ममता बनर्जी का धरना 5वें दिन खत्म : SC के आदेश को बताया ‘जीत’, बोलीं- खुल गया आयोग का बंद दरवाजा

Updated at : 10 Mar 2026 10:13 PM (IST)
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Mamata Banerjee Dharna ends west bengal cm Called SC order a victory

Mamata Banerjee Dharna News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ जारी अपना धरना 5वें दिन खत्म कर दिया. धरना खत्म करने के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की. जानें ममता बनर्जी ने आज क्या-क्या कहा.

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Mamata Banerjee Dharna News: पश्चिम बंगाल में कथित दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया’ के खिलाफ धर्मतला के मेट्रो चैनल पर 5 दिन से धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपना आंदोलन ‘अस्थायी’ रूप से समाप्त करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के लिए स्वतंत्र ‘अपीलीय अधिकरण’ (Appellate Tribunal) गठित करने के आदेश के बाद उठाया. धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

धरनास्थल से पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने न्याय के जो दरवाजे बंद कर दिये थे, वे अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से खुल गये हैं. उन्होंने कहा- जिन लोगों के नाम ‘तार्किक विसंगति’ के बहाने हटा दिये गये थे, उनके लिए अब आशा की नयी किरण जगी है. यह बंगाल की जनता की जीत है.

आम नागरिक के रूप में लड़ी लड़ाई

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका एक ‘मुख्यमंत्री’ के तौर पर नहीं, ‘आम नागरिक’ की हैसियत से दायर की थी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि पूर्व जजों की अध्यक्षता वाला यह अधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि मतुआ, मुस्लिम, ईसाई और आदिवासी सहित किसी भी समुदाय के वास्तविक मतदाता का नाम लिस्ट से न छूटे.

Mamata Banerjee Dharna: गैस की कीमतों पर प्रहार

ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विज्ञापनों पर खर्च किया जा रहा पैसा रसोई गैस की सब्सिडी के रूप में दिया जाना चाहिए.

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आयोग पर भाजपा का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मुद्दे पर आयोग की प्रतिक्रिया भाजपा से प्रभावित लग रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि टीएमसी आगे की स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी और अगर गड़बड़ी हुई, तो आंदोलन फिर शुरू हो सकता है.

राज्यपाल से मुलाकात और केंद्र पर निशाना

धरना खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की. हालांकि, इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. डॉ बोस बुधवार को कोलकाता से रवाना हो रहे हैं.

डॉ सीवी आनंद बोस को बताया विद्वान

मुख्यमंत्री ने डॉ सीवी आनंद बोस को विद्वान और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व बताया. कहा कि उनके कार्यकाल में राज्य के कल्याण और प्रगति के मुद्दों पर उनके साथ सार्थक चर्चा करने का अवसर मिला. ममता बनर्जी ने डॉ बोस के भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ बोस अपने अनुभव और बुद्धिमत्ता से आने वाली हर जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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