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पलामू के मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से लगा सोलर सिस्टम एक वर्ष बाद भी चालू नहीं

Updated at : 04 Jan 2024 5:35 AM (IST)
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पलामू के मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से लगा सोलर सिस्टम एक वर्ष बाद भी चालू नहीं

कंपनी के द्वारा एक कर्मी को रांची से भेजा गया है. वह एक-दो दिन रहकर यहां से वह चला जाता है. फिर भी यह सोलर सिस्टम चालू नहीं हो पाया है.

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शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर:

पलामू के पोखराहा खुर्द स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से लगा 80 केवीए का सोलर प्लेट एक साल बाद भी चालू नहीं हो पाया है. बिजली कटने के बाद मेडिकल कॉलेज में अंधेरे छा जाता है. इस कैंपस में करीब 400 मेडिकल के विद्यार्थी रहते है. बिजली कट जाने के बाद पढ़ाई भी पूरी तरह से बाधित हो जाता है. साथ ही सारा कार्य ठप हो जाता है. रांची के सुजाता चौक के पास आइटी नामक कंपनी के द्वारा मेडिकल कालेज में सोलर सिस्टम लगाया गया है. सोलर सिस्टम लगने के बाद अभी तक चालू भी नहीं किया गया है. आइटी कंपनी को जेरेडा के माध्यम से दो मार्च 2022 को इसे लगाने का आदेश दिया गया था.

जिसके बाद कंपनी ने 2022 के अंत तक सिस्टम तो लगा दिया. लेकिन सिस्टम लगाने के बाद चालू नहीं किया गया. कंपनी के द्वारा बैटरी व मेडिकल कॉलेज के छत पर सोलर प्लेट लगाने में काफी जगह लिया गया है. इसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के द्वारा कई बार कंपनी को पत्राचार भी किया गया है. लेकिन कंपनी के द्वारा खाना पूर्ति किया गया है. कंपनी के द्वारा एक कर्मी को रांची से भेजा गया है. वह एक-दो दिन रहकर यहां से वह चला जाता है. फिर भी यह सोलर सिस्टम चालू नहीं हो पाया है.

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पावर डिस्ट्रीब्यूशन के कारण नहीं हो पाया है चालू

कंपनी आइटी कंपनी के अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि पावर डिस्ट्रीब्यूशन सही ढंग से नहीं किया गया है. कंपनी से 12 सितंबर को एक कर्मी को भेजा गया था. लेकिन फिर भी चालू नहीं हो पाया है. बताया कि 10 से 12 जनवरी तक फिर से एक कर्मी को भेजा जायेगा. उसे चालू कराने की कोशिश की जायेगी. काम खत्म होने के बाद कंपनी के द्वारा बिजली का काम किया गया है

हम लोगों की कोई जिम्मेवारी नहीं है : कार्यपालक अभियंता

झारखंड भवन निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार झा ने बताया कि भवन निर्माण निगम के द्वारा 2022 में ही मेडिकल कॉलेज का काम खत्म कर दिया गया है. इसके बाद आईटी कंपनी के द्वारा बिजली का काम शुरू किया गया है. जबकि आईटी कंपनी को दो मार्च 22 को ही काम मिला था. इसलिए अब हम लोगों की कोई जिम्मेवारी नहीं है.

लाइन कटने से हो जाता है अंधेराः प्राचार्य

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ कार्मेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रभार लेने के छह माह से अधिक हो गया. लेकिन अभी तक यह चालू नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि लाइन कटने के बाद पूरा मेडिकल कॉलेज में अंधेरा हो जाता है.सोलर सिस्टम लगने के बाद अभी तक चालू नही हो पाया है. मेडिकल कॉलेज के पास जो जनरेटर है वह 500 केवीए का है. जिसमें एक घंटा में 35 से 40 लीटर डीजल खर्च करना पड़ता है.

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