रांची : राष्ट्र निर्माण में धरती आबा का अहम योगदान

Updated at : 10 Jun 2019 9:03 AM (IST)
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रांची : राष्ट्र निर्माण में धरती आबा का अहम योगदान

रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है. वीरों का योगदान राष्ट्र के निर्माण में रहा है. ऐसे ही एक वीर भगवान बिरसा मुंडा थे. उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. बिहार-झारखंड में उनको भगवान का दर्जा दिया जाता है. उन्होंने अल्पायु में समाज के लोगों को […]

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रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है. वीरों का योगदान राष्ट्र के निर्माण में रहा है. ऐसे ही एक वीर भगवान बिरसा मुंडा थे.
उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. बिहार-झारखंड में उनको भगवान का दर्जा दिया जाता है. उन्होंने अल्पायु में समाज के लोगों को एकत्र कर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदाेलन किया. आवाज उठायी. एकता का संदेश दिया. वह रविवार को बरियातू स्थित विकास भारती में बिरसा मुंडा के शहादत दिवस सह पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने सामाजिकता और अाध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाया, जो अनुकरणीय है.
उनके बलिदान को याद करना हम सबके लिए गाैरव की बात है. पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा, जल संरक्षण, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विकास भारती वर्षों से कार्य करती आ रही है. राज्य के 23 जिलाें में यह अभियान चलाया जायेगा. 12 जून को करीब पांच हजार गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. नदी पूजन का कार्य किया जायेगा. उन्होंने कहा कि जंगल से ही आदिवासियों का अस्तित्व है और आदिवासियों से जंगल सुरक्षित हैं.
एक वृक्ष पांच पुत्रों के समान : मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि एक वृक्ष पांच पुत्रों के समान होता है और हम अगर पांचों पुत्रों का सही तरीके से पालन कर लिये तो पर्यावरण की रक्षा खुद हो जायेगी. पर्यावरण की रक्षा से ही हमारा कल्याण हो सकता है. कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम ने कहा कि पौधरोपण के माध्यम से ही पर्यावरण की रक्षा हो सकती है.
पीसीसीएफ संजय कुमार ने सरकार की योजनाओं और आगे की रणनीति की जानकारी दी. चेंबर अध्यक्ष दीपक मारू ने कहा कि चेंबर विकास भारती के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण पर सहयोग करेगा. विकास भारती के उपाध्यक्ष डॉ अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर संस्था के कोषाध्यक्ष महेंद्र भगत सहित विभिन्न स्थानों से आये लोग शामिल थे. संचालन डॉ प्रदीप मुंडा ने किया.
सिर्फ पौधा लगाने से नहीं होगा, उसे बचाने की हो कोशिश: राज्यपाल ने कहा कि राज्य खनिज संपदा के अलावा पेड़-पौधाें से भी परिपूर्ण है. प्रकृति की इस धरोहर को बचाना होगा. आज दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है. हमारा राज्य भी इसकी चपेट में है. रांची बिहार के समय ग्रीष्मकालीन राजधानी थी, क्योंकि यहां का मौसम बहुत अच्छा था. लेकिन आज परिस्थिति बदल गयी है. पेड़ लगाने के साथ-साथ उसको बचाने की भी जरूरत है. पौधा लगाकर फोटो खिंचवाने और मीडिया में देने के अलावा पौधों को देखरेख करने की जरूरत है.
अगर हम एक पेड़ काटते हैं, तो हमें 10 पेड़ लगाना चाहिए. यह आम आदमी की जरूरत है. विकास भारती का प्रयास लगातार सराहनीय है. सरकार पौधा लगाने और जंगल बचाने के प्रयास में लगी हुई है. पीने के पानी की किल्लत है.
प्लास्टिक का प्रयोग हो रहा है. जब मैं तालाब देखने जाती हूं, तो वहां प्लास्टिक दिखता है. पानी गंदा मिलता है. नगर निगम को दोष देने के बजाय स्वयं काे भी जागरूक बनायें, तभी शहर स्वच्छ और स्वस्थ बनेगा.
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