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हौसले को सलाम : रामगढ़ के गिद्दी में एक एकड़ बंजर भूमि पर खेती कर उगाये 110 क्विंटल तरबूज

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
तरबूत की खेत में खड़े किसान
तरबूत की खेत में खड़े किसान
फोटो : प्रभात खबर

गिद्दी : बलसगरा के तीन किसानों ने एक एकड़ बंजर भूमि में 110 क्विंटल तरबूज की खेती की है. लॉकडाउन के कारण बाजार नहीं मिल पाया, लेकिन किसानों ने गांव-गांव में घूम कर इसकी बिक्री की. शुरुआत में तरबूज को 20 रुपये किलो बेचा. अंत में किसानों को आठ रुपये किलो तक बेचना पड़ा. किसानों को अपेक्षित मुनाफा नहीं हुआ. किसानों का कहना है कि उन्हें 90 हजार की आमदनी हुई है. पेश है प्रभात खबर प्रतिनिधि अजय की एक रिपोर्ट...

बलसगरा के किसान गंगेश्वर महतो, दिलीप महतो, मनोज महतो ने एक एकड़ बंजर भूमि में टपक सिंचाई विधि से तरबूज की खेती की थी. इस भूमि में लगभग 20 वर्षों से कोई खेती नहीं हो रही थी. किसानों ने हिम्मत दिखायी और आधुनिक खेती की. टपक सिंचाई विधि से पानी बर्बाद नहीं होता है. इसलिए इसी विधि से खेती की. लॉकडाउन के कारण तरबूज बेचने में किसानों को परेशानी हो रही थी. किसानों ने योजना बनायी और ऑटो में तरबूज को रख कर गांव-गांव में बिक्री की.

किसानों ने कहा कि हालात मुश्किल हैं, लेकिन मेहनत करने से रास्ता भी निकलता है. तरबूज की इस खेती में सपोर्ट संस्था की चुरचू ऊर्जा नारी महासंघ का मार्गदर्शन भी किसानों के लिए मददगार साबित हुआ. किसान गंगेश्वर महतो, दिलीप महतो व मनोज महतो ने कहा कि लॉकडाउन के कारण तरबूज उचित दाम पर नहीं बिक पाया. जितना लाभ हमें होना चाहिए, वह नहीं हुआ. इसके बावजूद हमलोग निराश नहीं हैं.

कृषि विज्ञान केंद्र रामगढ़ के डॉ दुष्यंत राघव ने कहा कि तरबूज स्वास्थ्य के लिए गर्मी के दिनों में बेहद उपयोगी है. इसके सेवन से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोगियों के लिए तरबूज काफी लाभदायक है.

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