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भागलपुर दंगे के आरोपी का बेटा निकला व्यवसायी के अपहरण का मास्टरमाइंड

Updated at : 11 Feb 2019 9:01 AM (IST)
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भागलपुर दंगे के आरोपी का बेटा निकला व्यवसायी के अपहरण का मास्टरमाइंड

शनिवार रात को किया गया था किडनैप, कुछ ही देर में पुलिस ने किया बरामद रांची : सदर थाना क्षेत्र के हनुमान धर्मकांटा के समीप रहनेवाले बिचाली कारोबारी भिखारी यादव के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार चार युवकों को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया. जिन्हें जेल भेजा गया है उनमें भागलपुर दंगे का […]

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शनिवार रात को किया गया था किडनैप, कुछ ही देर में पुलिस ने किया बरामद
रांची : सदर थाना क्षेत्र के हनुमान धर्मकांटा के समीप रहनेवाले बिचाली कारोबारी भिखारी यादव के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार चार युवकों को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया.
जिन्हें जेल भेजा गया है उनमें भागलपुर दंगे का आरोपी भागलपुर के पर्वती निवासी कामेश्वर यादव का पुत्र और मुख्य आरोपी सूरज यादव, सन्नी कुमार, भागलपुर के अलीगंज निवासी राजकुमार और राजकुमार गोस्वामी का नाम शामिल है. जबकि अपहरण की घटना में शामिल भागलपुर के कहलगांव का रहनेवाला देवराज उपाध्याय फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है.
क्यों करना चाहते थे भिखारी को किडनैप : भिखारी यादव ने पुलिस को बताया कि देवराज के पास हथियार था. इसलिए पुलिस को आशंका है कि हथियार छिपाने के लिए देवराज पहले ही भाग निकला होगा.
हालांकि पुलिस ने अपहरण की घटना में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया है. वहीं, सूरज यादव ने पुलिस को बताया कि भिखारी यादव का बेटा सुनील यादव बिहार पुलिस में सिपाही है. वह पूर्व में कहलगांव थाना में पदस्थापित था. लेकिन अब फरार चल रहा है. उसने पूर्व में सूरज यादव और देवराज से पांच लाख रुपये शेयर मार्केट में लगाने के नाम पर लिया था, लेकिन अब वह पैसा नहीं लौटा रहा है.
इसलिए उससे पैसा निकलवाने के लिए ही उसके पिता को अपने साथ भागलपुर ले जा रहे थे. जब सुनील यादव पैसा लौटा देता, तब उसके पिता को छोड़ दिया जाता है. बताया जाता है कि सुनील यादव बिहार में कई लोगों से पैसे की धोखाधड़ी कर चुका है.
एसएसपी ने की इनाम देने की घोषणा: बिचाली व्यवसायी भिखारी यादव को अपहरण के आधा घंटे के अंदर बरामद करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस की टीम को एसएसपी अनीश गुप्ता ने 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है. एसएसपी ने बताया कि मामले में पुलिस की टीम ने बेहतर काम किया है.
पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन, जुमार पुल के पास धर दबोचा
इधर, रविवार को सदर थाना प्रभारी दयानंद कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे पांच लोग भिखारी यादव के घर पहुंचे. उनके घर का दरवाजा खुलवाया और जैसे ही भिखारी यादव बाहर निकले, उन लोगों ने उन्हें कार में जबर्दस्ती बैठा लिया और बूटी मोड़ की ओर भागने लगे. इस बात की जानकारी कोकर निवासी नवीन सिंह ने सदर थानेदार को दी.
उन्होंने कार का पीछा किया और जुमार पुल के पास कार को घेर लिया गया. हालांकि पीछा करने के दौरान सदर थानेदार तिरूपति ढाबा के पास जाम में फंस गये थे. इसके बाद वहां से वह दौड़ते हुए जुमार पुल के पास पहुंचे और गाड़ी को रुकवाया.
इसी दौरान देवराज भाग निकला, जबकि चार आरोपियों को पकड़ लिया गया और भिखारी यादव को बरामद कर लिया था. अपराधियों को पकड़ने और कारोबारी को बरामद करने में सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दयानंद कुमार, खेलगांव थाना प्रभारी मोहन कुमार, पीसीआर के जमादार शंकर हांसदा और पुलिसकर्मी विपिन कुमार, दीपक पंडित और महेंद्र राम की भूमिका रही.
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