रांची : तीन माह में 100 पीएचसी में टेली मेडिसिन की सुविधा

Updated at : 04 Nov 2018 9:53 AM (IST)
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रांची : तीन माह में 100 पीएचसी में टेली मेडिसिन की सुविधा

संजय रांची : विभिन्न जिलों के 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में टेली मेडिसिन की सुविधा अगले तीन माह में शुरू हो जायेगी. इस केंद्रीय योजना को डिजिटल डिस्पेंसरी सेंटर का नाम दिया गया है. इसके लिए जारी निविदा के बाद न्यूनतम दर वाले अपोलो अस्पताल ग्रुप को संबंधित पीएचसी में टेली मेडिसिन सेंटर बनाने […]

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संजय
रांची : विभिन्न जिलों के 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में टेली मेडिसिन की सुविधा अगले तीन माह में शुरू हो जायेगी. इस केंद्रीय योजना को डिजिटल डिस्पेंसरी सेंटर का नाम दिया गया है. इसके लिए जारी निविदा के बाद न्यूनतम दर वाले अपोलो अस्पताल ग्रुप को संबंधित पीएचसी में टेली मेडिसिन सेंटर बनाने का काम मिला है.
स्वास्थ्य विभाग ने इसका कार्यादेश जारी कर दिया है. इसके मुताबिक अगले 50-60 दिनों में कम से कम 50 सेंटर काम करना शुरू कर देगा. सेंटर पर उपकरण लगाने के अलावा टेली मेडिसिन सर्विस के लिए अपोलो की ओर से ही एनएनए व जीएनएम भी तैनात किये जायेंगे. मरीजों को अपोलो हैदराबाद के चिकित्सक विशेषज्ञ सलाह देंगे. मरीज की धड़कन इ-स्टेथोस्कोप से जांची जायेगी. अन्य जांच भी स्थानीय स्तर पर होगी.
वहीं, हैदराबाद स्थित अपोलो के चिकित्सक संबंधित मरीज के लिए इ-प्रिसक्रिप्शन जारी करेंगे, जिसके आधार पर मरीजों को जेनेरिक दवाएं दी जायेंगी. इस पूरी व्यवस्था पर एक मरीज की जांच पर सरकार 269.50 रु खर्च कर रही है, जिसे न्यूनतम खर्च बताया जा रहा है. सभी टेली मेडिसिन सेंटर सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 से शाम चार बजे तक यानी छह घंटे खुले रहेंगे. निविदा की शर्तों के मुताबिक प्रति सेंटर प्रति दिन कम से कम 10 अोपीडी होना जरूरी है. यह सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी अपोलो ग्रुप की होगी.
यह होगा लाभ : टेली मेडिसिन सेंटर का लाभ दूर-दराज के मरीजों को मिलेगा. बीमार लोगों को बेहतर इलाज के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी होगी तथा उनका खर्च बचेगा. वहीं, रिम्स सहित अन्य अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होने की उम्मीद है. नयी व्यवस्था से वैसे पीएचसी में अोपीडी की संख्या भी बढ़ेगी, जहां अभी यह बहुत कम है.
पांच साल का प्रोजेक्ट : अपोलो अगले पांच साल तक सभी टेली मेडिसिन सेंटर का संचालन करेगा. इसके बाद राज्य सरकार यह व्यवस्था अपने हाथ में ले लेगी. सिस्टम के स्थायित्व के प्रयास इन पांच वर्षों के दौरान ही शुरू होंगे. अंतत: अपोलो, हैदराबाद के स्थान पर रिम्स को एक्सपर्ट सेंटर बना दिया जायेगा.
मूल्यांकन भी होगा : टेली मेडिसिन सेंटर शुरू हो जाने के बाद समय-समय पर सरकार इसकी सर्विस का मूल्यांकन करेगी. इसके लिए मरीजों से भी उनकी राय ली जायेगी तथा संतुष्टि के बारे पूछा जायेगा. सरकार को उम्मीद है कि दूर-दराज के मरीजों को इस व्यवस्था का बेहतर लाभ मिलेगा.
यह जांच होगी : शरीर का तापमान, वजन सहित शारीरिक माप व दिल की धड़कन, पल्स व बीपी माप, नवजात के दिल की धड़कन की मॉनिटरिंग, इसीजी, डिजिटल स्टेथोस्कोप, मलेरिया, होमोग्लोबिन, पेशाब जांच, शरीर में ऑक्सीजन लेबल की जांच, गर्भ धारण पहचान तथा एचआइवी टेस्ट की जांच की जायेगी.
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