मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, 70 विद्यार्थियों के नाम झारखंड व बिहार दोनों की मेरिट लिस्ट में

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Jul 2018 12:33 AM

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मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन को लेकर काउंसेलिंग के लिए जारी किये गये हैं नाम रांची : राज्य के मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा का मामला फिर सामने आया है. 70 से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनका नाम झारखंड व बिहार दोनों राज्यों के मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए […]

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मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन को लेकर काउंसेलिंग के लिए जारी किये गये हैं नाम
रांची : राज्य के मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा का मामला फिर सामने आया है. 70 से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनका नाम झारखंड व बिहार दोनों राज्यों के मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए जारी की गयी मेरिट लिस्ट में है.
झारखंड में नामांकन के लिए काउंसेलिंग की तिथि घोषित कर दी गयी है. काउंसेलिंग के जानकार लोगों को कहना है कि एक विद्यार्थी केवल दो ही काउंसेलिंग में शामिल हो सकता है, एक नीट की सेंट्रल काउंसेलिंग में व दूसरा विद्यार्थी द्वारा चयनित राज्य के मेडिकल कॉलेज में.
विद्यार्थी जिस राज्य के मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए काउंसेलिंग में शामिल होना चाहते हैं, उस राज्य का स्थानीय प्रमाण पत्र उनके पास होना अनिवार्य है. ऐसे मेंअगर बिहार के विद्यार्थी झारखंड के मेडिकल काॅलेज में नामांकन के लिए काउंसेलिंग में शामिल होते हैं, तो वे फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का सहारा ले सकते हैं. एक विद्यार्थी एक साथ देश के दो राज्य के स्थानीय निवासी होने का लाभ नहीं ले सकता है.
चयनित विद्यार्थियों के नाम व रैंक
नाम झारखंड बिहार
अनिश कुमार 01 04
शिवांगी सिन्हा 08 12
आस्तिक 16 47
शिवम कुमार 20 74
निशा कुमारी 23 75
नाम झारखंड बिहार
नितिन कुमार 29 115
रुक्या खातून 33 146
रवि कुमार 35 174
शिवम कुमार 37 176
अाशीष शर्मा 40 184
गत वर्ष भी हुआ था फर्जीवाड़ा
वर्ष 2017 में भी झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए हुई काउंसेलिंग में काफी संख्या में दूसरे राज्य के विद्यार्थी शामिल हुए थे. इनमें बिहार के विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक थी. वर्ष 2017 में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए हुई काउंसेलिंग में लगभग 86 ऐसे विद्यार्थी थे, जिनके नाम बिहार व झारखंड दोनों की मेरिट लिस्ट में थे.
इनमें से कई विद्यार्थियों का नामांकन भी राज्य के मेडिकल कॉलेजों में हुआ था. अगर एक विद्यार्थी एक साथ दो राज्य के मेडिकल कॉलेज की काउंसेलिंग में शामिल होते हैं, तो उसके एक राज्य का स्थानीय प्रमाण पत्र फर्जी होगा.
विभाग की ओर से कही गयी थी कार्रवाई की बात
मेडिकल व डेंटल कॉलेज में नामांकन के लिए हुई काउंसेलिंग में गत वर्ष हुए फर्जीवाड़ा को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया था. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद से रिपोर्ट मांगी थी. दोषी लोगों पर कार्रवाई की बात कही गयी थी.
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