12 रुपये के लिक्विड के कारण 15 दिनों से कंबल धुलाई मशीन बेकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Aug 2019 1:57 AM (IST)
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रांची : रांची स्टेशन में कंबल धुलाई मशीन महज 12 रुपये के लिक्विड के कारण 15 दिनों से बेकार पड़ी है. उक्त मशीन का उदघाटन 31 जुलाई को डीआरएम नीरज अंबष्ठ ने किया था. इस मशीन द्वारा कंबल की बेहतर सफाई व पहले की तुलना में किफायती होने की बात कही गयी थी. शुरुआत में […]
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रांची : रांची स्टेशन में कंबल धुलाई मशीन महज 12 रुपये के लिक्विड के कारण 15 दिनों से बेकार पड़ी है. उक्त मशीन का उदघाटन 31 जुलाई को डीआरएम नीरज अंबष्ठ ने किया था. इस मशीन द्वारा कंबल की बेहतर सफाई व पहले की तुलना में किफायती होने की बात कही गयी थी. शुरुआत में आठ से नौ दिन तक इस मशीन से धुलाई हुई, लेकिन लिक्विड खत्म हो जाने के कारण यह मशीन पिछले 15 दिनों से बंद है.
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि एक घंटा मशीन चलने पर 12 रुपये का लिक्विड लगता है. प्रतिदिन इस मशीन का इस्तेमाल 15 से 16 घंटे किया जा सकता है. रेलवे के स्टोर डिपार्टमेंट को कई बार इसकी सूचना दी गयी, लेकिन अभी तक लिक्विड उपलब्ध नहीं कराया गया.
मशीन में छोटा-बड़ा कंबल वजन के अनुसार से डाला जाता है. एक दिन में औसतन 80 कंबल की सफाई होती है, जो अभी बंद है. ज्ञात हो कि कंबलों की सफाई प्राइवेट एजेंसी द्वारा करायी जाती थी, लेकिन लगातार यात्रियों की शिकायत आने के करण रेलवे ने यंत्रीकृत लाउंड्री में ब्लैंकेट ड्राइ क्लीनिंग मशीन स्थापित की.
एक माह बाद कंबल की होती है धुलाई : ब्लैंकेट ड्राई क्लीनिंग में मौजूद अधिकारी ने बताया कि डिस्पैच के बाद एक माह बाद कंबल की धुलाई होती है. वर्तमान में सभी धुले हुए कंबल का डिस्पैच हो गया है. गंदा कंबल को रखा जा रहा है. मशीन चलने पर कंबल की धुलाई की जायेगी.
एक-दो मशीन हमेशा खराब रहती है : मैकेनाइज्ड लाउंड्री में बेड सीट, तकिया की खोली व तौलिया साफ करने की मशीन भी लगायी गयी है. वहां मौजूद कर्मियों ने बताया कि प्रतिदिन एक-दो मशीन खराब रहती है. जिसका असर धुलाई पर पड़ता है.
यात्रियों ने कई बार की शिकायत
ट्रेन में गंदा बेड सीट व तकिया मिलने की शिकायत यात्रियों ने कई बार रेल मंत्री से ट्विटर पर की है. इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है. शनिवार को यात्री कलिमुद्दीन खान, पीएनआर नंबर 67335231741 ने रेल मंत्री को ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्हें गंदा तकिया कवर दिया गया. जब उन्होंने इस बाबत अटेंडेंट से शिकायत की, तो उसने कहा कि उसे गंदा तकिया ही मिला. इसलिए वह गंदा तकिया दे रहा है.
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