ePaper

कमलनाथ केवल मध्यप्रदेश नहीं पूरे देश की समानता की बात करें

Updated at : 19 Dec 2018 9:28 AM (IST)
विज्ञापन
कमलनाथ केवल मध्यप्रदेश नहीं पूरे देश की समानता की बात करें

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ विवादों में घिर गये हैं. उन्होंने सूबे में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिलने के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. इस दौरान उन्होंने खासतौर पर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का जिक्र किया. कमलनाथ ने कहा है कि दूसरे राज्यों के लोग यहां आते हैं, लेकिन स्थानीय […]

विज्ञापन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ विवादों में घिर गये हैं. उन्होंने सूबे में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिलने के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. इस दौरान उन्होंने खासतौर पर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का जिक्र किया. कमलनाथ ने कहा है कि दूसरे राज्यों के लोग यहां आते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को जॉब नहीं मिल पाता है. उन्होंने कहा कि हमारी छूट देनेवाली नीति उन उद्योगों के लिए होगी, जहां 70 फीसदी रोजगार मध्य प्रदेश के युवाओं को दिया जायेगा. कमलनाथ के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. प्रभात खबर ने इस मुद्दे पर लोगों की राय जानने का प्रयास किया है.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान ऐसा कतई नहीं होना चाहिए़ हम भारतीय हैं, तो हर क्षेत्र में हर एक नागरिक को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए. यदि राज्यवार विभाजन होगा, तो देश ही अलग हो जायेगा़ मेरे पति सेना में हैं, जो पूरे देश के लिए बॉर्डर पर खड़े रहते हैं. अगर मुख्यमंत्री जी ऐसा कहते हैं, तो क्या वो अकेले अपना राज्य चला लेंगे़
नम्रता मिश्रा, अरगोड़ा
हमारे देश में समानता का अधिकार हर एक नागरिक को प्राप्त है़ हमारी अनेकता में ही एकता है़ हम अलग-अलग राज्य के होकर भी एक हैं. फिर ऐसे बयान एक मुख्यमंत्री के मुंह से उचित नहीं लगता़ यदि देश के नेता ही ऐसी बात करेंगे, तो जनता कैसे इन पर अपना भरोसा करेगी़ मुख्यमंत्री को केवल अपने राज्य का ही नहीं, पूरे देश की समानता की बात करनी चाहिए़
वंदना लाल, रातू
मुख्यमंत्री कमलनाथ यह भूल रहे हैं कि वह जिस पद पर बैठे हैं उसकी गरिमा है़ इसलिए बयान देने के बजाय अपनी शिक्षा पद्धति में सुधार करें, ताकि वहां के विद्यार्थी भी सभी जगहों पर परीक्षा में अव्वल रह कर नौकरी पा सकें. उचित शिक्षा सारे संकीर्ण बंधनों को तोड़ देती है. और फिर कोइ व्यक्ति किसी भी राज्य में जाकर नौकरी कर सकता है़
कैलाश कुमार, बहूबाजार
एक मुख्यमंत्री का रोजगार के नाम पर बयान नागरिकों को दुख देनेवाला बयान है़ ऐसे में तो मुख्यमंत्री देश को बांटने का काम कर रहे हैं. उन्हें पहले मध्यप्रदेश के युवाओं के रोजगार के बारे में सोचना चाहिए, न कि पहले दिन से ही यूपी आैर बिहार के नाम पर देश में राजनीति करनी चाहिए़ उनके बयान से साफ झलकता है कि वो देश के लिए क्या सोचते हैं.
ज्योति साव
मुख्यमंत्री ऐसा बयान दे रहे हैं, तो वह फौजियों को लेकर क्या कहेंगे. मेरे पति सेना में हैं. फौजी जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर पर जंग लड़ रहे हैं. फौजी अपने लिए नहीं, पूरे देश के लिए लड़ते हैं. उन्हें फौजियों से सीख लेनी चाहिए़ उनका काम पूरे देश के लिए होना चाहिए, न कि केवल अपने राज्य के लिए़ हर भारतीय को देश के किसी भी कोने में रहने और काम करने का अधिकार है़
रचना डान
कमलनाथ का बयान गैरजिम्मेदाराना अौर असंवैधानिक है. वे लोगों को लड़वाना चाहते हैं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान से बचना चाहिए था. उन पर तो मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि देश के हर नागरिक को अधिकार है कि वह कहीं भी जाकर नौकरी कर सके.
अधिवक्ता प्रभात कुमार सिन्हा
यह सही है कि स्थानीय लोगों को नौकरी मिलना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी दूसरे राज्य के लोगों को नौकरी पर पाबंदी लगायी जाये. भारत का संविधान हर किसी के लिए समान अवसर प्रदान करता है. ऐसे बयान से देश टुकड़ों में बंट जायेगा.
अधिवक्ता दीपक केरकेट्टा
मध्यप्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री को ध्यान देना चाहिए कि हर राज्य के लोगों का सम्मान करें. नौकरी तो योग्यता के आधार पर मिलती है. जिसमें योग्यता होगी, वह कहीं भी नाैकरी ले लेगा. हमारी सरकार को भी उनके इस बयान पर ध्यान देना चाहिए.
विक्की कुमार
एमपी के मुख्यमंत्री का बयान गलत है. प्रतिभा को कभी दबाया नहीं जा सकता. जो विद्यार्थी योग्य होंगे, वे कहीं भी जाकर नौकरी पा सकेंगे. उन्हें इसके लिए रोका नहीं जाना चाहिए.
सत्या अर्पण भगत, नामकुम
मेरिट को हर हाल में प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उनके यहां के बच्चे भी परीक्षा में सफल हों, इसके लिए उन्हें अपने स्तर पर सुधार करने की जरूरत है. प्रतिभा कहीं भी हो सकती है.
वर्षा राज, आइटीआइ
एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान सरासर गलत है. हमारा देश एक है अौर हम सभी को कहीं भी जाकर नौकरी करने का अधिकार है. ऐसी राजनीति से अब जनता परेशान हो चुकी है. ये देश को बांटने की साजिश है. और फिर कमलनाथ को मालूम होना चाहिए कि वे किस प्रदेश से आते हैं़
नितिन कुमार, लालपुर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola