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झारखंड में कोई भी कार्डधारी किसी भी दुकान से ले सकता है राशन

Updated at : 06 Jul 2019 3:12 AM (IST)
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झारखंड में कोई भी कार्डधारी किसी भी दुकान से ले सकता है राशन

सितंबर के अंत तक और 14 लाख लोगों को एलपीजी के साथ चूल्हा मिल जाना चाहिए जनवितरण दुकानदारों का कमीशन प्रति क्विंटल 100 रुपये कर दिया गया रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में एक राज्य, एक राशन कार्ड की योजना लागू है. कोई भी […]

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  • सितंबर के अंत तक और 14 लाख लोगों को एलपीजी के साथ चूल्हा मिल जाना चाहिए
  • जनवितरण दुकानदारों का कमीशन प्रति क्विंटल 100 रुपये कर दिया गया
रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में एक राज्य, एक राशन कार्ड की योजना लागू है. कोई भी कार्डधारी राज्य की किसी भी राशन दुकान से उठाव कर सकता है. राज्य के 13.71 लाख राशन कार्डधारियों ने अपने जिला से राशन का उठाव किया है.वहीं, 720 लाभुकों ने जिला से बाहर की दुकानों से राशन लिया है. देश में एक देश एक राशन कार्ड की योजना लागू होते ही झारखंड उससे पूरी तरह जुड़ जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सभी ग्राम पंचायत, नगर पर्षद व नगर पंचायत के प्रत्येक वार्ड के 10,000 रुपये का आकस्मिक कोष उपलब्ध कराया गया है.
इसके अलावा सभी उपायुक्तों को भी पांच लाख रुपये का आकस्मिक कोष दिया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में 29,26,776 लाभुकों को उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस सिलिंडर और चूल्हा दिया गया है. सितंबर के अंत तक और 14 लाख लोगों को एलपीजी और चूल्हा मिल जाना चाहिए.
बैठक में ये लोग थे मौजूद : बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव अमिताभ कौशल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
खाद्यान्न क्रय में राज्य सरकार को 19.98 करोड़ की बचत
मुख्यमंत्री को बताया गया कि पॉस मशीन के कारण अप्रैल 2018 से अब तक खाद्यान्न क्रय में राज्य सरकार को 19.98 करोड़ और भारत सरकार को 277 करोड़ रुपये की बचत हुई है. एफसीआइ के गोदाम से राज्य के खाद्यान्न गोदाम तक खाद्यान्न ढुलाई के लिए निविदा द्वारा ट्रांसपोर्टर के चयन से भी प्रत्येक वर्ष 8.72 करोड़ रुपये बच रहे हैं. विभाग ने जानकारी दी कि अक्तूबर 2015 से पहले राज्य में 35,09,833 कार्डधारी थे. अक्तूबर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बाद सरकार ने अभियान चलाकर कार्ड बनाया. अब राज्य में 57,02,196 कार्डधारी लाभुक हैं.
32,360 किसानों से खरीदा गया धान
मुख्यमंत्री को बताया गया कि सूखा और अन्य विपरीत परिस्थिति के बाद भी 32,360 किसानों से 22,80,480 क्विंटल धान क्रय किया गया. यह पिछले वर्ष से 1.5 लाख क्विंटल अधिक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि डाकिया योजना के तहत आदिम जनजातियों के घरों तक एमओ राशन पहुंचा रहे थे. इसे और प्रभावी बनाने के लिए विभाग वैकल्पिक व्यवस्था करे. कोई घर छूटना नहीं चाहिए.
राशन दुकानदारों को प्रतिमाह रु. 1000 देने का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के राशन दुकानदारों को दुकानों के बेहतर संचालन के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये देने का फैसला किया गया है. जल्द ही राशि दुकानदारों को प्रदान की जायेगी. उन्होंने कहा कि जनवितरण दुकानदारों को पहले 45 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था. सरकार ने इसे बढ़ा कर 100 रुपये कर दिया है. केरोसिन में भी प्रति लीटर 10 पैसा कमीशन को बढ़ाकर एक रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा आज
रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास लगातार विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. इस कड़ी में वे शनिवार को झारखंड मंत्रालय में गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे. इस सरकार में चार वर्षों में किये गये कार्य और उससे पहले के चार वर्षों में हुए कार्यों की तुलना होगी. खासकर नक्सल और विधि व्यवस्था को लेकर समीक्षा की जायेगी.
शुक्रवार को दिन भर गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय में अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे. पुलिस मुख्यालय में डीजीपी केएन चौबे ने मातहत अधिकारियों के साथ तैयारी की समीक्षा की और विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिये. इस दौरान मुख्यालय के अधिकारी मौजूद रहे.
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