रांची : रुकेगी बिजली की चोरी, कम होगा पावर लॉस
Updated at : 20 Apr 2019 2:03 AM (IST)
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रांची : इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आइपीडीसी) के तहत शहर में बेहतर बिजली आपूर्ति और बिजली की चोरी रोकने के इंतजाम तेजी से किये जा रहे हैं. इसके लिए खुले तारों को कवर तार (एबी केबल) में बदलने का काम करीब-करीब पूरा कर लिया गया है. रांची के कोकर, रातू रोड और डोरंडा के कुछ […]
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रांची : इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आइपीडीसी) के तहत शहर में बेहतर बिजली आपूर्ति और बिजली की चोरी रोकने के इंतजाम तेजी से किये जा रहे हैं. इसके लिए खुले तारों को कवर तार (एबी केबल) में बदलने का काम करीब-करीब पूरा कर लिया गया है.
रांची के कोकर, रातू रोड और डोरंडा के कुछ हिस्से को अगर छोड़ दें, तो लॉस रिडक्शन प्रोग्राम (एलआरपी) के तहत जिले के सभी छह डिवीजन में कम क्षमता के एलटी तारों को पूरी तरह से बदला जा चुका है.
इससे न केवल बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगा, बल्कि पावर लॉस को रोकने में भी वितरण कंपनी को काफी मदद मिलेगी.
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार की मानें, तो इससे बिजली घाटा को कम करने में मदद मिलेगी, जिसका सीधा असर राजस्व पर पड़ेगा. इसके अतिरिक्त खराब मौसम में होनेवाले रोजाना के फॉल्ट को भी रोका जा सकेगा. इसके पहले तार पर पेड़ की एक मामूली टहनी या डाली के टूट कर गिरने मात्र से घंटों बत्ती गुल हो जाती थी.
ऐसे रुकेगी एबी केबल से चोरी और पावर लॉस
राजधानी में तीन चरणों में केबल लगाने का कार्य पूरा किया गया. जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी और पावर लॉस ज्यादा था, वहां केबल लगाने का काम पहले किया गया. बिजली अधिकारियों के अनुसार एबी केबल से तार के बीच में हुकिंग की समस्या से पूरी तरह निजात मिल गयी है, क्योंकि इन केबलों के चारों ओर कवर चढ़ा होता है और इसमें सीधे हुक नहीं लगाया जा सकता है.
अगर किसी कारण से इसमें हुक लगाना हो तो पहले इसके ऊपर चढ़े कवर को काटना पड़ेगा, जो संभव नहीं. जबकि, साधारण केबल खुला होता है और उसमें किसी तरह से तार फंसाकर बिजली चोरी करना आसान होता है.
पहले यह थी समस्या : खुले तार होने से हवा, आंधी चलने से बार-बार टूटने की समस्या रहती थी. कई बार लोग रात के समय इन खुले तारों पर हुकिंग कर बिजली चोरी करते थे. ऐसे में पावर कम ज्यादा होने से लाइन में फाल्ट से घंटों तक बिजली गुल रहती थी.
यह होगा फायदा
1. केबल बदलने से विभाग व उपभोक्ता दोनों को फायदा होगा. किसी भी हालत में तार टूटने व फाल्ट की समस्या नहीं रहेगी. यह सुरक्षात्मक केबल होने से फाल्ट और टूटने की समस्या नहीं होगी. बिजली चोरी रुकेगी और किसी के घरों के आस पास से लाइन गुजर रही है, या टूट कर गिरने से उसे हादसे का डर नहीं रहेगा.
2. बिजली तारों के जर्जर हालत में रहने के चलते एटीएंड सी लॉस भारी कमी आने की उम्मीद है. साल 2015-16 में चोरी के चलते पावर लॉस 36.01 प्रतिशत के सर्वाधिक स्तर पर था, जो मौजूदा समय में 31.8 प्रतिशत तक आने के दावे किये गये हैं. जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह घाटा 21.6 प्रतिशत तक है, जो तय बेंचमार्क 15 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है.
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