बेरमो : अंतर्राष्ट्रीय सरना महाधर्म सम्मेलन का दूसरा दिन, बोले मुख्यमंत्री, संताल संस्कृति को नष्ट करनेवाले को पहचानें
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Nov 2018 6:58 AM
बेरमो/ललपनिया : गोमिया प्रखंड के लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सरना महाधर्म सम्मेलन (राजकीय महोत्सव) के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास पहुंचे. महोत्सव का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में उन्होंने कहा : पूर्व की सरकारों की देन रही कि 70 वर्ष के बाद भी आदिवासियों की जीवन शैली में […]
बेरमो/ललपनिया : गोमिया प्रखंड के लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सरना महाधर्म सम्मेलन (राजकीय महोत्सव) के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास पहुंचे. महोत्सव का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में उन्होंने कहा : पूर्व की सरकारों की देन रही कि 70 वर्ष के बाद भी आदिवासियों की जीवन शैली में जो बदलाव आना चाहिए था, वह नहीं आ सका. सीएम ने कहा कि संताली संस्कृति को नष्ट करनेवाले को पहचानें व सावधान रहनेकी जरूरत है.
अपने धर्म, संस्कृति, परंपरा व भाषा को हमें हर हाल में मजबूत रखना है. इसमें सरकार भी आपके साथ खड़ी है. सरकार ओलचिकी के विकास को लेकर गंभीर है. कक्षा एक से पांचवीं ओलचिकी की पढ़ाई के लिए सरकार व्यवस्था कर रही है.
हमारी सरकार ने राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया : सीएम ने कहा कि संताल समाज के लोग सीधे-साधे व सरल होते हैं. संताल संस्कृति को नष्ट करनेवाले को पहचानें. कहा : किसी भी सरकार ने इस धर्मस्थल को राजकीय महोत्सव का दर्जा नहीं दिया था. हमने इस वर्ष राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया. कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के पूर्वज भगवान बिरसा, सिदो-कान्हू, तिलका मांझी, चांद-भैरव के साथ अाराध्य गुरुओं को सम्मान दिया, जिन्होंने झारखंड राज्य के लिए कुर्बानी दी.
महोत्सव के मंथन से निकले विचार का सम्मान : इससे पूर्व सीएम को आदिवासी परंपरा के अनुसार समिति की ओर से परंपरागत वस्त्र देकर व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. सीएम ने कहा कि लाखों-लाख संताल समाज के लोग यहां मोरांग बुरु (लुगू बुरु) से आशीर्वाद लेने आये हैं. हमने भी आज यहां मत्था टेक कर यह आशीर्वाद मांगा कि कैसे झारखंड में समृद्धि आये, बेरोजगारी व बेकारी दूर हो.
मौके पर सीएम ने कहा : यहां दो दिनों से देश व दुनिया भर से लाखों की संख्या में संतालियों ने जुटकर लुगुबुरु से आशीर्वाद लेने के साथ राज्य की संस्कृति, सरना समाज की संस्कृति, अपनी भाषा व परंपरा को अक्षुण्ण रखने का काम किया है. जिस प्रकार समुद्र मंथन से अमृत निकला था उसी तरह दो दिनों चले आपके चर्चा से सुझाव का मंथन निकलेगा.
सभ्य समाज के लिए धर्मांतरण उचित नहीं : सीएम रघुवर दास ने कहा कि समाज के लोग युवा पीढ़ी को संताल संस्कृति से अवगत कराएं. झारखंड के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति को हमें संजो कर रखने की जरूरत है. कहा भारतीय संविधान की भावना का आदर करते हुए हमने धर्मांतरण बिल लागू किया. बड़े पैमाने पर आदिवासी समाज के लोगों को लालच व भय दिखा कर धर्मांतर करने में लगे थे.
अंग्रेजों की औलादों से रहें सावधान
दुर्भाग्य है कि कुछ अंग्रेज की औलाद जो आपको बरगला रहे हैं. वैसे लोगों से सावधान रहें. कहा कि केंद्र-राज्य में भाजपा सरकार जब-जब बनी, हमने आदिवासी समाज के उत्थान की दिशा में काम किया.
आठवीं अनुसूची में शामिल किया. प्रधानमंत्री ने बिरसा मुंडा सहित राज्य के सभी वीर शहीदों को सम्मान दिया. हमारी सरकार सभी पूर्वजों (ईश्वरों) की प्रतिमा लगा रही है.सभा के बाद आदिवासियों के साथ जगह-जगह रुककर मुख्यमंत्री ने नृत्य किया.
लुगूबुरु में वसुंधरा बसती है : अमर बाउरी
झारखंड के पर्यटन व खेल संस्कृति मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि लुगूबुरु से झारखंड ही नहीं, इसके अगल-बगल के राज्यों की बड़ी आबादी का जुड़ाव वर्षों से यहां से रहा है. उमड़ा जनसमूह यह साबित करता है कि संताली समाज ने अपनी आस्था व परंपरा को आज भी संजो कर रखा है. लुगूबुरु में सृष्टि की वसुंधरा बसती है. पूर्वजों ने यहां कई अनुष्ठान किये.
हमारी सरकार ने राजकीय महोत्सव का िदया दर्जा
परंपरा को कायम रखने की जरूरत : शिबू सोरेन
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने कहा कि जब पूरे झारखंड में महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन चला रहा था, तब कई दफा लुगूबुरु क्षेत्र में आया था. यह आदिवासियों की महान आस्था का केंद्र है. इस परंपरा को नहीं भुलाना है. इसे आगे भी कायम रखने की जरूरत है. मैं भी पिछले कई वर्षों से यहां आकर लुगू बाबा से राज्य के सुख-समृद्धि की कामना करता रहा हूं.
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