कृषि ऋण पर विशेष ध्यान दें बैंक

Updated at : 11 Aug 2018 3:17 AM (IST)
विज्ञापन
कृषि ऋण पर विशेष ध्यान दें बैंक

रांची : बैंक कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दें. सभी बैंक इस पर फोकस करें. नवंबर में राज्य सरकार कृषि सम्मिट का आयोजन कर रही है. इसमें देश भर से लाेग आयेंगे. स्थानीय किसानों की भी भागीदारी होगी. झारखंड के बैंक भी इसमें भाग लेंगे. इसलिए बैंक अभी से ही इसकी तैयारी में लग जायें, ताकि […]

विज्ञापन

रांची : बैंक कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दें. सभी बैंक इस पर फोकस करें. नवंबर में राज्य सरकार कृषि सम्मिट का आयोजन कर रही है. इसमें देश भर से लाेग आयेंगे. स्थानीय किसानों की भी भागीदारी होगी. झारखंड के बैंक भी इसमें भाग लेंगे. इसलिए बैंक अभी से ही इसकी तैयारी में लग जायें, ताकि कृषि ऋण के मामले में सुधार आ सके. ये बातें विकास आयुक्त डीके तिवारी ने शुक्रवार को होटल रेडिशन ब्लू में कही. वे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 64वीं बैठक में बोल रहे थे.

लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं बैंक
उन्होंने कहा कि झारखंड में कृषि ऋण के मामले में निर्धारित 18 प्रतिशत के राष्ट्रीय बेंचमार्क में सभी बैंक अभी पीछे चल रहे हैं. दिये गये लक्ष्य को बैंक पूरा नहीं कर पा रहे हैं. 30 जून 2018 तक कृषि ऋण 18 प्रतिशत की जगह मात्र 15.55 प्रतिशत है. अब इस मामले में किसे दोषी ठहराया जायेे. श्री तिवारी ने कहा कि बैंकों का सीडी रेशियो चिंताजनक है. आंकड़ों के अनुसार 30 जून 2018 तक सीडी रेशियो 59.35 प्रतिशत है. यह भी राष्ट्रीय बेंचमार्क 60 प्रतिशत से कम है.
कई बैंकों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से भी कम पाया गया है. बैंक प्रमुख इस ओर ध्यान दें. मॉनिटरिंग करें, तभी सही तरीके से काम होगा. यह भी कहा कि झारखंड में 5000 की आबादी वाले गांवों में बैंक खोलना है. जबकि राज्य में मात्र एक प्रतिशत ही ऐसे गांव होंगे, जहां इतनी आबादी होगी. बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट कुछ दिन काम करते हैं और इसके बाद गायब हो जाते हैं. बैंक सखी मंडल के सदस्यों को बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट बनाये.
बार-बार केवाइसी से योजनाएं हो रही हैं प्रभावित
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि बैंक द्वारा बार-बार केवाइसी की मांग की जाती है, इससे सरकार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. केवाइसी की प्रक्रिया के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. ग्रामीणों को बार-बार बैंक का चक्कर लगाना पड़ रहा है. उन्होंने सवाल किया कि क्या हर साल केवाइसी देना जरूरी है. राज्य सरकार सखी मंडल को बढ़ावा दे रही है. बैंकों को इनका क्रेडिट लिंकेज करना है. लेकिन बैंकों में 12,500 आवेदन लंबित हैं. ऐसे आवेदनों को जल्द निबटायें.
ग्राम स्वराज अभियान में झारखंड की स्थिति ठीक
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव मदनेश मिश्रा ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान में बैंकों और राज्य सरकार ने बेहतर काम किया हैं. इस अभियान में झारखंड की स्थिति ठीक है. नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 18,900 आवेदन आये हैं. 12,000 से अधिक आवेदन लंबित हैं.
आरबीआइ के महाप्रबंधक संजीव दयाल, बैंक आॅफ इंडिया के महाप्रबंधक शंकर प्रसाद, गृह विभाग झारखंड की स्पेशल सेक्रेटरी तदाशा मिश्रा ने भी विचार रखे. मौके पर झारखंड सरकार के योजना व वित्त सचिव सत्येंद्र सिंह, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक शरद झा, एसबीआइ के महाप्रबंधक एके साहू, एसबीआइ के डीजीएम संजय श्रीवास्तव, सिंडिकेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके दास, बैंक आॅफ इंडिया रांची के जोनल मैनेजर तेजेश्वनर पटनायक सहित अन्य उपस्थित थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola