पलामू : बैलेस्टिक एक्सपर्ट के साथ सीबीआइ ने बकोरिया कांड का किया नाट्य रूपांतरण
Updated at : 05 Jul 2019 6:08 AM (IST)
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दिल्ली सीबीआइ की सात सदस्यीय टीम बकोरिया के भेलवाघाटी पहुंची सतबरवा (पलामू) : आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा ओपी क्षेत्र के बकोरिया भेलवाघाटी में हुए कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की जांच तेज हो गयी है. गुरुवार को सेंट्रल फोरेंसिक लैब के बैलेस्टिक एक्सपर्ट निदेशक डॉ निलेन्दु विकास वर्द्धन के साथ दिल्ली सीबीआइ की सात […]
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दिल्ली सीबीआइ की सात सदस्यीय टीम बकोरिया के भेलवाघाटी पहुंची
सतबरवा (पलामू) : आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा ओपी क्षेत्र के बकोरिया भेलवाघाटी में हुए कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की जांच तेज हो गयी है. गुरुवार को सेंट्रल फोरेंसिक लैब के बैलेस्टिक एक्सपर्ट निदेशक डॉ निलेन्दु विकास वर्द्धन के साथ दिल्ली सीबीआइ की सात सदस्यीय टीम बकोरिया के भेलवाघाटी पहुंची.
वहां पर टीम ने बकोरिया कांड का डेमो (नाट्य रूपांतरण) किया. डेमो के जरिये पूरी घटना को समझने की कोशिश की. करीब दो घंटे तक सीबीआइ की टीम भेलवाघाटी में रही. इस दौरान सतबरवा के तत्कालीन थाना प्रभारी मो रुस्तम, मनिका थाना प्रभारी रहे गुलाम रसूल व पलामू सदर के तत्कालीन थानेदार हरीश पाठक से भी टीम जानकारी लेती रही.
टीम ने क्या जानने की कोशिश की
जानकारी टीम ने वहां पहुंच कर यह भी जानने की कोशिश की कि मुठभेड़ को लेकर पुलिस द्वारा जो जानकारी दी गयी है, वह मुमकिन हो सकता है या नहीं. यदि गाड़ी में छह लोग बैठे हैं, तो गोली चल सकती है या नहीं.
घटनास्थल पर पहुंचने के पूर्व सीबीआइ की टीम ने सतबरवा थाना में लगभग चार घंटे तक गहन छानबीन की. इस दौरान घटना के दिन उग्रवादियों ने जिस स्कार्पियो वाहन का प्रयोग किया गया था, उसकी बारीकी से जांच की. करीब दो बजे वहां से टीम भेलवाघाटी पहुंची थी. जांच के दौरान ही बारिश भी शुरू हो गयी. इसके कारण टीम वहां से निकल गयी.
टीम पलामू में रह कर सभी पहलुओं की जांच करेगी
सूत्रों ने बताया कि अभी टीम पलामू में रहेगी और सभी पहलुओं की जांच करेगी. इससे जुड़े जो भी तथ्य हैं, उसकी गहनता से जांच चल रही है. जहां घटनास्थल है, उसके कितने दूर पर उग्रवादी थे. कैसे मुठभेड़ हुआ, इसकी गहनता के साथ तहकीकात की गयी है. हालांकि जांच के दौरान जांच पदाधिकारियों ने मीडिया को कुछ भी बताने से परहेज किया.
मालूम हो कि इस घटना के बाद मारे गये लोगों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए सीबीआइ जांच की मांग की थी. इस केस के शिकायतकर्ता सतबरवा ओपी के तत्कालीन प्रभारी मो रुस्तम है. इस मामले में मनिका के उदय यादव, चतरा के एजाज अहमद, जोगेश यादव के साथ नौ अज्ञात मृतक तथा एक अज्ञात नक्सली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
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