सिमडेगा में गांजा तस्कर को 10 साल का कठोर कारावास, 50,000 जुर्माना

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 06 Jun 2026 2:50 PM

विज्ञापन

सिमडेगा कोर्ट

Simdega News: सिमडेगा की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अवैध गांजा तस्करी मामले में आरोपी परमानंद प्रसाद को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. 2018 के मामले में वैज्ञानिक जांच और मजबूत अभियोजन के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

सिमडेगा से रविकांत साहू की रिपोर्ट

Simdega News: अवैध गांजा तस्करी के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस सिमडेगा के न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

2018 के कांड में सजा

ठेठईटांगर थाना कांड संख्या 09/2018, दिनांक 31.01.2018, धारा- 20(बी)(ii)(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियुक्त परमानंद प्रसाद, पिता स्व रामचन्द्र प्रसाद, साकिन ग्राम रानीकुदर पर अवैध गांजा का कारोबार एवं बिक्री का आरोप था. सिमडेगा पुलिस के वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उत्कृष्ट अभियोजन के फलस्वरूप सभी गवाहों को समय पर न्यायालय में उपस्थित कराया गया. इसी आधार पर माननीय न्यायालय ने 6 जून को आरोपी परमानंद प्रसाद को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया. जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

इसे भी पढ़ें: झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी

अभियोजन पक्ष ने रखी मजबूत पैरवी

मामले में अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक श्रीमति निशी कच्छप ने पैरवी की. अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए यह सजा सुनाई. कोर्ट के इस फैसले को जिले में नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: चतरा के हंटरगंज में ट्रेलर की चपेट में आया युवक, घटनास्थल पर दर्दनाक मौत

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola