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झारखंड में भी बने अनुसूचित जनजाति आयोग, 26% है आबादी : अनुसुइया

Updated at : 20 Dec 2018 7:32 AM (IST)
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झारखंड में भी बने अनुसूचित जनजाति आयोग, 26% है आबादी : अनुसुइया

सरकार सुनिश्चित करे कि जनजातीय इलाके के स्कूलों में पुलिस कैंप न रहे आयोग ने राज्य सरकार से एसटी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने को कहा सरकार ने कहा है कि विकास के लिए जमीन ली जा रही है, कोई गड़बड़ी नहीं हुई है रांची : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके ने […]

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सरकार सुनिश्चित करे कि जनजातीय इलाके के स्कूलों में पुलिस कैंप न रहे
आयोग ने राज्य सरकार से एसटी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने को कहा
सरकार ने कहा है कि विकास के लिए जमीन ली जा रही है, कोई गड़बड़ी नहीं हुई है
रांची : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके ने कहा है कि झारखंड में एसटी कुल अाबादी का 26 फीसदी हैं. इनकी जनसंख्या करीब 65 लाख है. ऐसे में यहां राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का होना जरूरी है. अनुसइया, आयोग के अध्यक्ष डॉ नंद कुमार साय व अन्य सदस्यों के साथ पत्रकारों से बात कर रही थीं.
इससे पहले श्री साय ने खूंटी व अासपास के इलाके में तथाकथित रूप से पांचवीं अनुसूची को आधार बना कर पहले हुई पत्थलगड़ी का जिक्र किया व कहा कि राज्य सरकार से पता चला कि वहां बाहरी तत्वों ने आदिवासियों को भड़का कर सब करवाया था. इस मामले में कुछ लोगों पर अन्य मामले सहित देशद्रोह का भी मुकदमा चल रहा है.
स्थानीय आदिवासियों को बाहरी तत्वों के चंगुल से बचाये सरकार
श्री साय ने कहा कि बाहरी तत्वों के चक्कर में आदिवासी भी पिस रहे हैं. हमने राज्य सरकार से कहा है कि वह स्थानीय आदिवासियों को बाहरी तत्वों के चंगुल से बचाये. वहीं, खूंटी व कोचांग में हुए विरोध तथा स्कूल में हुई घटना के मामले में भी कुछ लोगों पर केस किया गया है.
हमने कहा है कि यदि किसी निर्दोष को फंसाया गया है, तो देख समझ कर ऐसे केस वापस ले लें. आयोग ने राज्य सरकार से यह भी कहा है कि वह सुनिश्चित करे कि जनजातीय इलाके के स्कूलों में पुलिस कैंप न रहे. इससे शिक्षा के माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ता है. आदिवासियों को सरकार शिक्षा व स्वच्छ भारत अभियान से प्रमुखता से जोड़े. श्री साय ने कहा कि बिना पानी का शौचालय लोग इस्तेमाल नहीं करते. वहां पानी की व्यवस्था होनी चाहिए. आयोग ने राज्य सरकार से एसटी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने को कहा है.
गैर सरकारी संस्थाअों सहित कुछ प्रबुद्ध लोगों से मिली शिकायत के आधार पर सरकार से पूछा गया कि अादिवासियों की जमीन लेकर उद्योग को देने का मामला क्या है. श्री साय ने कहा कि सरकार ने कहा है कि राज्य के विकास के लिए ही जमीन ली जा रही है. इस मामले में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. इधर कल्याण मंत्री डॉ लुइस मराडी ने कहा कि सरकार आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दे रही है. उनके गांव को आदर्श ग्राम बनाया जा रहा है. प्रेस कांफ्रेंस में आयोग के सदस्य हर्षद भाई चुनीलाल वासवा व हरि कृष्ण दामोर सहित आयोग के सचिव अशोक कुमार सिंह, संयुक्त सचिव शिशिर कुमार राथो व कल्याण सचिव हिमानी पांडेय भी उपस्थित थीं.
सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
रांची : केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ नंद कुमार साय के नेतृत्व में आयोग के एक दल ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात कर अनुभवों से अवगत कराया. सीएम ने कहा कि जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार काम कर रही है. जनजातीय परंपराओं, रीतियों और सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के साथ साथ उनको समृद्ध करने का काम किया जा रहा है.
जनजातीय युवाओं को हुनरमंद बनाने और रोजगार से जोड़ने का भी सरकार कार्य कर रही है. जनजातीय समुदाय के पाहन, परगनैत, माझी आदि के लिए प्रत्येक माह मानदेय राशि की भी व्यवस्था की गयी है. बैठक में आयोग की उपाध्यक्ष अनसुइया उइके, सदस्य एचके डामोर, हर्षद भाई वसावा, आयोग के सचिव एके सिंह, संयुक्त सचिव शिशिर कुमार रथ व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल और सचिव हिमानी पांडेय उपस्थित थीं.
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