रांची : कांट्रैक्ट पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर होंगे स्थायी, भेजा जायेगा पद सृजन का प्रस्ताव

Updated at : 01 Feb 2019 8:29 AM (IST)
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रांची : कांट्रैक्ट पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर होंगे स्थायी, भेजा जायेगा पद सृजन का प्रस्ताव

रांची विश्वविद्यालय : सिंडिकेट की बैठक में आधा दर्जन एजेंडे पर लिये गये निर्णय डीएसडब्ल्यू की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का किया गया गठन सिंडिकेट की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा जायेगा रांची : रांची विश्वविद्यालय में अनुबंध पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर को स्थायी […]

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रांची विश्वविद्यालय : सिंडिकेट की बैठक में आधा दर्जन एजेंडे पर लिये गये निर्णय
डीएसडब्ल्यू की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का किया गया गठन
सिंडिकेट की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा जायेगा
रांची : रांची विश्वविद्यालय में अनुबंध पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके लिए पद सृजन का प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा जायेगा.
कांट्रैक्ट कर्मियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार से दिशा-निर्देश मांगा जायेगा. इस आशय का निर्णय गुरुवार को रांची विश्वविद्यालय की सिंडिकेट की हुई बैठक में लिया गया. सिंडिकेट की बैठक कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई. इसमें विश्वविद्यालय व कॉलेजों में शिक्षक व शैक्षिक कर्मियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता तथा उच्चतर शिक्षा में मानकों के लिए विनियमन 2018 पर विचार किया गया.
इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया. कमेटी विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ पीके वर्मा की अध्यक्षता में गठित की जायेगी. रामलखन सिंह यादव कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार व एसएस मेमोरियल कॉलेज के डॉ श्रवण कुमार सिंह को कमेटी का सदस्य बनाया गया है.
कमेटी को जल्द से जल्द विनियम का प्रारूप विश्वविद्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है. इसे सिंडिकेट की अगली बैठक में रखा जायेगा. सिंडिकेट की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा जायेगा. बैठक में प्रतिकुलपति प्रो कामिनी कुमार, कुलसचिव डॉ अमर कुमार चौधरी, डीएसडब्ल्यू डॉ पीके वर्मा, रामलखन सिंह यादव कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार, डोरंडा कॉलेज के प्राचार्य डॉ वीएस तिवारी, अर्जुन राम, डॉ श्रवण कुमार, डॉ टीएन साहू समेत सिंडिकेट के अन्य सदस्य उपस्थित थे.
डॉ गंगा प्रसाद की सेवा लेने का प्रस्ताव खारिज
सिंडिकेट की बैठक में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ गंगा प्रसाद की सेवा स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग में लेने के प्रस्ताव पर विचार किया गया. मामले में महाधिवक्ता की राय पर विचार किया गया.
सिंडिकेट ने सेवा लेने संबंधित प्रस्ताव को खारिज कर दिया. बैठक में कहा गया है कि डॉ गंगा प्रसाद रांची विश्वविद्यालय में व्याख्याता से सहायक कुलसचिव पद पर नियुक्त हुए थे. सहायक कुलसचिव पद पर उनकी सेवा कन्फर्म हो गयी थी. इसके बाद उन्होंने कोल्हान विवि, झारखंड एकेडमिक काउंसिल और नीलांबर-पीतांबर विवि में अपनी सेवा दी. ऐसे में एक सेवा कन्फर्म होने के साथ पहले की उनकी सेवा समाप्त हो गयी. इस कारण उनकी वापसी नहीं हो सकती.
मांडर कॉलेज के तीन शिक्षकों के प्रमाण पत्र की दूसरी बार जांच करेगा परीक्षा बोर्ड
मांडर कॉलेज के तीन शिक्षकों पर नियुक्ति में तथ्य छिपाने के आरोप को लेकर प्रमाण पत्रों की जांच के लिए मामला फिर से परीक्षा बोर्ड को भेजने का निर्णय लिया गया. मांडर कॉलेज के मानव शास्त्र विभाग के शिक्षक मधु किशोर पर आरोप है कि नियुक्ति के समय पीजी में उन्हें 52.5 फीसदी अंक नहीं था. वह अंक बढ़ा कर व्याख्याता बन गय गये. हरिशंकर प्रसाद अर्थशास्त्र शिक्षक हैं.
इनकी नियुक्ति 19 जुलाई 1985 को हुई थी. इन पर नियुक्ति के समय जेल में रहने का आरोप है. इन पर नियुक्ति के समय उम्र में भी गड़बड़ी करने का आरोप है. सच्चिदानंद प्रसाद भी कॉलेज में अर्थशास्त्र के शिक्षक हैं. इन पर आरोप है कि नियुक्ति के समय इन्हें 49 प्रतिशत अंक था.
इन्होंने इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होकर 52.5 अंक प्राप्त किया. सच्चिदानंद प्रसाद ने दो वर्ष बाद इंप्रूवमेंट परीक्षा दी, जबकि नियम के अनुरूप चालू सत्र के विद्यार्थी इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं. इस मामले में विश्वविद्यालय ने महाधिवक्ता से राय मांगी थी. महाधिवक्ता की राय के अनुरूप जांच कमेटी का गठन किया गया था. जांच कमेटी द्वारा उठाये गये सवाल के बाद अब मामला फिर से परीक्षा बोर्ड को भेजने का निर्णय लिया गया है.
सिंडिकेट सदस्य अर्जुन राम ने किया विरोध
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ गंगा प्रसाद की सेवा फिर से विवि में लेने के प्रस्ताव का सिंडिकेट सदस्य अर्जुन राम ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने कहा कि उनकी सेवा विवि में अब नहीं ली जा सकती.
बैठक में रांची विवि में गंगा प्रसाद की सहायक कुलसचिव पद पर सेवा कन्फर्म होने का पत्र मंगाया गया. इसके बाद अन्य सदस्यों ने आवेदन खारिज करने को सहमति दे दी. अर्जुन राम ने विवि में अनुबंध पर नियुक्त सभी कर्मियों के स्थायीकरण के लिए पद सृजन का प्रस्ताव विभाग को भेजने की मांग की.
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