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रांची : तीसरी कक्षा में बच्चे को रोक दिया, अभिभावक से प्राचार्या ने कहा : मुझे नहीं पता, राइट टू एजुकेशन

Updated at : 19 Apr 2019 9:03 AM (IST)
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रांची : तीसरी कक्षा में बच्चे को रोक दिया, अभिभावक से प्राचार्या ने कहा : मुझे नहीं पता, राइट टू एजुकेशन

प्राचार्य ने कहा : सीबीएसइ द्वारा दिये गये नियम पर ही चलता है हमारा स्कूल रांची : स्कूलों में जूनियर क्लास में भी बच्चों को फेल किया जा रहा है. ब्रिजफोर्ड स्कूल में तीसरी कक्षा के एक छात्र को फेल कर दिया गया है. इसके बाद स्कूल की प्राचार्य ने अभिभावक से कहा : मैं […]

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प्राचार्य ने कहा : सीबीएसइ द्वारा दिये गये नियम पर ही चलता है हमारा स्कूल
रांची : स्कूलों में जूनियर क्लास में भी बच्चों को फेल किया जा रहा है. ब्रिजफोर्ड स्कूल में तीसरी कक्षा के एक छात्र को फेल कर दिया गया है. इसके बाद स्कूल की प्राचार्य ने अभिभावक से कहा : मैं राइट टू एजुकेशन नहीं जानती हूं. टीसी लें या फिर उसी कक्षा में अपने बच्चे को पढ़ाएं.
कई दूसरे निजी स्कूलों में भी ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं. इसमें प्राचार्य अभिभावकों को यह भी ऑफर दे रहे हैं कि टीसी लेने वाले फेल छात्र को पास होने का प्रमाणपत्र देंगे, लेकिन शर्त यह है कि अभिभावकों को लिखित आवेदन देना होगा कि वह स्वेच्छा से टीसी ले रहे हैं.
इधर, ब्रिजफोर्ड स्कूल में फेल होनेवाले बच्चे के अभिभावक मनीष झा ने बताया कि उनके पुत्र ब्रिजफोर्ड स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है. उसे अंग्रेजी में 21, हिंदी 37, एसएसटी में 25, गणित में 65 व विज्ञान में 52 अंक मिले हैं. अंग्रेजी, हिंदी व एसएसटी में उत्तीर्ण अंक से कुछ कम अंक मिले हैं. इस कारण उसे फेल कर दिया गया. जब वह अपने बच्चे के बारे में जानकारी लेने स्कूल गये, तो दो-तीन दिनों तक उन्हें गेट से ही वापस कर दिया गया. गार्ड द्वारा कहा गया कि प्राचार्य स्कूल में नहीं है.
चौथे दिन जब वह स्कूल पहुंचे, तो प्राचार्य से मिलने दिया गया. उन्होंने प्राचार्य से राइट टू एजुकेशन के तहत विद्यार्थी को प्रमोट करने की बात कही. इस पर प्राचार्य ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. स्कूल सीबीएसइ द्वारा दिये गये नियम पर चलता है. बच्चे को तीसरी कक्षा में ही रहना होगा. बच्चे के अभिभावक स्कूल की इस प्रताड़ना से काफी आहत हैं.
ब्रिजफोर्ड स्कूल का मामला : अभिभावक ने प्राचार्य पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया
यह है नियम
किसी भी निजी या सरकारी स्कूलों में कक्षा चार तक नामांकित एवं अध्ययनरत किसी भी छात्र को विद्यालय से न तो निष्कासित किया जायेगा और न ही किसी छात्र को कक्षा में फेल किया जायेगा. राइट टू एजुकेशन के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले शैक्षणिक संस्थान के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी.
स्कूल की जांच करायी जायेगी : नोडल अॉफिसर
ब्रिजफोर्ड स्कूल तुपुदाना में राइट टू एजुकेशन (आरटीइ) एक्ट के उल्लंघन मामले की जांच करायी जायेगी. दोषी पाये जाने पर स्कूल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. तीसरी कक्षा में पढ़नेवाले बच्चे को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाना चाहिए. बच्चे को फेल नहीं किया जाना चाहिए. स्कूल प्रबंधन को कानून की जानकारी होनी चाहिए. यदि कानून का उल्लंघन किया गया होगा, तो कार्रवाई जरूर होगी.
छट्ठू विजय सिंह, डीएसइ सह आरटीइ नोडल अफसर, रांची
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