सड़क निर्माण की मांग पर वन विभाग से आर-पार के मूड में 20 गांव के लोग, सीएम आवास के घेराव की दी चेतावनी

Published by :Mithilesh Jha
Published at :05 Dec 2025 5:54 PM (IST)
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Villagers Protest in Bandgaon for Road Construction

बंदगांव और गुदड़ी प्रखंड के बीच सड़क निर्माण की मांग शुरू करने की मांग पर 20 गांव के लोगों ने की बैठक. फोटो : प्रभात खबर

Villagers Protest: पश्चिम सिंहभूम के गुदड़ी और बंदगांव प्रखंड को जोड़ने वाली 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण फिर से शुरू करने की मांग तेज हो गयी है. 20 गांव के लोगों ने बैठक करके वन विभाग के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. कहा है कि अगर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण फिर से शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. सीएम और डीसी के आवास का घेराव ग्रामीण करेंगे. फिर भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो अनिश्चितकाल के लिए एनएच-75 को जाम कर देंगे.

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Villagers Protest| बंदगांव (पश्चिमी सिंहभूम), अनिल तिवारी : पश्चिमी सिंहभूम के अति नक्सल प्रभावित बंदगांव प्रखंड के 20 गांवों के लोग वन विभाग से आर-पार के मूड में हैं. शुक्रवार को चंपवा पंचायत के चाकोमटोनांग गांव में 20 गांव के लोग जुटे और वन विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की रणनीति पर विचार-विमर्श किया. कहा कि अगर वन विभाग ने तोमरोम से कोटिया तक 16 किलोमीटर सड़क निर्माण की अनुमति नहीं दी, तो रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा. डीसी कार्यालय, वन विभाग और आरईओ के कार्यालय का घेराव किया जायेगा. एनएच 75 को भी काम किया जायेगा.

मुखिया कानू तैसुन की अध्यक्षता में हुई बैठक

चंपवा पंचायत के चाकोमटोनांग गांव में मुखिया कानू तैसुन की अध्यक्षता में हुई 20 गांव के लोगों की बैठक में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष जोदुराय मुंडरी, कांग्रेस के युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष रवि मुंडरी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता गोयरा रुगु भी उपस्थित थे.

गुदड़ी और बंदगांव को जोड़ेगी 16 किमी लंबी सड़क

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2022 में तोमरोम से कोटिया तक 16 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गयी थी. ठेकेदार ने सड़क का निर्माण शुरू कर दिया था. 2 दिन बाद ही वन विभाग ने सड़क निर्माण को बंद करा दिया. इसके बाद आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया. इसकी वजह से 20 गांव के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रहीं हैं. यह महत्वपूर्ण सड़क गुदड़ी एवं बंदगांव प्रखंड को जोड़ती है.

एनएच-75 को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने की धमकी

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क यहां के लोगों के कमाने-खाने और रोजगार का मुख्य आधार है. ग्रामीणों ने कहा कि विधायक, सांसद और उपायुक्त को आवेदन देकर कई बार इस सड़क के निर्माण की मांग की गयी. बावजूद इसके, अब तक वन विभाग ने एनओसी नहीं दी है. इसकी वजह से सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो रहा. ग्रामीणों ने कहा कि अब 20 गांव के लोग वन विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. जरूरत पड़ी, तो एनएच-75 को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया जायेगा.

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एनएच जाम करने से पहले होगा सीएम आवास का घेराव

ग्रामीणों ने कहा एनएच-75 पर अनिश्चितकालीन जाम से पहले रांची में मुख्यमंत्री आवास, चाईबासा में डीसी कार्यालय, वन विभाग कार्यालय और आरईओ कार्यालय का घेराव किया जायेगा. मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि इस मांग के समर्थन में वह ग्रामीणों के साथ हैं. सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो मुख्यमंत्री आवास से लेकर डीसी कार्यालय, वन विभाग के कार्यालय का घेराव होगा.

मुखिया बोले- अधिकारी लोगों की समस्या को समझें, सड़क बनायें

मुखिया ने कहा कि सभी पदाधिकारी ग्रामीणों की समस्या को समझें. जल्द से जल्द वन विभाग एनओसी दे. अन्यथा आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासी समुदाय से आते हैं. उन्हें हमलोगों का दर्द समझना चाहिए.

सड़क नहीं होने की वजह से होती हैं कई प्रकार की दिक्कतें

मुखिया ने कहा कि सड़क नहीं होने की वजह से बीमार लोगों को समय पर अस्पताल ले जाने में दिक्कतें होतीं हैं. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. क्षेत्र के विकास के लिए सड़क जरूरी है. सड़क नहीं होने की वजह से कोई पदाधिकारी गांव तक नहीं आते. हमारे गांव का विकास रुका हुआ है. अब वक्त आ गया है, ग्रामीण जाग चुके हैं. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे.

कांग्रेस नेता जोदराय बोले- आदिवासियों का शोषण बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष जोदराय मुंडरी ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए जरूरत पड़ी, ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे. वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अब आदिवासियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. वन विभाग सर्वे करके जल्द से जल्द एनओसी दे, ताकि गुदड़ी और बंदगांव प्रखंड को सड़क मार्ग से जोड़ा जा सके.

झामुमो के गोयरा बोले- वन विभाग ने नहीं दी एनओसी, तो उग्र आंदोलन

झामुमो के वरिष्ठ नेता गोयरा रुगु ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग काफी पुरानी है. विधायक जगत मांझी और सांसद जोबा मांझी को ग्रामीणों ने लिखित आवेदन दिया है. फिर भी काम शुरू नहीं हुआ. वन विभाग की उदासीनता की वजह से यहां सड़क नहीं बन पा रही है. वन विभाग ने जल्द एनओसी नहीं दिया, तो उग्र आंदोलन होगा.

20 गांव के लोग अब जाग चुके हैं, सड़क निर्माण पूरी होनी चाहिए – रवि मुंदरी

कांग्रेस के युवा प्रखंड अध्यक्ष रवि मुंदरी ने कहा कि चंपाबा पंचायत के 20 गांव के ग्रामीण अब जागृत हो चुके हैं. सड़क निर्माण की उनकी मांग पूरी होनी चाहिए. अगर सड़क नहीं बनी, तो ग्रामीण सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे. बैठक को 20 गांव के मानकी मुंडा ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से ग्राम मुंडा स्टीफन बाडिंग, पौलुस मुंडा, सैमुअल हंस, बिरसा बोदरा समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.

Villagers Protest: बैठक में इन गांवों के लोग हुए शामिल

  • चंपवा
  • तोमरोंग
  • रोडो
  • चाकोमटोनांग
  • ममाइल
  • इचा गुटु
  • सियांगकेल
  • लोंगाबेड़ा
  • डारूंग
  • आरिपीडी
  • साइनबोर्ड
  • सुमरन
  • कोचा
  • सिमकोडा
  • जोमताय
  • कोटया
  • तुंटुकेल
  • बीती
  • उरुडिंग

7 घंटे चली बैठक, सभी मानकी मुंडा ने किया संबोधित

सड़क निर्माण की मांग के लिए बुलायी गयी बैठक 7 घंटे तक चली. सभी मानकी मुंडा को अपनी बात रखने का मौका दिया गया. सभी ग्रामीण जंगल क्षेत्र के दूर-दराज से आये थे. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वन विभाग ने जल्द से जल्द सर्वे कराकर सड़क निर्माण के लिए एनओसी नहीं दी, तो आंदोलन होगा. मुख्यमंत्री आवास, डीसी कार्यालय, वन विभाग एवं आरईओ ऑफिस का घेराव किया जायेगा. एनएच को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया जायेगा.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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