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राज्यपाल ने गोशाला संचालकों को किया संबोधित, कहा- आयुष्मान भारत की तर्ज पर गोमाता का भी होगा इलाज

Updated at : 16 Dec 2018 7:35 AM (IST)
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राज्यपाल ने गोशाला संचालकों को किया संबोधित, कहा- आयुष्मान भारत की तर्ज पर गोमाता का भी होगा इलाज

गायों के इलाज के लिए राज्य में नयी योजना लागू की जायेगी मुख्यमंत्री रघुवर दास व विभागीय सचिव से जल्द की जायेगी बात रांची : जिस प्रकार मनुष्यों काे चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना लांच की गयी है, उसी प्रकार गायों के इलाज के लिए भी राज्य में नयी योजना लागू […]

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गायों के इलाज के लिए राज्य में नयी योजना लागू की जायेगी
मुख्यमंत्री रघुवर दास व विभागीय सचिव से जल्द की जायेगी बात
रांची : जिस प्रकार मनुष्यों काे चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना लांच की गयी है, उसी प्रकार गायों के इलाज के लिए भी राज्य में नयी योजना लागू की जायेगी. इसके लिए बहुत जल्द मुख्यमंत्री रघुवर दास व विभागीय सचिव से बात करूंगी. उक्त बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित बैठक में प्रदेश के गोशाला संचालकों को संबोधित करते हुए कही. श्रीमती मुर्मू ने कहा कि वे एक किसान की बेटी हैं तथा उनके ससुराल वाले भी खेती किसानी से ही जुड़े हैं.
इसलिए गायों से उनका लगाव शुरू से रहा है. राज्यपाल ने कहा कि पहले हर तरफ काफी खुली जगह रहती थी. इसलिए गायों को चरने में किसी तरह की परेशानी नहीं आती थी. लेकिन आज खुली जगह दिनोंदिन कम होती जा रही हैं. आज गांवों में भी गोचर भूमि नहीं दिखायी है. वहीं, गायों को बचाने के लिए सरकारी स्तर से जो काम होना चाहिए. वैसा अब तक नहीं हुआ है. लेकिन गोशाला की भूमिका इस मामले में काफी सराहनीय है.
सरकार को आगे आना होगा
अखिल भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एसपी गुप्ता ने कहा कि आज गायें सड़काें पर घूम रही हैं. पाॅलिथीन खा रही हैं.लेकिन इसकी चिंता किसी को नहीं है. सरकारों के द्वारा भी आज गायों को पकड़ कर जबरन गोशाला में रख दिया जा रहा है. गाय सड़कों पर इधर उधर न घूमे, इसके लिए जगह-जगह कांजी हाउस बनाना होगा. गोचर भूमि को बचाना होगा. इसके लिए सरकार को आगे आना होगा. इस संबंध में वर्ष 2011 में भी सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश आया था. जिसके तहत कोर्ट ने कहा था कि हर गांव की पांच प्रतिशत भूमि गोचर होगी. आज काफी विपरीत परिस्थिति में गोशाला का संचालन लोग कर रहे हैं. जबकि यह काम सरकार को करना चाहिए था.
गोशाला में डॉक्टर नियुक्त किये जायें
संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरके अग्रवाल ने कहा कि सरकार से मदद नहीं मिलने के बाद भी हम गोशाला का संचालन कर रहे हैं. जिसमें काफी परेशानी होती है. संसाधन नहीं होने के कारण गोशाला में रहने वाली गायों की बेहतर देखभाल नहीं हो पाती है. आज राज्य में 657 वेटेनरी डॉक्टर हैं. लेकिन वे कभी गोशाला के बीमार पशु को देखने नहीं आते हैं.
इसलिए सरकार ऐसी व्यवस्था बनाये कि राज्य में जो 27 गोशाला हैं वहां एक-एक डॉक्टर को प्रतिनियुक्त किया जाये. आज हम घायल गायों के इलाज के लिए पूरे राज्य में 10 मोबाइल एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं, लेकिन यह भी काफी कम है. कार्यक्रम को ताराचंद जैन, शत्रुघ्न गुप्ता, प्रमोद सारस्वत आदि ने भी संबोधित किया.
गो सेवारत्न से किया गया सम्मानित
अपने जीवन को गो सेवा के लिए समर्पित करने वाले स्व रामपाल अग्रवाल व स्व पुरुषोत्तम लाल झुनझुनवाला को गो सेवारत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया. दोनों के परिजनों ने शॉल व मोमेंटो राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त किया. इसके अलावा राज्य के कई गोशालाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में दो लाख रुपये की सहयोग राशि दी गयी.
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