रांची : को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के आरोपी की पत्नी बैंक के अध्यक्ष पद की दावेदार

Updated at : 02 Nov 2018 6:07 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के आरोपी की पत्नी बैंक के अध्यक्ष पद की दावेदार

शकील अख्तर कृषि सहकारिता सचिव ने घोटाले के आरोपी के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए कहा, और इधर… रांची : को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के आरोपी जयदेव प्रसाद सिंह की पत्नी विभाग ने बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है. को-ऑपरेटिव के क्षेत्र में इस घटना को घोटालेबाजों के विरुद्ध चल […]

विज्ञापन
शकील अख्तर
कृषि सहकारिता सचिव ने घोटाले के आरोपी के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए कहा, और इधर…
रांची : को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के आरोपी जयदेव प्रसाद सिंह की पत्नी विभाग ने बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है. को-ऑपरेटिव के क्षेत्र में इस घटना को घोटालेबाजों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई पर पर्दा डालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
इस बीच कृषि सहकारिता सचिव पूजा सिंघल ने स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक में हुए निर्माण घोटाले के आरोपी पूर्व महाप्रबंधक के खिलाफ आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित कर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है. साथ ही इस आरोपी अधिकारी को इंटिग्रेटेड को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आइटीडीपी) के अनुश्रवण पदाधिकारी के पद से तत्काल हटाने का आदेश दिया है.
सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निबंधक सहयोग समितियों की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने जयदेव सिंह को बैंक भवन के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी और पीडब्ल्यूडी कोड के उल्लंघन को दोषी पाया है.
इस अधिकारी पर लगे आरोपों के सिलसिले में स्पष्टीकरण मांगा गया था. हालांकि, अब तक स्पष्टीकरण का जवाब नहीं मिला है. इसलिए इस अधिकारी के खिलाफ आरोप गठित करने हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने की अनुशंसा की जाती है.
सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस आइसीडीपी के अनुश्रवण पदाधिकारी के पद से तत्काल हटाने का आदेश दिया है. उल्लेखनीय है कि इस अधिकारी ने को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक के रूप में काम करने के दौरान बैंक भवन के जीर्णोद्धार के 1.23 करोड़ के लागत की एक ही योजना को छह टुकड़ों में बांट दिया था.
इससे तकनीकी स्वीकृति का अधिकार कार्यपालक अभियंता के लिए निर्धारित सीमा में हो गया. सिर्फ इतना ही नहीं इस अधिकारी ने जीर्णोद्धार का काम टेंडर के माध्यम से कराने की सहायक महाप्रबंधक के आदेश को भी रद्द कर दिया और विभागीय स्तर पर काम कराने का फैसला किया. मामले की जांच के दौरान यह पाया गया था कि मापी पुस्तिका में कुल 49.77 लाख का काम दर्ज होने के बावजूद इस मद में 99.96 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया.
अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भी : को-ऑपरेटिव बैंक के चेयर मैन पद के दावेदारों की सूची में घोटाला के आरोप अफसर की पत्नी के अलावा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व का नाम भी शामिल है.
19 नवंबर को होनेवाले को-ऑपरेटिव के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कुल नौ लोगों ने नामांकन दाखिल किया है. इसमें जयदेव सिंह की पत्नी विभाग सिंह के अलावा अभय कांत प्रसाद का नाम भी शामिल है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola