रांची : 870 कर्मचारियों को 20 महीने का वेतन भुगतान 12 से होगा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Sep 2018 6:21 AM
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वेतन मद में होगा 8.12 करोड़ का भुगतान इइएफ व हाइटेंशन सहित पांच कारखानों के कर्मियों काे होगा भुगतान रांची : बिहार राज्य अौद्योगिक विकास निगम के इइएफ टाटीसिलवे, हाइटेंशन इंसुलेटर, मैलुबल कास्ट आयरन व स्वर्णरेखा घड़ी कारखाना, सामलौंग तथा सुपर फास्फेट कारखाना, सिंदरी के कर्मियों को उनके बकाये वेतन का भुगतान होगा. हाइकोर्ट के […]
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वेतन मद में होगा 8.12 करोड़ का भुगतान
इइएफ व हाइटेंशन सहित पांच कारखानों के कर्मियों काे होगा भुगतान
रांची : बिहार राज्य अौद्योगिक विकास निगम के इइएफ टाटीसिलवे, हाइटेंशन इंसुलेटर, मैलुबल कास्ट आयरन व स्वर्णरेखा घड़ी कारखाना, सामलौंग तथा सुपर फास्फेट कारखाना, सिंदरी के कर्मियों को उनके बकाये वेतन का भुगतान होगा. हाइकोर्ट के आदेश के बाद वेतन भुगतान की तैयारी हो गयी है तथा 12 से 15 सितंबर तक यह भुगतान होगा. उक्त कारखानों के कुल 870 कर्मियों को उनके 20 माह के बकाये वेतन मद में 8.12 करोड़ रुपये का भुगतान होना है.
वेतन मद का खर्च करीब 40 लाख रु प्रति माह है. इइएफ, हाइटेंशन, मैलुबल कास्ट व स्वर्णरेखा के कर्मियों को हाइटेंशन मुख्यालय में ही चेक वितरित होगा. वहीं सुपर फास्फेट, सिंदरी के कर्मियों को वहां जाकर चेक दिया जायेगा.
10-15 वर्षों से लंबित है भुगतान : गौरतलब है कि वर्ष 1993 के बाद से यह अब तक का सबसे लंबा (20 माह का) भुगतान है. गंभीर आर्थिक संकट झेल रहे इन कर्मियों के भुगतान के लिए सहमति देने संबंधी कागजात 21 फरवरी को झारखंड हाइकोर्ट में दिये गये थे. पर मंजूरी करीब पांच माह बाद 20 जुलाई को मिली.
इधर सभी कारखानों के प्रभारी अरविंद कुमार राय के मुताबिक यदि कोर्ट ने चाहा, तो अौर छह माह का भुगतान दीपावली के पहले हो सकता है. गौरतलब है कि बिहार सरकार के स्वामित्व वाले बंद हो चुके इन कारखाने के कर्मियों का भुगतान 10-15 वर्षों से लंबित है. कार्यालय में लेखा व सुरक्षा सहित अन्य दैनिक कार्यों में लगे कर्मचारियों को ताजा भुगतान किया जाता है. पर स्थापना के अन्य खर्च सहित इन कर्मियों को भी गत 11 माह से वेतन नहीं मिला है. इन सबको भी भुगतान होना है.
झारखंड सरकार पर बकाया
एक अोर फंड की कमी के कारण इन कारखानों के कर्मचरियों व पदाधिकारियों को वेतन नहीं मिल रहा है. वहीं झारखंड सरकार के पास इनका पैसा बकाया है.
कर्मचारी बीमा अस्पताल (इएसआइ), नामकुम के लिए हाइटेंशन की जमीन वर्ष 1982-83 में ली गयी थी. पर इसका भुगतान करीब 35 वर्षों बाद 29 दिसंबर 2017 को किया गया, वह भी अधूरा. राज्य सरकार ने कारखाने को 8.63 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया था, जो जमीन की कुल लागत से करीब पांच करोड़ कम है. इस पांच करोड़ के लिए पत्राचार जारी है. उधर टाटीसिलवे थाने के लिए दी गयी इइएफ की जमीन की लागत 28 लाख थी. पर इसका दो लाख रुपया अब भी बकाया है. इसकी मांग एसएसपी, रांची से होती रही है.
किसके कितने कर्मियों को कब से भुगतान
कारखाना कितने कर्मियों को कब से
हाइटेंशन इंसुलेटर, सामलौंग 269 फरवरी 2001
इइएफ, टाटीसिलवे 395 अगस्त 1999
मैलुबल कास्ट, सामलौंग 78 फरवरी 2000
स्वर्णरेखा घड़ी कारखाना, सामलौंग अगस्त 1999
सुपर फास्फेट, सिंदरी 86 जनवरी 1999
(उपरोक्त तिथि से 20 माह अागे का तक का भुगतान होगा)
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