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विधानसभा की कई सीटों पर फंसा है पेंच, होगी किचकिच

Updated at : 10 Nov 2018 12:19 AM (IST)
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विधानसभा की कई सीटों पर फंसा है पेंच, होगी किचकिच

रांची : यूपीए के अंदर महागठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है. झामुमो का जोर है कि लोकसभा के साथ ही विधानसभा की सीटें बांट ली जाये. झामुमो के नेतृत्व को प्रोजेक्ट कर चुनाव लड़ा जाये. विधानसभा की सीटों का बंटवारा आसान नहीं है़ कई सीटों पर पेंच फंसने वाला है. सीटिंग सीट और भाजपा […]

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रांची : यूपीए के अंदर महागठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है. झामुमो का जोर है कि लोकसभा के साथ ही विधानसभा की सीटें बांट ली जाये. झामुमो के नेतृत्व को प्रोजेक्ट कर चुनाव लड़ा जाये. विधानसभा की सीटों का बंटवारा आसान नहीं है़ कई सीटों पर पेंच फंसने वाला है. सीटिंग सीट और भाजपा द्वारा जीती हुई सीटों में दूसरे स्थान पर रहनेवाली पार्टियों की दावेदारी का फॉर्मूला तय किया जा रहा है.
लेकिन गुत्थी इससे सुलझने वाली नहीं है. यूपीए के कई कदावर नेताओं की सीट इस फॉर्मूले में फंसने वाली है. वहीं झाविमो की सीटिंग छह ऐसी सीटें हैं, जिसमें उसके विधायक भाजपा में शामिल हो गये़ इन सीटों पर यूपीए के दूसरे दल भी दावेदारी करेंगे. यूपीए के अंदरखाने में एक दूसरे को बैकफुट पर करने की रणनीति बनायी जा रही है.
यूपीए फोल्डर में हटिया, सारठ, बरकट्ठा, सिमरिया, डालटनगंज, चतरा, गांडेय, घाटशिला, जुगसलाई, खिजरी, गढ़वा ऐसी कई सीटें हैं, जिसमें कई दलों की नजर है. हटिया, सारठ, बरकट्ठा, सिमरिया, डालटनगंज सीटों पर झाविमो के पास उम्मीदवारों का फेरा है, तो वहीं यूपीए के दूसरे साथी दलों की तैयारी है. सारठ में झामुमो के नेता व पूर्व विस अध्यक्ष सत्यानंद भोक्ता का मामला फंस रहा है. झामुमो ने श्री भोक्ता के दबाव में ही चुन्ना सिंह को पार्टी में शामिल नहीं किया.
यूपीए के अंदर सीटों में फंसी ऐसी पेंच को सुलझाना होगा : उधर, हटिया सीट पर कांग्रेस की तैयारी है़ डालटनगंज सीट पर भी कांग्रेस के केएन त्रिपाठी जोर लगायेंगे. जबकि चतरा सीट पर राजद की दावेदारी होगी. इस सीट पर झाविमो की भी नजर है. घाटशिला सीट पर कांग्रेस और झामुमो आमने-सामने होगा. घाटशिला सीट पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बलमुचु का मामला फंस रहा है, लेकिन इस सीट पर झामुमो के रामदास सोरेन भी बाजी मारते रहे है़ं
यूपीए के अंदर सीटों में फंसी ऐसी पेंच को सुलझाना होगा. पार्टियों के दिग्गज नेताओें के लिए रास्ता बनाना होगा. सूचना के मुताबिक विधानसभा सीटों के बंटवारे के बिना झामुमो मानने के लिए भी तैयार नहीं होनेवाला है़ ऐसे में लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन का खाका तैयार करने से पहले विधानसभा सीटों के बंटवारे की चुनौती होगी़
दलों मेें मचेगी भगदड़, नेता तलाश सकते हैं ठौर : यूपीए के अंदर सीटों के बंटवारे में नेताओं का मामला फंसा, तो बड़े नेता इधर-उधर कर सकते हैं. यूपीए खेमा में भगदड़ मच सकती है. कई नेता वर्षों से तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में सीट बंटवारे में जमीन गंवाने के लिए तैयार नहीं होंगे. यूपीए फोल्डर में कई नेता अभी वेट एंड वाच के मूड में हैं. भाजपा सहित दूसरे दल इन पर डोरे डाल रहे है़ं
ये भी है पेंच
झाविमो को छोड़ कर भाजपा में शामिल विधायकों की सीट पर दूसरे की भी दावेदारी
सीट बंटवारे में पहले और दूसरे स्थान पर रहने के फॉर्मूले पर भी हो सकती है किचकिच
झामुमो का कहना है कि लोकसभा के साथ ही बांट ली जाये विधानसभा सीट
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