रांची : जन संगठनों के बिना पूरा नहीं हो पायेगा कोई भी महागठबंधन

Updated at : 25 Feb 2019 8:49 AM (IST)
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रांची : जन संगठनों  के बिना पूरा नहीं हो पायेगा कोई भी महागठबंधन

जन आंदोलन के संयुक्त मोर्चा ने उम्मीदवारी का दावा पेश किया रांची : जन आंदोलन के संयुक्त मोर्चा ने लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर विपक्षी महागठबंधन के सामने हिस्सेदारी व उम्मीदवारी का दावा पेश किया़ रविवार को पुरुलिया रोड स्थित लोयला सभागार में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि विगत पांच वर्षों में भाजपा […]

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जन आंदोलन के संयुक्त मोर्चा ने उम्मीदवारी का दावा पेश किया
रांची : जन आंदोलन के संयुक्त मोर्चा ने लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर विपक्षी महागठबंधन के सामने हिस्सेदारी व उम्मीदवारी का दावा पेश किया़ रविवार को पुरुलिया रोड स्थित लोयला सभागार में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि विगत पांच वर्षों में भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जन संगठनों ने ही सड़क पर उतर कर संघर्ष किया है़ भाजपा-आरएसएस को शिकस्त देने के लिए जन संगठनों के बिना कोई भी विपक्षी महागठबंधन पूरा नहीं होगा़
दयामनी बारला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासियों को तहस-नहस करने की कोशिश की है़ मिशनरी और मुसलमानों को पंगु बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा़ सिर्फ आदिवासी-मूलवासी करते रहने से झारखंड आदिवासी राज्य नहीं बनेगा़ इसके लिए हमें चुनाव में भी बहुमत लाना होगा़ नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जनसंघर्ष समिति के जेरोम जेराल्ड कुजूर ने कहा कि ‘जनांदोलन’ महज राजनीतिक दल के वोट बैंक नहीं हैं. हमें हमारी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए़ राजनीतिक दलों के भरोसे जल, जंगल, जमीन नहीं बचाये जा सकते़
ये जनसंगठन थे शामिल : कोयलकारो जनसंगठन, केंद्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार-गुमला, मुंडारी खूंटकटी-भूइंहर परिषद, आदिवासी-मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच, भूमि बचाओ मंच कोल्हान, बोकारो विस्थापित साझा मंच, विस्थापन विरोधी एकता मंच पूर्वी सिंहभूम, हासा-भाषा जोगाओ संगठन गोड्डा, आदिवासी एकता मंच ईचागढ़, मुंडा-मानकी संघ पश्चिमी सिंहभूम, गांव गणराज्य लोक समिति कोल्हान, यूनाइटेड मिल्ली फोरम रांची, झारखंड जनतांत्रिक महासभा, युवा उलगुलान मंच और हटिया-विस्थापित जन-कल्याण समिति.
सरकार जिस नीति पर चल रही, वह सामान्य नहीं : फैसल अनुराग
पत्रकार फैसल अनुराग ने कहा कि आपातकाल के दौरान भी लोग संशय में थे कि क्या इंदिरा गांधी को हराया जा सकता है? पर इंदिरा की हार हुई़
वर्तमान सरकार आदिवासी, दलित एवं पिछड़ों के हित के खिलाफ काम कर रही है़ सरकार जिस नीति पर चल रही है, वह सामान्य नहीं है़ 13 प्वाइंट रोस्टर वाली बात कोई सामान्य घटना नहीं है़ झारखंड जनतांत्रिक महासभा के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पिछले पांच सालों में झारखंड में पैदा हुई मॉबलिंचिंग जैसी परिस्थितियां केंद्र व राज्य सरकार की देन है़ पक्ष और विपक्ष दोनों नाकाम हुए हैं.
जनता ही असली लड़ाई लड़ रही है़ कुमार चंद्र मार्डी ने कहा कि हमें यह भी सोचना होगा कि अगर गठबंधन की सरकार आती है, तो क्या वह हमारे अधिकार लागू करेगी? इस कार्यक्रम को प्लासिदिउस टोप्पो, राजकुमार गोराई, अनिल मनोहर, राजू लोहरा, दीपक रंजीत, सुरेंद्रनाथ टुडू, सुनील मिंज, स्टैन स्वामी, डेमका सोय, धनिक गुड़िया, रतन तिर्की, सुषमा बिरुली, दीपक बाड़ा, ललित मुरमू, राकेश रोशन कीड़ो, कृष्णा लकड़ा, मुक्ति सोरेंग, विजय संथाल, थियोडोर कीड़ो व अन्य ने भी संबोधित किया़ मंच का संचालन दीपा मिंज ने किया़
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