नेटफ्लिक्स पर दिखेगी रांची की मोनिता सिन्हा की फिल्म नुक्कड़ नाटक, हो रही स्ट्रीम

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :26 Apr 2026 7:10 AM (IST)
विज्ञापन
Ranchi News

फिल्म नुक्कड़ नाटक की अभिनेत्री और निदेशक मोनिता सिन्हा. फोटो: प्रभात खबर

Ranchi News: रांची की अभिनेत्री मोनिता सिन्हा की फिल्म ‘नुक्कड़ नाटक’ अब नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है. सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और मानवीय मूल्यों पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को जागरूक करने के साथ प्रेरित भी करती है और सोचने पर मजबूर करती है. इससे जुड़ी पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

रांची से लता रानी की रिपोर्ट

Ranchi News: रांची की थिएटर शोधकर्ता, थिएटर रिसर्च स्कॉलर, अभिनेत्री मोनिता सिन्हा की हिंदी फिल्म ”नुक्कड़ नाटक” अब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए उपलब्ध है. तन्मय शेखर द्वारा निर्देशित यह फिल्म सामाजिक संवेदनशीलता, शिक्षा के महत्व और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी है. फिल्म में मोनिता सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. मोनिता वर्तमान में थिएटर में ”रिसर्च स्कॉलर” के रूप में रंगमंच की बारीकियों और उसके सामाजिक प्रभाव पर शोध कर रही हैं.

नेटफ्लिक्स पर हो रही स्ट्रीम

रांची की थिएटर शोधकर्ता और अभिनेत्री मोनिता सिन्हा की हिंदी फिल्म ‘नुक्कड़ नाटक’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है. यह फिल्म सामाजिक मुद्दों पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी पेश करती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है.

सामाजिक संदेश से भरपूर कहानी

‘नुक्कड़ नाटक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज के उन पहलुओं को उजागर करती है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. फिल्म की कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें कॉलेज से निष्कासित कर दिया जाता है. इसके बाद वे समाज से कटे हुए और शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने का बीड़ा उठाते हैं. फिल्म शिक्षा के अधिकार, सामाजिक असमानता और मानवीय मूल्यों जैसे अहम विषयों को गहराई से छूती है. यह दर्शाती है कि किस तरह छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं. कहानी में भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ एक मजबूत संदेश भी है, जो इसे खास बनाता है.

निर्देशन और अभिनय की खासियत

इस फिल्म का निर्देशन तन्मय शेखर ने किया है, जिन्होंने कहानी को संवेदनशील और प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा है. फिल्म में मोलश्री, शिवांग राजपाल और दानिश हुसैन जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभायी हैं. मोनिता सिन्हा का अभिनय इस फिल्म की खास ताकत है. उन्होंने अपने किरदार के माध्यम से समाज की जमीनी सच्चाई को बेहद सहजता से प्रस्तुत किया है. उनके अभिनय में थिएटर का अनुभव साफ झलकता है, जो दर्शकों को कहानी से जोड़ता है.

थिएटर से सिनेमा तक का सफर

मोनिता सिन्हा केवल एक अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि थिएटर की एक समर्पित शोधकर्ता भी हैं. वह वर्तमान में थिएटर में रिसर्च स्कॉलर के रूप में काम कर रही हैं और रंगमंच के सामाजिक प्रभाव पर अध्ययन कर रही हैं. उनका मानना है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का एक सशक्त जरिया है. वह वर्षों से दूरदर्शन और आकाशवाणी से भी जुड़ी रही हैं. इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए उन्होंने अपनी कला को निखारा और व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया. यही अनुभव उन्होंने ‘नुक्कड़ नाटक’ में भी बखूबी इस्तेमाल किया है.

मोनिता सिन्हा का विजन

मोनिता सिन्हा का कहना है कि एक कलाकार और शोधकर्ता के रूप में उनका उद्देश्य हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना रहा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें. उनके अनुसार, ‘नुक्कड़ नाटक’ एक ऐसी फिल्म है जो जमीनी सच्चाई को सामने लाती है और उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

इसे भी पढ़ें: Water Crisis: रांची में गहराया जल संकट, धुर्वा में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे 1 लाख लोग

दर्शकों के लिए क्यों खास है यह फिल्म

‘नुक्कड़ नाटक’ उन फिल्मों में से एक है जो मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक संदेश भी देती है. यह फिल्म खासकर उन दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण है जो सामाजिक विषयों पर आधारित कंटेंट देखना पसंद करते हैं. अगर आप ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो दिल को छूने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करें, तो ‘नुक्कड़ नाटक’ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध यह फिल्म अब दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन रही है.

इसे भी पढ़ें: बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री, की पूजा-अर्चना

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola