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हिंडाल्को हादसा : एक माह बाद भी तैयार नहीं हुई जांच रिपोर्ट

14 May, 2019 8:36 am
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हिंडाल्को हादसा : एक माह बाद भी तैयार नहीं हुई जांच रिपोर्ट

नौ अप्रैल को धंस गया था कास्टिक तालाब, कारखाने से उत्पादन है बंद रांची : नौ अप्रैल 2019 को मुरी का हिंडाल्को कास्टिक तालाब धंस गया था. इसमें कई लोगों के दबे होने की अाशंका जतायी गयी थी. राज्य सरकार ने उसी समय आयुक्त शुभ्रा वर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी, पर […]

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नौ अप्रैल को धंस गया था कास्टिक तालाब, कारखाने से उत्पादन है बंद
रांची : नौ अप्रैल 2019 को मुरी का हिंडाल्को कास्टिक तालाब धंस गया था. इसमें कई लोगों के दबे होने की अाशंका जतायी गयी थी. राज्य सरकार ने उसी समय आयुक्त शुभ्रा वर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी, पर हादसे के एक बाद भी जांच कमेटी द्वारा कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गयी है. इधर, हादसे के बाद हिंडाल्को से उत्पादन बंद करने का आदेश प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दिया था. तब से हिंडाल्को से उत्पादन भी बंद है.
डंपिंग यार्ड की संरचना पर सवाल : सूत्रों ने बताया कि कई दौर की बैठकों के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि हिंडाल्को डंपिंग यार्ड की संरचना में ही कहीं न कहीं गड़बड़ी थी.
सवाल उठा कि 70 साल से एक ही स्थल पर कैसे रेड मड को जमा करने दिया जा रहा था. इसकी ऊंचाई किस आधार पर बढ़ती गयी. स्टैबलिटी टेस्ट कैसा किया गया कि इसका एक हिस्सा ही धंसा. ऐसे में संचालन की अनुमति कैसे दी गयी.
हिंडाल्को प्रबंधन द्वारा मलबा हटाने का काम जारी है
हिंडाल्को प्रबंधन द्वारा अभी केवल मलबा हटाने का काम ही किया जा रहा है. लगभग 25 प्रतिशत तक मलबा हटा लिया गया है.11 अप्रैल से 10 मई तक लगभग 85000 मैट्रिक टन रेड मड को नदी और रेलवे ट्रैक के निकट से निकाला गया.
प्लांट रेलवे साइडिंग से 22 रेल रेक द्वारा लगभग 80800 मैट्रिक टन रेड मड एसीसी तथा अल्ट्राटेक सीमेंट के कई प्लांटों को भेजा गया. रोज एक अथवा दो रैक रेड मड लोड करके सीमेंट फैक्टरियों को भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
मड के पश्चिमी छोर से पत्थरों को छांटकर अलग किया जा रहा है, जिसे बाद में दीवार की मरम्मत में लगाया जायेगा. पोंड की दीवारों की दरारों की मरम्मत का काम जारी है. प्रभावित गांवों को पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पानी का पाइपलाइन निर्माण और चार बोरवेलों का निर्माण प्रगति पर है. लगाम गांव में एक तालाब का निर्माण किया गया है. वहीं बारिश की वजह से सभी गांवों से बहकर आने वाले पानी को इकठ्ठा न होने देने के लिए रेड मड पोंड के उत्तर और पश्चिम तरफ से एक कच्ची नाली बनायी जा रहा है.
मलबा हटाने के लिए हिंडालको ने एक दूसरी कंपनी को काम सौंपा है. इस कार्य में कुल 14 पोकलेन, चार लोडर, तीन डोजर, एक ग्रेडर और 36 हाइवा ट्रक तथा 150 लोग लगाये गये हैं. कंपनी द्वारा बरसात आरंभ होने के पूर्व मलबा हटा लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
विभागों से रिपोर्ट आने के बाद अंतिम रूप से रिपोर्ट सौंपी जायेगी : शुभ्रा
आयुक्त शुभ्रा वर्मा ने बताया कि समिति द्वारा अभी कई बिंदुओं पर जांच चल ही रही है. विभिन्न विभाग अपने- अपने स्तर से जांच कर रहे हैं. जिसमें प्रदूषण, पेयजल, जल संसाधन विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग जैसे विभाग हैं.
कुछ की रिपोर्ट आ गयी है और कुछ विभागों की रिपोर्ट आनी बाकी है. विभागों के साथ रिपोर्ट पर लगातार बैठक कर अद्यतन स्थिति की जानकारी ली जा रही है. जैसे ही रिपोर्ट आती है, उसे अंतिम रूप देकर सरकार को सौंप दिया जायेगा.
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