लाठी-डंडे से लैस ग्रामीणों ने अवैध शराब भट्ठियों को नष्ट किया

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Dec 2024 7:45 PM

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झारखंड-बिहार के सीमावर्ती थाना क्षेत्र के तेतरिया केवाल के जंगली इलाके में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध महुआ शराब की भट्ठी को ग्रामीणों ने ध्वस्त कर दिया.

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हरिहरगंज. झारखंड-बिहार के सीमावर्ती थाना क्षेत्र के तेतरिया केवाल के जंगली इलाके में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध महुआ शराब की भट्ठी को ग्रामीणों ने ध्वस्त कर दिया. सुदूर इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब की चुलायी हो रही है. अवैध महुआ शराब के कारोबार से स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान हैं. सोमवार को एकजुट होकर ग्रामीणों ने शराब भट्ठी को ध्वस्त कर दिया. वहीं शराब बनाने में उपयोग में लायी जानेवाली सामग्रियों को जला दिया. कई बार ग्रामीणों ने शराब निर्माण पर रोक लगाने के लिए चेतावनी भी दी थी. लेकिन इस कारोबार में जुड़े माफियाओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा था. सोमवार को ग्रामीणों ने परेशान होकर लाठी-डंडे लेकर शराब की भठ्ठी पर धावा बोल दिया. इस दौरान करीब पांच सौ लीटर निर्मित और 10 क्विंटल अर्ध निर्मित महुआ शराब को नष्ट कर दिया. साथ ही करीब 25 प्लास्टिक का ड्राम शराब बनाने वाले उपकरणों को आग के हवाले कर दिया गया. ग्रामीण पिंटू कुमार यादव ने कहा कि इसकी सूचना आबकारी विभाग तथा स्थानीय पुलिस को भी दी गयी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिसके बाद ग्रामीणों को खुद आगे आना पड़ा. ग्रामीणों का उग्र रूप देख शराब माफिया भाग निकले. झारखंड-बिहार के सीमावर्ती जंगली क्षेत्र में शराब का धंधा चरम सीमा पर है. बताया जा रहा है कि तस्कर जंगल की लकड़ी से शराब बनाने की भट्ठी चलाते हैं. हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर भट्ठियों को ध्वस्त किया गया है, लेकिन जंगली और पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से पुलिस भी शराब पर रोक लगाने में कामयाब नहीं हो पा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में लगे पेड़ को कटाई कर शराब बनाने में उपयोग किया जा रहा है. एक तरफ शराब बना कर पीने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, वहीं जंगल में लगे पेड़ की कटाई से पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है. बिहार में शराब बंद होने के बाद झारखंड व बिहार के सीमावर्ती इलाका में शराब बनाकर बिहार में बड़े पैमाने पर शराब की सप्लाई की जा रही है. अभियान में भोला यादव, रामप्रवेश भुइयां, इंद्रदेव यादव, नागेंद्र कुमार, विपुल भुइयां, अमित भुइयां, विनय कुमार सहित काफी संख्या में ग्रामीण शामिल थे.

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