प्रभावित 3385 पंचायतों में 2630 बैंक शाखाएं कार्यरत हैं. 2017 पंचायतें ऐसी हैं, जहां एक भी बैंक शाखा नहीं है. इन्हें फिक्स्ड लोकेशन के द्वारा बैंकिंग सुविधाएं दी जा रही हैं.
उग्रवाद प्रभावित पंचायतों में कुल 4212 फिक्स्ड लोकेशन एवं 3064 एटीएम कार्यरत हैं. वहीं उग्रवाद प्रभावित जिलों में 816 मोबाइल टावर लगाये गये हैं. इन टावर में से कुल 754 साइट्स को वाईफाई व हॉट स्पॉट के रूप में विकसित कर इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
झारखंड ने केंद्र को दिया बोकारो में स्टील कलस्टर बनाने का प्रस्ताव
नयी दिल्ली/रांची : झारखंड द्वारा बोकारो में स्टील कलस्टर बनाये जाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक पहल की है. वहीं पर्यावरण संबंधी मामलों में एनजीटी के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए राज्य स्तर पर सिया के माध्यम से क्लीयरेंस में स्पष्टता व तय समय सीमा में निष्पादन के लिए केंद्र सरकार मार्गदर्शन देगी. केंद्र और राज्य मिल कर समन्वय के साथ कार्य करेंगे.
खनन क्षेत्र में रह रहे लोगों के विकास, पर्यावरण अनुकूल राज्य की प्रगति और समृद्धि को प्राथमिकता दी जायेगी. नयी दिल्ली के शास्त्री भवन में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मंत्री कोयला और खनन प्रह्लाद जोशी एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में इसको लेकर सहमति बनी.
सारंडा में पर्यावरण अनुकूल खनन को लेकर अनुशंसा जल्द : बैठक में सारंडा क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल खनन और विकास को लेकर आइसीएफआरआइ देहरादून, आइआइटी खड़गपुर तथा आइएसएम धनबाद की एक संयुक्त टीम और केंद्र सरकार के इन विभागों के आला अधिकारी व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया. कमेटी इन सभी मुद्दों पर विचार करते हुए अपनी अनुशंसा एक निर्धारित समय सीमा में केंद्र सरकार को सौंपेगी. सारंडा के आयरन अयस्क के ब्लॉक से संबंधित मामलों पर राज्य सरकार एवं इस संबंध में दिये गये तकनीकी परामर्श के अनुकूल कार्य करने का निर्णय लिया गया.
लेना पड़ेगा ट्रांजिट चालान : बैठक में कहा गया कि कोल इंडिया की कंपनियां जो झारखंड में रेल से कोयला का परिवहन करती हैं, उन्हें भी राज्य सरकार से निर्धारित ट्रांजिट चालान लेना होगा, ताकि राज्य सरकार का इस पर नियंत्रण हो सके और राजस्व की भी प्राप्ति हो सके. बैठक में केंद्र व राज्य सरकार के कई अधिकारी मौजूद थे.
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