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जलस्रोतों के अतिक्रमण की निगरानी के लिए समिति बनाये सरकार : हाइकोर्ट

Updated at : 13 Oct 2018 1:26 AM (IST)
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जलस्रोतों के अतिक्रमण की निगरानी के लिए समिति बनाये सरकार : हाइकोर्ट

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को जलस्रोतों के रखरखाव व अतिक्रमण को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जलस्रोतों के अतिक्रमण को लेकर समिति बनाने का सुझाव दिया, ताकि इसकी निगरानी होती रहे. […]

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को जलस्रोतों के रखरखाव व अतिक्रमण को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जलस्रोतों के अतिक्रमण को लेकर समिति बनाने का सुझाव दिया, ताकि इसकी निगरानी होती रहे.
खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि जलस्रोतों में प्रतिमाअों के विसर्जन के बाद उसकी साफ-सफाई करायी जाये. राज्य में जलापूर्ति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा. खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की.
इससे पूर्व मामले के एमीकस क्यूरी इंद्रजीत सिन्हा ने खंडपीठ को बताया कि पूर्व में कोर्ट ने सरकार को कई आदेश दिये हैं. दुर्गा पूजा व काली पूजा के बाद नदियों व तलाबों में प्रतिमाअों के विसर्जन के बाद साफ-सफाई होनी चाहिए. इस पर रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने खंडपीठ को बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है.
विसर्जन के बाद जलस्रोतों की साफ-सफाई की जाती है. उल्लेखनीय है कि जलस्रोतों के अतिक्रमण संबंधी प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए हाइकोर्ट ने उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
इधर मुख्य सचिव ने की बैठक, कहा डैमों का जल संग्रह बढ़ायें, नये जलाशय बनायें
रांची़ मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने डैमों के रख-रखाव और उनकी जल संग्रह क्षमता बढ़ाने का भी निर्देश दिया है. नगर विकास, भू राजस्व व पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने राज्य के सभी शहरों के भविष्य की आबादी का आकलन कर व्यवस्था तैयार करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में
सभी डैम 50-60 वर्ष पहले की योजना के मुताबिक बनाये गये हैं. भविष्य की आबादी का पूर्वानुमान कर डैमों का निर्माण कराया गया था. अब आनेवाली पीढ़ियों को जलसंकट से बचाने के लिए भविष्य की जरूरत के हिसाब से जलाशयों का निर्माण किया जाना चाहिए. मुख्य सचिव ने पेयजल स्वच्छता और भू राजस्व विभाग को राजधानी के 50-60 किलोमीटर के दायरे में जलाशय बनाने के लिए सर्वे कराने का निर्देश दिया. वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बढ़ती आबादी की रफ्तार के मद्देनजर मौजूदा जलाशयों का पानी अपर्याप्त बताया. कहा कि जलाशयों के लिए वित्त विभाग पर्याप्त राशि उपलब्ध करायेगा.
पेयजल स्वच्छता सचिव आराधना पटनायक ने बताया कि कांके डैम का कैचमेंट एरिया सिकुड़ गया है. उसे ठीक करने की कार्यवाही की जा रही है. हटिया डैम को तजना डैम से जोड़ने का काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि गेतलसूद डैम का पानी अगले 10 वर्ष तक बढ़ती आबादी को पर्याप्त पानी दिलाने में सक्षम है. मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की. नगर विकास विभाग को निर्देशित किया कि ऐसा नियम बनायें, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक दोबारा स्लम में नहीं लौटे. सुखदेव सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चिह्नित भूमि के लिए नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया.
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