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सेवती डैम को जीर्णोद्वार की जरूरत, मिलेगा किसानों और पर्यटन को बढ़ावा

Updated at : 22 Jun 2025 11:04 PM (IST)
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सेवती डैम को जीर्णोद्वार की जरूरत, मिलेगा किसानों और पर्यटन को बढ़ावा

पलामू जिले के तरहसी के जंगलों पहाड़ों के बीच स्थित एक डैम है, जो करीब 10 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ है.

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प्रतिनिधि, तरहसी

पलामू जिले के तरहसी के जंगलों पहाड़ों के बीच स्थित एक डैम है, जो करीब 10 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ है. इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है. नव वर्ष में पिकनिक मनाने के लिए यहां लोगों की भीड़ उमड़ती है. लेकिन समय के साथ इसकी हालत खराब हो गयी है. हालांकि जंगलों के बीच इस डैम का निर्माण जंगल के पानी को रोकने के लिए ही किया गया था. लेकिन पर्यटन के लिहाज से भी यह काफी महत्वपूर्ण हो गया था. दरअसल जंगलों का पानी जब गांव में उतरता था, तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी. अत्यधिक बारिश होने से सिकनी, सेवती, पकरी, सुग्गी, अरकांडा , बेदानी, मठपुरही तिर्वा, तेलडिया आदि गांव तक पानी पहुंच जाता था. जिससे किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचता था. स्थानीय लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए तत्कालीन विधायक अब स्वर्गीय संकेटेश्वर सिंह उर्फ संतु बाबू से बात रखी थी. जिसके बाद उन्होंने जंगल के पानी रोकने के लिए सेवती में डैम बनवाने का प्रस्ताव एकीकृत बिहार सरकार को दी थी. फिर उनके पहल पर बिहार सरकार ने सिंचाई विभाग से 1983-84 में डैम का निर्माण करवाया. डैम को बनाने से पूर्व में जो राजस्व गांव प्रभावित होते थे, वे अब लाभान्वित होने लगे थे.समय-समय पर खेती का पटवन होने लगा. लेकिन डैम के निर्माण के समय संसाधन और तकनीकी युक्त खुदाई उपकरण का अभाव था, जिसके कारण उसका गहरीकरण नहीं किया जा सका था. अब उक्त डैम का जीर्णोद्वार और गहरी खुदाई करने की आवश्यकता है. किसानों कहना है कि यदि इस डैम की गहरायी की जाती है और पांकी बराज का नहर जो पाटन प्रखंड की ओर जाती है. यदि उसका पानी सेवती डैम में गिराया जाता है, तो इस डैम से तरहसी प्रखंड के कई दर्जन गांव लाभान्वित होंगे. साथ-साथ जल स्तर भी बरकरार रहेगा. इतना ही नहीं सालों भर जंगली जानवरों को पीने का पानी भी मिलता रहेगा. साथ ही यदि डैम के तट पर पौधारोपण किया जायेगा, तो खूबसूरती के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में यह क्षेत्र विकसित हो सकेगा.

क्या कहते हैं लोग

मुखिया बबन प्रसाद, मनजरूर हक, विलास महतो ,पवन प्रसाद का कहना है कि अभी सेवती डैम की उपयोगिता शून्य हो गयी है .विभागीय पदाधिकारियों को डैम के निरीक्षण कर खुदाई एवं सुंदरीकरण किया जाना चाहिए. इससे किसान व आम आवाम लाभान्वित हो सकेगा. डैम की खुदाई व खूबसूरत बनाने पर न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि सालोंभर यहां पर्यटकों का आना लगा रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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