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आदिवासी, दलित व पिछड़ों के मसीहा थे : संजीव बेदिया

Updated at : 04 Aug 2025 9:56 PM (IST)
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आदिवासी, दलित व पिछड़ों के मसीहा थे : संजीव बेदिया

झारखंड आंदोलन के प्रणेता, जन-जन के प्रेरणास्रोत व आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन राज्य की सामाजिक-राजनीतिक चेतना के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

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उरीमारी. झारखंड आंदोलन के प्रणेता, जन-जन के प्रेरणास्रोत व आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन राज्य की सामाजिक-राजनीतिक चेतना के लिए एक अपूरणीय क्षति है. यह बात झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य व हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कही. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु आदिवासी, दलित व पिछड़े वर्गों के संघर्ष के प्रतीक थे. उन्होंने अपने जीवन को जल-जंगल-जमीन की रक्षा व आदिवासी अधिकारों की बहाली के लिए समर्पित कर दिया. श्री बेदिया ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड के जिन सपनों को लेकर आंदोलन शुरू किया था, वह सिर्फ एक राजनीतिक लक्ष्य नहीं था. बल्कि एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत थी. उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. पिता समान गुरुजी मेरे आदर्श थे. मैं जब भी चुनाव खड़ा हुआ, तो वे अस्वस्थता के बावजूद मेरी चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचते थे. ..राजद ने जताया शोक भुरकुंडा. शिबू सोरेन के निधन पर राष्ट्रीय जनता दल ने शोक व्यक्त किया है. नेताओं ने कहा कि उनका निधन झारखंड व यहां के लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है. उनके निधन से राजनीति व सामाजिक चेतना के एक युग का अंत हो गया है. शोक व्यक्त करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष गिरधारी गोप, संतोष यादव, प्रेमकुमार साहू, अल्लाउद्दीन मंसूरी, बबन पांडेय, संजय यादव, वाहिद अंसारी, ललन सिंह, राजेंद्र यादव, बैजनाथ कुमार, शौकत खान, संतोष मिश्रा, गोविंद बड़ाइक, नरेश बेदिया, असगर अंसारी, जवाहिर यादव, राजन तुरी, जयदेव सिंह, गणेश बेदिया, अलीजान मियां, रघुनाथ सिंह, दिनेश बेदिया शामिल हैं. देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है : ममता देवी रामगढ़. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर रामगढ़ की विधायक ममता देवी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. विधायक ममता देवी ने कहा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. यह सिर्फ झारखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज व देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है. मैं व्यक्तिगत रूप से उन्हें एक मार्गदर्शक, एक प्रेरणा और एक अभिभावक के रूप में देखती रही हूं. उनका आशीर्वाद और उनकी विचारधारा सदैव हमारे पथ को आलोकित करती रहेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

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