रांची : प्रदीप व बादल पहुंचे मृत पारा शिक्षक के घर, सरकार पर साधा निशाना
Updated at : 17 Dec 2018 10:03 AM (IST)
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रांची : झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख दुमका में मंत्री लुईस मरांडी के घर धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की मौत की सूचना पर उनके आवास पहुंचे. विधायकों ने मृत पारा शिक्षक के परिजनों से मुलाकात की़ झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य […]
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रांची : झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख दुमका में मंत्री लुईस मरांडी के घर धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की मौत की सूचना पर उनके आवास पहुंचे. विधायकों ने मृत पारा शिक्षक के परिजनों से मुलाकात की़ झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनहीन हो गयी है़ आंदोलन के लोकतांत्रिक अधिकार को ही खत्म करने की साजिश में लग गयी है़ पारा शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इनकी बातें नहीं सुनी जा रही हैं.
सरकार अपने ही राज्य के लोगों के साथ अमानवीय तरीके से पेश आ रही है़ सरकार मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजा दे़ कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य के पारा शिक्षक की मांगें जायज हैं. पारा शिक्षकों का स्थायीकरण होना चाहिए़ दोनों ही विधायकों ने कहा कि पारा शिक्षक का मामला शीतकाली सत्र में उठाया जायेगा़
पारा शिक्षक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है : आप
आप के प्रदेश संयोजक जयशंकर चौधरी ने धरना दे रहे पारा शिक्षक के निधन पर शोक जताया है़ उन्होंने सरकार से पारा शिक्षकों की मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है़ उन्होंने मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है़ श्री चौधरी ने कहा कि पारा शिक्षक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है़ पारा शिक्षकों के साथ सरकार का रवैया सही नहीं है़
रांची : प्रतिपक्ष व झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने मंत्री लुईस मरांडी के आवास के समक्ष धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की मृत्यु पर शोक जताया है.
श्री सोरेन ने कहा है कि पारा शिक्षक आज झारखंड की शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं. ऐसी परिस्थिति में पारा शिक्षकों के प्रति राज्य सरकार का सौतेला व्यवहार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को रसातल में ले जा रहा है़ एक तरफ मुख्यमंत्री विदेश यात्रा के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई लुटा रहे है़ं मनोरंजन कर रहे हैं और दूसरी तरफ जनता भूख से मर रही है. पारा शिक्षकों के हक की आवाज को दबाने के लिए यह सरकार हर हथकंडे अपना रही है.
झारखंड सरकार को पारा शिक्षकों की मांग पर यथाशीघ्र उचित निर्णय लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. श्री सोरेन ने राज्य सरकार से मृतक पारा शिक्षक के परिजन को 25 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने की मांग की है़
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