श्रद्धालुओं ने खींचा रथ, नहीं हुई बारिश
Updated at : 15 Jul 2018 2:51 AM (IST)
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रांची : नौ दिवसीय जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव में आस्था की गंगा बही. हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का रथ खींचा और प्रभु से आशीर्वाद मांगा. इसके पहले शनिवार सुबह चार बजे मंदिर का पट खोला गया. पांच बजे से भक्त दर्शन को आने लगे. दोपहर दो बजे देव विग्रहों को मंदिर के नीचे खड़े रथ तक […]
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रांची : नौ दिवसीय जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव में आस्था की गंगा बही. हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का रथ खींचा और प्रभु से आशीर्वाद मांगा. इसके पहले शनिवार सुबह चार बजे मंदिर का पट खोला गया. पांच बजे से भक्त दर्शन को आने लगे. दोपहर दो बजे देव विग्रहों को मंदिर के नीचे खड़े रथ तक लाया गया.
दोपहर 2.30 बजे तक विग्रहों का शृंगार किया गया और फिर 265 भक्तों के साथ लाक्षार्चना पूजा शुरू हुई. लाक्षार्चना और जगन्नाथाष्टकम पूजा के बाद शाम 5.15 बजे रथयात्रा का शुभारंभ हुआ. भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा शाम 6.00 बजे मौसीबाड़ी पहुंचे. रथ मौसीबाड़ी से 23 जुलाई को मुख्य मंदिर लौटेगा.
मुख्यमंत्री, प्रतिपक्ष के नेता भी लाक्षार्चना में शामिल हुए : लाक्षार्चना में मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधायक नवीन जायसवाल समेत अन्य शामिल हुए.
बारिश नहीं, भक्तों में निराशा
रथ यात्रा के दिन बारिश नहीं होने से लोग निराश दिखे. खास कर किसान. मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित ब्रजभूषण नाथ मिश्र ने बताया कि मान्यता है कि रथ मेला के दिन बारिश होने से पूरे वर्ष अच्छी बारिश होती है. फसल अच्छी होती है और किसान खुश रहते हैं.
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